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संतकबीरनगर: पुलिस कस्टडी में युवक की मौत से हड़कंप, जांच के आदेश

UP: संतकबीरनगर में एक युवक की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है.

UP: संतकबीरनगर में एक युवक की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है.

Santkabirnagar News: संतकबीरनगर की डीएम दिव्या मित्तल और एसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि मौत के हर पहलुओं पर जांच शुरू कर दी गई है. इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी.

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संतकबीरनगर. उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर (Santkabirnagar) में बखिरा थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति की पुलिस अभिरक्षा (Police Custody) में मौत (Death) हो गई. इस घटना से पुलिस पर सवाल खड़े होने लगे हैं. मौत की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया. परिजनों ने पुलिस पर पिटाई कर हत्या (Murder) का आरोप लगाया है.

आपको बता दें कि बखिरा थाना के शिवबखरी निवासी (45 वर्षीय) बहरैची का बेटा गांव की एक लड़की को एक सप्ताह पूर्व लेकर फरार हो गया था. लड़की के पिता की तहरीर पर लड़के के पिता पर पुलिस द्वारा दबाव बनाया जाने लगा. इसके बाद बखिरा पुलिस लड़के के पिता बहरैची को थाने उठा ले आई, जहां पर बहरैची की चोट लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

मामला गंभीर देख पुलिस ने आनन-फानन में बहरैची को घायल समझकर इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गई, यहां पर चिकित्सकों ने बहरैची को मृत घोषित कर दिया. यह पता चलते ही बखिरा पुलिस बॉडी को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गई. धीरे-धीरे मामला तूल पकड़ने लगा और कुछ देर बाद इसकी जानकारी एसपी डॉ. कौस्तुभ और डीएम दिव्या मित्तल को हुई.

उन्होंने मामला को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जिला अस्पताल पर पहुंचकर घटना की जानकारी लेना शुरू कर दी. इसके बाद वहां पर डीआईजी अनिल कुमार राय भी पहुंच गए और घटना की जानकारी लेते हुए परिजनों से पूछताछ कर बखिरा थाने पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया. उन्होंने जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. अब पूरा मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि पुलिस की बात में कितना सच्चाई है.

आखिर क्यों तीन दिन तक बैठाई रही पुलिस

बखिरा थाने की पुलिस ने लड़की भगाने के मामले में युवक के पिता को रविवार के 11 बजे सुबह से ही थाने पर बिठाई रही. मंगलवार रात में चोट लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई. यह मामला लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रहा है. उनका सवाल है कि आखिर उसकी मौत कैसे हुई? जब वह पुलिस के अभिरक्षा में था.

बखिरा पुलिस ने परिजनों को बताया कि बहरैची को थाने पर सीढ़ी से उतरते समय थोड़ी चोट लग गई है, जो जिला अस्पताल में भर्ती है, जाकर देख लो. जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो देखा डेड बॉडी पड़ी है, जिसे बखिरा पुलिस छोड़कर फरार हो गई थी.

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

मौके पर पहुंचे डीएम दिव्या मित्तल और एसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि  इस मौत के हर पहलुओं पर जांच शुरू कर दी गई है. इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी.

डॉक्टरों की पैनल करेगा पोस्टमॉर्टम, वीडियो रिकॉर्डिंग भी

घटना की जानकारी होते ही डीआईजी अनिल कुमार राय ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से जानकारी प्राप्त किया. उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद उन्होंने बखिरा थाने पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया.

पुलिस पर पैसा लेकर हत्या करने का आरोप

बखिरा पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए मृतक बहरैची की पत्नी दुर्गावती देवी ने बताया कि रविवार को सुबह ही पुलिस मुझे और मेरे पति को थाने ले गई, लेकिन हमें छोड़ दिया. मेरे पति को थाने में बैठा लिया. उन्होंने कहा कि विपक्षी से पैसा लेकर पुलिस ने मेरे पति को मार डाला.

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संतकबीरनगर : दिल्ली से शव लेकर बिहार जा रही एंबुलेंस खड़े कंटेनर में घुसी, दो की मौत, तीन घायल

संतकबीरनगर में हुए हादसे में एंबुलेंस के परखचे उड़े.

