अपना शहर चुनें

States

अयोध्या: कृषि कानूनों के समर्थन में साधु-संतों ने किया हवन, बोले- किसानों को सदबुद्धि दे भगवान

अयोध्या में तपस्वी छावनी के महंत और साधु-संतों ने कृषि कानूनों के समर्थन में हवन किया.
अयोध्या में तपस्वी छावनी के महंत और साधु-संतों ने कृषि कानूनों के समर्थन में हवन किया.

अयोध्या (Ayodhya) में कृषि कानून (Agricultural laws) के समर्थन में तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास महराज ने हवन यज्ञ किया और किसानों (Farmers) के सदबुद्धि देने की प्रार्थना की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 24, 2021, 7:00 PM IST
  • Share this:
अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) में तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास महराज ने कृषि कानूनों (Agricultural Laws) के समर्थन में हवन-पूजन किया और किसानों (Farmers) को सदबुद्धि देने की कामना की. परमहंस दास ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को नकली किसान बताया. उनका कहना है कि कृषि सुधार कानून किसानों के लिए संजीवनी का काम कर रहा है, लेकिन नकली किसानों को असली किसानों का हित अच्छा नहीं लग रहा है इसलिए वो लोग कृषि कानूनों के विरोद में प्रदर्शन कर रहे हैं. परमहंस दास ने दिल्ली में धरने पर बैठे किसानों को चाइना पाकिस्तान और खालिस्तानी समर्थक को का जमावड़ा तक कह डाला.

किसान बिल के विरोध में पूरे देश में किसान धरने पर बैठे हैं और लगातार कृषि सुधार कानून को हटाने की मांग कर रहे हैं. वहीं अयोध्या को संतों को यह लगता है कि यह कानून किसानों के हित में है और जो लोग विरोध कर रहे हैं वह नकली किसान हैं. उनको धरना दे रहे किसान चाइना, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और खालिस्तान के समर्थक लग रहे हैं, जो देश में अनियमितता फैलाना चाहते हैं.

काशी-विश्वनाथ मंदिर प्रशासन पर उठे सवाल, 26 से अनशन करेंगे महंत कुलपति तिवारी



परमहंस दास ने कहा कि किसान बिल का विरोध कर रहे किसानों की वजह से असली किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि प्रधानमंत्री की मंशा है कि किसानों के जीवन स्तर में सुधार हो. इसी क्रम में आज अयोध्या के भगवान सूर्य का एकमात्र मंदिर सूर्य कुंड मंदिर पर रविवार को भगवान आदित्य नारायण की पूजा की गई. संतों ने भगवान से आंदोलन कर रहे किसानों को सद्बुद्धि देंने की प्रार्थना की.
नये कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत राज्यों के किसान धरना दे रहे हैं. उनकी मांग है कि नये कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए. किसानों का कहना है कि इस कानून से किसान व्यापारियों को औने-पौने दामों पर अनाज बेचने के लिए मजबूर हो जाएंगे. इसको लेकर किसानों की सरकार के साथ 12वें दौर की बैठक बेनतीजा रही है. अब किसान 26 जनवरी को दिल्ली की सड़ों पर ट्रैक्टर परेड करेंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज