सहारनपुर में सावधान! ऑनलाइन कुत्ता बेचने के नाम पर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

शातिर ठगों ने ऑनलाइन कुत्ता बेचने के नाम पर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को अपना शिकार बनाया है (फोटो: pexels/Chevanon Photograp)
शातिर ठगों ने ऑनलाइन कुत्ता बेचने के नाम पर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को अपना शिकार बनाया है (फोटो: pexels/Chevanon Photograp)

सहारनपुर पुलिस और साइबर सेल को देश के कई राज्यों से ऑनलाइन कुत्ता बेचने (Online Dog Seller) के नाम पर ठगी किए जाने की शिकायत मिली है. इसके मुताबिक शातिर ठग अकाउंट में एडवांस पैसे लेने के बावजूद भी ग्राहक के पास कुत्ता नहीं भेजते. गिरोह के सदस्य ज्यादातर महिलाओं को ही अपना शिकार बना रहे हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2020, 8:52 PM IST
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सहारनपुर. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (Saharanpur) में ऑनलाइन कुत्ता बेचने के नाम पर ठगी और फर्जीवाड़े (Online Dog Seller) का पर्दाफाश हुआ है. यह शातिर गुजरात, असम, मध्य प्रदेश आदि दूर-दराज के इलाकों में कुत्तों की सप्लाई करने का दावा कर इसकी आड़ में ऑनलाइन ठगी (Online Fraud) करते हैं. इसका खुलासा उस समय हुआ जब मध्य प्रदेश की रहने वाली निशि नाम की युवती ने साइबर सेल (Cyber Cell) को मेल कर यह शिकायत की कि सहारनपुर के एक शख्स ने उन्हें कुत्ता बेचने की बात कही. इसके लिए ऑनलाइन उनकी डील 20 हजार रुपये में तय हुई थी. निशि के मुताबिक उसने एडवांस के तौर पर चार हजार रुपए कुत्ता बेचने वाले के अकाउंट में डाल दिए लेकिन अभी तक उसने न तो कुत्ता भेजा और न ही अब वो उसका फोन उठा रहा है.

कुत्ता बेचने के नाम पर किए गए ठगी और फर्जीवाड़े का यह कोई इकलौता मामला नहीं है. इसी तरह गुजरात के सूरत से एक व्यक्ति ने भी सहारनपुर पुलिस को फोन कर शिकायत की है कि उसे सहारनपुर निवासी युवक ने ऑनलाइन कुत्ता बेचा था. इसके लिए उससे पांच हजार रुपए भी लिए गए थे लेकिन कुत्ता नहीं भेजा. इसी तरह की कई अन्य शिकायतें भी पुलिस और साइबर सेल को मिल रही हैं. खास बात है कि इस ठग गिरोह के सदस्य ज्यादातर महिलाओं को ही अपना शिकार बना रहे हैं.

ऑनलाइन कुत्ता बेचने के नाम पर बनाते हैं ठगी का शिकार 



पुलिस के मुताबिक फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क से जुड़े शातिर कुत्ता बेचने का झांसा देकर पीड़ित व्यक्ति से पांच से दस हजार तक ठगी करते हैं. इसकी वजह है कि कुत्ता खरीदने वाले अच्छे परिवार से होते हैं और वो इतनी रकम आसानी से भेज देते हैं. यही नहीं बाद में वो इस पर ज्यादा ध्यान भी नहीं देते. रकम बैंक अकाउंट में भेजने के बाद जब निश्चित तारीख पर खरीदार के पास कुत्ता नहीं पंहुचता तो वो फोन करता है. इसके बाद ठगों की बहानेबाजी शुरू होती है पहले वो कुत्ते को बीमार बता देते हैं. दो-चार दिन बाद जब फिर फोन आता है तो एक या दो दिन में कुत्ता भेजने का झांसा देते हैं. इस तरह दो-चार बार होने के बाद पीछा छुड़ाने के लिए शातिर ठग अपना मोबाइल बंद कर लेते हैं, क्योंकि उनका मानना होता है कि कुत्ते खरीदने वाले अधिकांश लोग अमीर होते हैं, वो काफी दूर से यहां नहीं आना चाहते. इस तरह कुछ दिन बाद वो इसे भुला देते हैं.
वहीं इस पर पुलिस का कहना है कि उसने हाल में ही कुत्ता बेचने के नाम पर ठगी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया था. जबकि कई मामलों में पुलिस कार्रवाई करते हुए पीड़ित को ठगी गई रकम वापस करा चुकी है.
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