Road accident : यह हादसा शहर कोतवाली के NH28 बूधा कला पेट्रोल पंप के पास हुआ है. बताया जा रहा है कि दिल्ली से डेड बॉडी लेकर यह एंबुलेंस बिहार जा रही थी. संतकबीरनगर के पास एनएच 28 के पेट्रोल पंप के पास एक कंटेनर खड़ा था. तभी पीछे से आई एंबुलेंस इस खड़े कंटेनर में जा घुसी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 17:02 IST
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संतकबीरनगर. यूपी के संतकबीरनगर में शनिवार सुबह खड़े कंटेनर में तेज रफ्तार आई एंबुलेंस की टक्कर हो गई. इस सड़क हादसे में मौके पर ही 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 3 लोग घायल हैं. इस हादसे में घायल हुए तीनों लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया.

यह हादसा शहर कोतवाली के NH28 बूधा कला पेट्रोल पंप के पास हुआ है. बताया जा रहा है कि दिल्ली से डेड बॉडी लेकर यह एंबुलेंस बिहार जा रही थी. संतकबीरनगर के पास एनएच 28 के पेट्रोल पंप के पास एक कंटेनर खड़ा था. तभी पीछे से आई एंबुलेंस इस खड़े कंटेनर में जा घुसी. इस भीषण टक्कर में एंबुलेंस में सवार 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग जख्मी हो गए. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जबकि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.

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पुलिस के मुताबिक, यह एंबुलेंस दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल से एक डेड बॉडी लेकर मोतिहारी जा रही थी. राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर सड़क के किनारे खड़े कंटेनर में यह एंबुलेंस घुस गई. इस हादसे में बिहार के 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि जबकि एंबुलेंस चालक समेत 3 लोग घायल हो गए. घायलों को एनएचआई के जरिए एंबुलेंस से बस्ती के जिला अस्पताल भिजवाया गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.

UP: सीएम योगी का माफियाओं को संदेश, बोले- अगर गरीब, किसान का जीना हराम करेगा, तो हमारी सरकार उसका जीना हराम कर देगी

अगर गरीब, किसान का जीना हराम करेगा, तो हमारी सरकार उसका जीना हराम कर देगी (File photo)

Sant Kabir Nagar News: उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें विकास को लेकर कभी गंभीर नहीं रहीं. भाई भतीजावाद, जाति- पाति और दबंगई चरम पर थी, लेकिन जब से यूपी में भाजपा की सरकार बनी तब से विकास की गति तेज हुई है.

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संतकबीरनगर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने रविवार को संतकबीरनगर (Sant Kabir Nagar) जिले के नव निर्मित जिला कारागार परिसर में जिला कारागार का लोकार्पण और अन्य योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती सरकार में माफिया को मिले सत्ता के संरक्षण पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि माफिया के लिए हमारा संदेश बिलकुल स्पष्ट है. माफिया यदि गरीब, किसान, व्यापारी का जीना हराम करेगा तो हमारी सरकार उसका जीना हराम कर देगी. सरकार ने यह करके दिखाया भी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि संतकबीरनगर में जिला कारागार बन जाने से अब यहां के कैदियों को बस्ती नहीं भेजना पड़ेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कारागार सुधारगृह के रूप में आदर्श कारागार बनेगा.

योगी ने कहा कि सूबे के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी. कई जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो गए हैं. जिन जिलों में अभी इसकी शुरूआत नहीं हुई है वहां भी पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा. इसके साथ ही गोरखपुर में एम्स बनकर तैयार हो गया है, जिसका लोकार्पण शीघ्र ही किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें विकास को लेकर कभी गंभीर नहीं रहीं. भाई भतीजावाद, जाति- पाति और दबंगई चरम पर थी, लेकिन जब से यूपी में भाजपा की सरकार बनी तब से विकास की गति तेज हुई है.

बखिरा का बर्तन उद्योग करेगा पूरी दुनिया में नाम
इसमें संतकबीरनगर जिला भी शामिल है. उन्होंने कहा कि खलीलाबाद को रेडीमेड का हब बनाने की अपार संभावना है. इसके लिए संसाधन उपलब्ध कराने और मार्केट की व्यवस्था करने के लिए सरकार ने प्रयास किए हैं. आने-वाले दिनों में बखिरा का बर्तन उद्योग भी पूरी दुनिया में अपनी पहचान कायम करेंगे. इसके लिए कलस्टर योजना शुरू की गई है. सीएम योगी ने कहा कि अब समय बदल चुका है साढ़े चार साल पहले जो सरकार थी वो भाई- भतीजावाद और वंशवाद करती थी तुष्टीकतरण के नाम पर आप के हक पर डकैती डालने का काम करती थी.

