विदेश में जा बसीं यूपी के इस गांव की महिला ग्राम प्रधान, फिर भी निकलता रहा सरकारी खजाने से धन

अब्दुल फत्ताह ने अपना प्रचार कर पत्नी को लड़ाया था प्रधानी का चुनाव
अब्दुल फत्ताह ने अपना प्रचार कर पत्नी को लड़ाया था प्रधानी का चुनाव

सेमरियावां ब्लॉक के दरियाबाद गांव की ग्राम प्रधान सायमा फत्ताह (Sayma Fattah) चुनाव जीतने के बाद बहरीन चली गईं और वापस नहीं लौटीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 24, 2020, 11:36 AM IST
  • Share this:
संतकबीरनगर. उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर (Sant Kabir Nagar) जिले में सरकारी महकमे में फैले भ्रष्टचार (Corruption) का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. जिले में लगभग पांच साल से एक महिला ग्राम प्रधान (Gram Pradhan) के नाम पर धोखाधड़ी का अनूठा मामला सामने आया है. जिले के सेमरियावां ब्लॉक के दरियाबाद गांव की ग्राम प्रधान सायमा फत्ताह चुनाव जीतने के बाद बहरीन चली गयी और वह वापस नहीं लौटीं, लेकिन उनके विदेश में रहने के बाद भी उनके फर्जी दस्तखत से सरकारी विकास कार्यों के लिए लाखों रुपए के भुगतान का खेल चलता रहा. प्रधान के देश से बाहर होने की जानकारी से जिम्मेदार अनजान बने रहे. प्रधानी के कार्यकाल के चार वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी भी अधिकारी ने प्रधान कहां है इसकी सुध नहीं ली.

ग्रामीण की शिकायत पर हुआ खुलासा
गांव के एक व्यक्ति की शिकायत के बाद पुलिस ने प्रधान पति समेत गांव के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. जिले में इस मामले को लेकर हड़कंप मचा है. दरअसल, दरियाबाद गांव की महिला ग्राम प्रधान सायमा फत्ताह ग्राम प्रधानी चुनाव जीतने के बाद बहरीन चली गईं. बहरीन जाने के बाद वह गांव में आईं ही नहीं, लेकिन सरकारी दस्तावेज में वह प्रधानी चलाती रहीं. गांव में विकास कार्यों से लेकर कल्याणकारी योजनाओं में उनके हस्ताक्षर से लाखों का भुगतान होता रहा. बहरीन में रहकर सायमा द्वारा अपने गैंग से प्रधानी का लाभ उठाने के लिए नियम-कानून को ताक पर रख दिया गया. गांव के ही चार लोग अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी साइन कर सरकारी खाते से धन निकालते रहे. इस मामले में गांव के एक व्यक्ति की शिकायत के बाद मामला खुला कि ग्राम प्रधान चुनाव जीतने के बाद सायमा कभी भारत आयी ही नहीं, लेकिन ग्राम सभा से लेकर शांति कमेटी की दर्जनों बैठक में उनके हस्ताक्षर मौजूद मिले.

मुकदमा दर्ज
आरोप है कि सायमा की गैर हाजिरी में प्रधान के पति अब्दुल फत्ताह और गांव के रहने वाले सुहेल अहमद, बेलाल, लालचन्द नाम के व्यक्ति अवैध तरीके से प्रधानी पद संभालने लगे. इस दौरान प्रधान सायमा फत्ताह के फर्जी साइन से तमाम कार्य योजनाओं में लाखों रुपये का भुगतान किया गया. पूरा मामला उजागर होने पर गांव के एक व्यक्ति रंगी लाल की शिकायत पर प्रधान पति अब्दुल फत्ताह समेत चार लोगों के खिलाफ दुधारा पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस ग्राम प्रधान सायमा के पासपोर्ट और इनकी ट्रैवेल हिस्ट्री की भी जांच कर रही है.



पंचायत सचिव की मिलीभगत से चलता रहा खेल
वर्ष 2015 में प्रधानी का चुनाव हुआ था. ग्रामीणों के मुताबिक तब से लेकर आज तक प्रधान गांव में कब आईं यह किसी को नहीं मालूम. कार्यकाल के करीब पांच वर्ष के दौरान दरियाबाद गांव में तीन ग्राम पंचायत सेक्रेटरी कार्य कर चुके हैं, लेकिन इनमें से किसी ने अधिकारियों को ग्राम प्रधान के गांव में नहीं होने की जानकारी नहीं दी. इस बीच विकास के नाम पर लाखों रुपये फर्जी तरीके से निकाल लिए गए. जब कि पंचायत राज अधिनियम के मुताबिक ग्राम प्रधान के 15 दिन से समय तक के लिए बाहर जाने पर इसकी सूचना ब्लॉक पर अधिकारियों को देनी होती है. लेकिन कई साल से विदेश रह रही ग्राम प्रधान ने इसकी जानकारी किसी को नही दी और न ही प्रधान के साथ काम करने वाले पंचायत सेकेट्री ने अपने दायित्‍वों का निर्वहन किया. ग्राम प्रधान की गैरमौजूदगी में भी फर्जी तरीके से सरकारी धन निकलता रहा. मामला सामने आने के बाद अधकारियों में हड़कंप है. पूरे मामले के जांच के आदेश दिए गए है और प्रधान का खाता सीज कर दिया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज