पुलिसवालों के शवों को नसीब नहीं हुई एंबुलेंस, सब्जी ढोने वाले टेम्पो से ले गए अस्पताल

कैदियों की जिस पुलिस वैन में यह घटना हुई, उसकी हालत बहुत खराब थी. उसे धक्का देकर स्टार्ट करना पड़ता है. बुधवार रात भी मौके से वैन ले जाने के लिए पुलिस वालों ने धक्का मारकर वैन को चालू करवाया.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 18, 2019, 6:14 PM IST
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Updated: July 18, 2019, 6:14 PM IST
यूपी के सम्भल जिले में कुछ अज्ञात बदमाशों ने दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी और तीन कैदियों को छुड़ा फरार हो गए. इस वारदात के बाद यूपी पुलिस अपने ही साथियों के शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस का इंतजाम न कर सकी. शवों को आनन-फानन में  अस्पताल तक सब्जी ढोने वाले टेम्पो में अस्पताल पहुंचाया गया.

वहीं, दूसरी तरफ पता चला है कि जिस पुलिस वैन में यह हादसा हुआ है, उसकी हालत बहुत खराब थी. उसे धक्का देकर स्टार्ट करना पड़ता है. बुधवार रात भी मौके से वैन ले जाने के लिए पुलिसवालों ने धक्का-मारकर वैन को चालू करवाया. उस वैन से शवों को अस्पताल ले जाना तो संभव ही नहीं था.

घायल पुलिसवालों की जान बचाना प्राथमिकता थी: डीजीपी

मामले में प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि घटना के बाद घायल पुलिसवालों की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता थी, इसलिए हमने किसी प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं  किया और जो साधन था, उसी साधन से अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ कैदियों के लेकर मुरादाबाद जा रही एक वैन को अज्ञात बदमाशों ने बनियाठेर इलाके में जबरन रोक लिया. इस हमले में उन्होंने सुरक्षा में तैनात सिपाहियों हरेन्द्र और बृजपाल को गोली मार दी. इस दौरान दोनों घायल सिपाहियों की मौत हो गई और बदमाश पुलिसकर्मियों की रायफल और तीन कैदियों को साथ लेकर फरार हो गये.

मुख्‍यमंत्री योगी ने इस वारदात में शहीद हुए दोनों पुलिसकर्मियों के परिजन को 50-50 लाख रुपये की सहायता और प्रत्येक शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी को असाधारण पेंशन तथा परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने के भी आदेश दिए हैं.

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First published: July 18, 2019, 4:47 PM IST
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