अपना घर को जरूर नीलाम करवा देगा…
गुंडागर्दी और दंगा प्रदेश की पहचान बन चुका था, नौजवानों की नौकरी को इन के द्वारा नीलाम कर दिया जाता था. जब नौकरी निकलती थी एक परिवार के लोग नौकरी लेकर जगह-जगह वसूली करने निकल पड़ते थे, आज अगर कोई नौकरी नीलाम करने का प्रयास करेगा तो नौकरी तो नहीं नीलाम कर पाएगा अपने घर को जरूर नीलाम करवा देगा.

सपा-बसपा और कांग्रेस पर किया प्रहार
सीएम ने कहा कोरोना को लेकर सरकार ने अच्छा काम किया. कल्पना करिए सपा, बसपा और कांग्रेस के समय में यह महामारी आई होती तो क्या होता. जैसे आज केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली के अंदर हुआ अगर वैसी स्थिति आती तो क्या होता उत्तर प्रदेश में कितने लोग मरते, जिन लोगों ने अपने परिवार को खोया है उन के प्रति हमारी संवेदना है, हर पीडित परिवार के साथ सरकार खड़ी है, जो बच्चे निराश्रित हुए उन बच्चों के लालन पालन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार ने ली है, 4 हजार रूपए उन बच्चों को हर महीने सरकार दे रही है.

OMG: बाढ़ के पानी में फंसे सैकड़ों बंदर, भूख से तड़पता देख खाना लेकर पहुंचे लोग

रसूलाबाद में एक बगीचे में पेड़ पर फंसे बंदरों को खाना देते ग्रामीण.

UP Flood: संतकबीरनगर में बाढ़ की वजह से एक बगीचे में पिछले लगभग 15 दिनों से फंसे हैं सैकड़ों बंदर. ग्रामीणों ने किया भूखे बंदरों के खाने-पीने का इंतजाम तब प्रशासन भी हरकत में आया. डीएम ने वन विभाग को दिया जरूरी निर्देश.

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संतकबीरनगर. जनपद में बारिश के पानी से सभी नदियां उफान पर हैं, ऐसे में इंसानों के साथ-साथ जानवरों को भी संकट का सामना करना पड़ रहा है. संत कबीर दास की नगरी मगहर के पास रसूलाबाद से ऐसी ही एक तस्वीर आई है. यहां आमी नदी के किनारे पर एक बगीचे में लगभग 500 मीटर के दायरे में पेड़ पर 40-50 बंदर बाढ़ में फंस गए हैं. चारों तरफ पानी से घिरे इन बंदरों का भूख-प्यास से हाल बेहाल है. बंदरों को भूख से तड़पता देखकर आखिरकार कुछ गांव वालों का दिल पसीजा और वे पानी में तैर कर बंदरों के लिए खाना लेकर पहुंचे.

पिछले लगभग 15 दिनों से लगातार बारिश के कारण संत कबीरनगर की आमी नदी उफान पर है. अन्य नदियों के साथ ताल-तलैया भी लबालब हैं. ऐसे में मगहर के किनारे आमी नदी के पानी से घिरा रसूलाबाद के सिवान में बगीचे के पेड़ों पर मौजूद इन बंदरों को सूझ नहीं रहा कि जाएं तो जाएं कहां. बगीचे में लगभग 5 फीट की ऊंचाई तक पानी भरा है, इस कारण ये बंदर पेड़ पर से उतर भी नहीं सकते.

मछुआरे की नजर पड़ी
आमी नदी के किनारे पेड़ पर फंसे लगभग 100 से ज्यादा बंदरों पर सबसे पहले स्थानीय मछुआरे की नजर पड़ी. मछुआरा अपने नाव पर मछली पकड़ रहा था, इसी दौरान बगीचे के पेड़ों पर उसे चहलकदमी करते हुए बंदर दिखे. मछुआरे ने गांव वालों को इसकी जानकारी दी. गांव के सामाजिक कार्यकर्ता रामशंकर यादव ने युवाओं की एक टोली बनाकर बंदरों को खाना पहुंचाने का फैसला किया.

