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सहारनपुर में कांग्रेस के इमरान मसूद को मिल सकता है भीम आर्मी का समर्थन, जल्द ऐलान संभव

सहारनपुर में कांग्रेस के इमरान मसूद को मिल सकता है भीम आर्मी का समर्थन, जल्द ऐलान संभव

भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की फाइल फोटो

भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की फाइल फोटो

दरअसल, समर्थन की घोषणा सहारनपुर में सोमवार को राहुल-प्रियंका की रैली में होनी थी. लेकिन ख़राब मौसम की वजह से रैली रद्द हो गई, जिसकी वजह से इमरान मसूद को समर्थन की घोषणा नहीं हो सकी.

    बसपा सुप्रीमो मायावती और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के बीच जारी वाक् युद्ध में अब एक नया मोड़ आ गया है. भीम आर्मी ने सहारनपुर में गठबंधन प्रत्याशी हाजी फजलुर्रहमान की जगह कांग्रेस के इमरान मसूद को समर्थन देने का ऐलान किया है. कहा जा रहा है कि मेरठ में सोमवार को मायावती की रैली के दौरान भीम आर्मी समर्थकों के साथ मारपीट और पोस्टर फाड़े जाने के बाद यह फैसला लिया गया है.

    सहारनपुर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने सोमवार देर रात कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद से मुलाक़ात भी की. कहा जा रहा है कि आज प्रियंका के रोड शो के दौरान भीम आर्मी के समर्थक भी शामिल होंगे, जहां समर्थन का ऐलान हो सकता है. दरअसल, समर्थन की घोषणा सहारनपुर में सोमवार को राहुल-प्रियंका की रैली में होनी थी. लेकिन ख़राब मौसम की वजह से रैली रद्द हो गई, जिसकी वजह से इमरान मसूद को समर्थन की घोषणा नहीं हो सकी. कांग्रेस की इस रैली में हजारों की संख्या में भीम आर्मी के समर्थक भी पहुंचे थे.

    इमरान मसूद का मायावती पर हमला, बोले- पहली बार किसी दलित नेता से डरीं बसपा सुप्रीमो

    कहा जा रहा है कि मायावती द्वारा चंद्रशेखर आजाद को बीजेपी का बी टीम बताने और साजिश रचने के आरोप से भीम आर्मी खफा है. रविवार को देवबंद में हुई गठबंधन की पहली संयुक्त रैली में भी भीम आर्मी के समर्थक पहुंचे थे. इस दौरान जमकर चंद्रशेखर जिंदाबाद के नारे भी लगे थे. इस रैली में मायावती ने मुसलामानों को एकजुट होकर गठबंधन प्रत्याशी को वोट करने की अपील भी की थी. उन्होंने कहा था कि मुस्लिम भ्रमित न होकर गठबंधन को वोट करें.

    बता दें सहारनपुर में भीम आर्मी की अच्छी पकड़ मानी जाती है. दलित युवाओं में चंद्रशेखर लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे हैं. ऐसे में अगर इमरान मसूद को समर्थन का ऐलान होता है तो यह गठबंधन के लिए अच्छी स्थिति नहीं होगी. गौरतलब है कि पिछले दिनों देवबंद में एक रैली निकालने के दौरान पुलिस से हुई झड़प में चंद्रशेखर की तबीयत ख़राब हो गई थी. इसके बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी उनकी हॉस्पिटल में उनसे मिलने भी गईं थी. तब कहा जा रहा था कि भीम आर्मी कांग्रेस को समर्थन का ऐलान कर सकती है. लेकिन मुलाकात के बाद चंद्रशेखर ने समर्थन की बात को खारिज करते हुए गठबंधन को ही समर्थन की बात कही थी.

    लेकिन इसके बाद मायावती ने चंद्रशेखर पर हमला करते हुए ट्वीट किया और उन्हें बीजेपी की बी टीम बताया. उन्होंने लिखा, "दलितों का वोट बांटकर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए ही बीजेपी भीम आर्मी के चन्द्रशेखर को वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़वा रही है. यह संगठन बीजेपी ने ही षडयंत्र के तहत बनवाया है और इसकी आड़ में भी अपनी दलित-विरोधी मानसिकता वाली घिनौनी राजनीति कर रही है. बीजेपी ने गुप्तचरी करने के लिये पहले चन्द्रशेखर को बी.एस.पी. में भेजने का प्रयास किया लेकिन उनका यह षडयंत्र विफल रहा. अहंकारी, निरंकुश व घोर जातिवादी व साम्प्रदायिक बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिये आपका एक-एक वोट बहुत कीमती है. इसे किसी भी हाल में बर्बाद नहीं होने दे."

    इसके बाद चंद्रशेखर ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मायावती कुछ लोगों के बहकावे में आकर बहुजन मिशन से भटक गई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मायावती बसपा राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्रा के बहकावे में आकर पार्टी में सवर्णों को टिकट दे रही हैं. चंद्रशेखर ने पूछा था कि मायावती बताएं सवर्णों का बहुजन मिशन में क्या योगदान था.

    इससे पहले सहारनपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद ने मायावती पर हमला बोला. इमरान मसूद ने कहा कि मायावती पहली बार किसी दलित नेता से डर गई हैं, वरना दलितों में उन्होंने किसी नेता को पनपने नहीं दिया. मसूद ने कहा कि मायावती को भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर से डर है. चंद्रशेखर का इस इलाके में कितना प्रभाव है, उसका पता 23 तारीख को चलेगा.

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    Tags: Chandrashekhar Azad, Congress, Imran Masood, Lok Sabha Election 2019, Saharanpur news, Saharanpur S24p01

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