होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /अम‍ित शाह की रैली में जय श्रीराम के नारे लगाने वाले मुस्लिम युवक को यूपी सरकार ने दी सुरक्षा, जानें क्‍यों?

अम‍ित शाह की रैली में जय श्रीराम के नारे लगाने वाले मुस्लिम युवक को यूपी सरकार ने दी सुरक्षा, जानें क्‍यों?

अहसान राव का कहना है कि उलेमाओं के कुछ कहने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है. भगवान राम हमारे पूर्वज हैं और हम सभी श्रीराम के वंशज हैं. (Video Grab)

अहसान राव का कहना है कि उलेमाओं के कुछ कहने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है. भगवान राम हमारे पूर्वज हैं और हम सभी श्रीराम के वंशज हैं. (Video Grab)

Saharanpur News: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि अहसान राव नामक व्यक्ति ने कुछ नारेबाजी की ...अधिक पढ़ें

सहारनपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सहारनपुर में 2 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की रैली में जय श्रीराम के नारे (Jai Shri Ram Slogan) लगाने वाले मुस्लिम युवक अहसान राव (Ehsan Rao) को जिला पुलिस (Police) ने सुरक्षा मुहैया कराई है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि अहसान राव नामक व्यक्ति ने कुछ नारेबाजी की थी जिसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थी, इस संबंध में अहसान राव ने सहारनपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सुरक्षा मांगी थी. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अहसान राव के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई है.

बीजेपी समर्थक माने जाने वाले अहसान राव ने बताया कि उनके नारे लगाने से नाराज कुछ कट्टरपंथी रंजिश रखने लगे थे, जिसकी वजह से उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की थी. जय श्रीराम का नारा लगाने वाले अहसान राव ने मीडिया के सामने आकर कहा, ‘देखिए भगवान राम हमारे पूर्वज हैं और हम सभी श्रीराम के वंशज हैं. मुझे जय श्रीराम बोलने में या भारत माता की जय बोलने में कोई दिक्कत नहीं है. जिस मुल्क में हम रह रहे हैं उसकी जय-जयकार करनी चाहिए.’

ये भी पढ़ें: जय श्रीराम’ का नारा लगाने पर विवाद, देवबंद के ऐतराज पर बोला शख्स- हम श्रीराम के वंशज

देवबंद के मुफ्ती ने जताया था कड़ा ऐतराज 
उधर दारुल उलूम देवबंद के मौलाना मुफ़्ती असद कासमी ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया था और इस गलती के लिए अल्लाह से माफी मांगने की सलाह दी है. उलेमा मुफ़्ती असद कासमी ने कहा कि इस्लाम के अंदर इस तरह के नारे लगाने की कोई गुंजाइस नहीं है. इस शख्स को चाहिए कि मौलानाओं से मिलकर रुजू करे और अल्लाह से तौबा करे. उन्होंने कहा कि अपने दुनियाबी आकाओं को खुश करने के लिए इस तरह के नारे नहीं लगाने चाहिए, क्योंकि इस तरह के नारे लगाने से इंसान इस्लाम से जाया हो जाता है.

Tags: Saharanpur news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें