DM के निर्देश पर 7 महीने बाद कब्र से निकाला जाएगा शव, ये है वजह

मौत के 7 महीने व मुकदमा दर्ज करने के लगभग 2 महीने इंतजार करने के बाद न्याय न मिलने पर परिजनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा. फिर साजिद के शव को निकाले का आदेश हुआ है.

Arj Dev Singh | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 8:00 PM IST
Arj Dev Singh | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 8:00 PM IST
उत्‍तर प्रदेश के पीलीभीत के एक परिवार ने इच्छामृत्यु मांगते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा है. इसके बाद एक्शन में आये डीएम ने संबंधित एसएचओ को शव कब्र से निकलकर पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए हैं. आपको बता दें कि पीलीभीत के एक परिवार ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपते हुए इच्छामृत्यु की मांग की थी.

दरअसल, जनपद के पूरनपुर कोतवाली इलाके के शेरपुर कलां निवासी परिवार के चार सदस्यों ने आरोप लगाते हुए कहा कि 31 वर्षीय साजिद की हत्या पिछले साल 23 नवम्बर को हुई थी. शव सड़क किनारे बरामद किया गया था और बाइक भी वहीं से मिली. साजिद की संदिग्ध मौत के बाद पंचनामा तो किया गया, लेकिन पूरनपुर पुलिस द्वारा उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया गया. परिजनों का आरोप है कि क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने की बात कहते हुए साजिद के शव को परिजनों को सौंप दिया गया और बाद में शव को शेरपुर कलां के कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया.

परिजनों ने लगाया ये आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके भाई साजिद की हत्या कर सड़क किनारे नाली में कूड़े के ढेर में दबा हुआ शव बरामद किया गया, जिसमें चार आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई थी, लेकिन पूरनपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया. परिजनों ने बताया कि साजिद का बड़े भाई के ससुराल पक्ष की लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिससे लड़की पक्ष नाराज रहता था. यही वजह थी कि उसकी हत्या की गई.

परिजनों को लेना पड़ा न्‍यायालय का सहारा
परिजनों द्वारा न्यायालय का सहारा लेना पड़ा और बीती 18 मई को न्यायालय ने पूरनपुर पुलिस को एफआईआर के आदेश दिए. इधर एसपी मनोज कुमार सोनकर के निर्देश पर पूरनपुर एसएचओ केशव कुमार तिवारी ने हत्या की एफआईआर तो दर्ज कर दी, लेकिन शव का पोस्‍टमार्टम नहीं कराया गया. साजिद की मौत के बाद परिजनों ने साजिद की मोटरसाइकिल आंगन में खड़ी कर रखी है और घर में सन्नाटा पसरा हुआ है.

सात महीने बाद उठाया ये कदम
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मौत के 7 महीने व् मुकद्मा दर्ज करने के लगभग 2 महीने इंतजार करने के बाद न्याय न मिलने पर परिजनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा, जिसके बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लिया और एसएचओ पूरनपुर को आदेशित किया कि वह शव को निकालकर पोस्‍टमार्टम कराएं. परिजन डीएम दरबार से न्‍याय मिलने के बाद अब वहां इंतजार कर रहे हैं, जहां साजिद की लाश एक कब्र में दफ़न है. अब देखने वाली बात ये है कि पूरनपुर पुलिस उसके शव को निकालने के लिए कब एक्शन में आती है.

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First published: July 9, 2019, 7:31 PM IST
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