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संभल: कभी मुलायम के बाद राम गोपाल ने बनाया था रिकॉर्ड, अब यादव परिवार से दूर है ये सीट

फाइल फोटो
फाइल फोटो

2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संभल सीट का परिसीमन बदलते हुए यादव बाहुल्य गुन्नौर व बिसौली सीटों को बदायूं सीट से जोड़ दिया गया. इसके बाद बदले हालात में मुलायम परिवार का कोई सदस्य संभल सीट से चुनाव लड़ने के लिए नहीं आया.

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संभल लोकसभा सीट कभी मुलायम परिवार का गढ़ रही. लेकिन अब ऐसा नहीं है. 2004 के बाद से इस सीट पर यादव कुनबे का कोई सदस्य मैदान में नहीं उतरा. इस बार सपा-बसपा गठबंधन के बाद बदले माहौल में वैसे यहां से यादव परिवार के दो सदस्यों की दावेदारी सामने आ रही थी. लेकिन आखिरकार प्रत्याशी गैर यादव परिवार का ही उतारना तय हुआ. दरअसल टिकट घोषणा से पहले सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी पुत्रवधू अपर्णा यादव और मैनपुरी से मौजूदा सासद तेज प्रताप यादव के संभल से चुनाव लड़ने की बात सामने आ रही थीं.

दरअसल संभल सीट से चुनाव लड़ने के लिए सपा में घमासान मचा था. यादव परिवार के अलावा इस सीट से 2014 में बेहद कम वोट के अंतर से हारे सपा के पूर्व सांसद डॉ शफीकुर्रहमान बर्क भी अपनी दावेदारी कर रहे थे. आखिरकार बर्क की दावेदारी परिवार के सदस्यों पर भारी पड़ी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके नाम का ऐलान प्रत्याशी के तौर पर कर दिया.

1998 में मुलायम ने लड़ा था चुनाव 



सीट पर यादव परिवार के रसूख की बात करें तो 1998 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव संभल सीट से मैदान में उतरे तो यहां की जनता ने उन्हें डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों से जिताया था. इसके बाद 1999 में भी मुलायम सिंह यादव को यहां से जीत मिली. फिर 2004 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई डॉ रामगोपाल यादव को संभल से चुनाव लड़ने के लिए भेजा गया. रामगोपाल यादव ने इस बार यहां से रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की.
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प्रोफेसर राम गोपाल यादव (File Photo)


परिसीमन के बाद नहीं लड़ा यादव परिवार

2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संभल सीट का परिसीमन बदलते हुए यादव बाहुल्य गुन्नौर व बिसौली सीटों को बदायूं सीट से जोड़ दिया गया. इसके बाद बदले हालात में मुलायम परिवार का कोई सदस्य संभल सीट से चुनाव लड़ने के लिए नहीं आया. लेकिन इस बार बसपा और सपा के बीच गठबंधन से एक बार फिर तस्वीर बदलती दिख रही है. ऐसे में मुलायम परिवार एक बार फिर वापसी के संकेत दे रहा है. पहले रामगोपाल यादव ने इस सीट से चुनाव लड़ने के संकेत दिए. अखिलेश और डिंपल को भी चुनाव लड़ाने को लेकर मंथन हुआ. अब अपर्णा यादव और तेज प्रताप यादव में से किसी एक को लड़ाने पर फैसला किया जा रहा है.

अपर्णा यादव को लेकर चर्चाएं तेज हैं

इस बीच संभल सीट से अपर्णा यादव को लेकर चर्चाएं तेज हैं, सोशल मीडिया पर खबर चल रही है कि अपर्णा यादव इस सीट से सपा प्रत्याशी होंगीं. हालांकि अपर्णा यादव ने इस पर खुलकर तो कुछ नहीं कहा लेकिन गेंद नेताजी (मुलायम) और अखिलेश यादव के पाले में डाल दी है. उन्होंने न्यूज18 से बातचीत में कहा कि उनके मेंटर और राजनीतिक गुरु मुलायम सिंह यादव ही उनके किस्मत का फैसला करेंगे.

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मुलायम सिंह यादव के साथ उनकी बहू अपर्णा यादव (File Photo)


तेज प्रताप यादव के लिए भी चाहिए सुरक्षित सीट

वहीं मुलायम परिवार के एक और सदस्य तेज प्रताप सिंह यादव को चुनाव लड़ाने को लेकर भी मंथन तेज है. तेज प्रताप यादव मैनपुरी से सांसद हैं. इस बार इस सीट से मुलायम सिंह यादव मैदान में हैं. अखिलेश ने तेज प्रताप को लेकर कहा भी था कि वे युवा हैं, उनके लिए किसी और सीट खोजी जाएगी. अब वह सीट कौन सी होगी? देखना दिलचस्प होगा.

फ़िलहाल यादव परिवार की तरफ से मुलायम मैनपुरी, डिंपल यादव कन्नौज, धर्मेंद्र यादव बदायूं, अक्षय प्रताप यादव फिरोजाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं. अभी अपर्णा, अखिलेश और तेज प्रताप के टिकट का ऐलान नहीं हुआ है. रामगोपाल यादव चुनाव लड़ेंगे की नहीं? इस पर भी फैसला नहीं हुआ है.

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