युवाओं की ये टोली पानी में तैरकर उस बगीचे के पास पहुंची और भूख से तड़प रहे बंदरों को फल-सब्जी और खाने के अन्य सामान पहुंचा. रसूलाबाद के ग्रामीणों ने प्रशासन से इन भूखे बंदरों को जल्द से जल्द बाढ़ के बीच से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की गुहार लगाई है. मामला सुर्खियों में आया तो प्रशासन भी चौकस हुआ. जिले की डीएम दिव्या मित्तल ने वन विभाग को बंदरों के खाने-पीने का इंतजाम करने का निर्देश दिया है.

अनोखी पहल: बंदर की मौत से दुखी ग्रामीणों ने निकाली शव यात्रा, अयोध्या में किया अंतिम संस्कार

संतकबीर नगर में बंदर की मौत से दुखी ग्रामीणों ने शवयात्रा निकाली और अयोध्या में अंतिम संस्कार किया.

Santkabirnagar News: यूपी के संतकबीरनगर में ग्रामीणों ने एक अनोखी पहल करते हुए बंदर की मौत पर गाजे-बाजे के साथ शवयात्रा निकाली. दाह संस्कार के लिए चंदा करके बस से शव अयोध्या ले गए और वहां पर हिन्दू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया.

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संतकबीरनगर. अभी तक आपने इंसान का शव यात्रा निकालते हुए देखा होगा, लेकिन संतकबीरनगर में ग्रामीणों ने एक अनोखी पहल करते हुए बंदर की शव यात्रा निकाली. सबके चहेते बंदर की मौत पर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने बंदर की शव यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकालने का निर्णय लिया. उन्होंने न केवल शव यात्रा निकाली, बल्कि बंदर को दाह-संस्कार के लिए बस से अयोध्या ले गये. ऐसा वाकया संतकबीरनगर के रायपुर छपिया उर्फ ठोका में हुआ, जब एक बंदर की मौत पर स्थानीय लोगों ने उसकी शव यात्रा निकाली और हिन्दू रीति रिवाज से रामनगरी अयोध्या में बंदर के शव का अंतिम संस्कार किया.

Sant Kabir Nagar News: यूपी के संतकबीरनगर में ग्रामीणों ने एक अनोखी पहल करते हुए बंदर की मौत पर गाजे-बाजे के साथ शवयात्रा निकाली. दाह संस्कार के लिए चंदा करके बस से शव अयोध्या ले गए और वहां पर हिन्दू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया.

संतकबीर नगर में बंदर की मौत से दुखी ग्रामीणों ने शवयात्रा निकाली और अयोध्या में अंतिम संस्कार किया.

ग्रामीणों ने धूप अगरबत्ती दिखाकर दी अंतिम विदाई
संतकबीरनगर में बंदर की मौत के बाद का शव यात्रा का नज़ारा देखने लायक था. हर कोई बंदर को धूप अगरबत्ती दिखा अंतिम विदाई दी. बंदर को हनुमानजी का प्रतिरूप माना जाता है. लोग बताते हैं कि महीनों पहले से यह बंदर गांव में रहता था, लेकिन कभी किसी को नुकसान नही पहुंचाता था, यहां तक बच्चों को भी देखकर वह अपना रास्ता खुद छोड़ देता था. खलीलाबाद रायपुर छपिया उर्फ ठोका के ग्रामीणों ने उसे रोटी खिलाया करते थे, स्थानीय लोगों ने बताया कि बंदर का ब्रम्ह भोज का भी आयोजन किया जाएगा.

चंदा इकठ्ठा करके बस से दाह संस्कार करने गए अयोध्या
अचानक शुक्रवार की देर शाम बंदर की मौत हो जाने के बाद ग्रामीणों ने फैसला लिया की बंदर का दाह संस्कार प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में की जाएगी. जिसके तहत ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा करते हुए बस की व्यवस्था की. पूरे धूमधाम और बैंड बाजे के साथ बंदर की शव यात्रा निकाली गई और फिर बस से अयोध्या धाम में बंदर का अंतिम संस्कार वैदिक परम्पराओं के अनुसार कराया गया. गांव के अंचल गुप्ता, एडीओ रमेश प्रजापति, युवा कार्यकर्ता दिनेश चौबे, राकेश शर्मा, राजकुमार गुप्ता, अर्जुन विश्वकर्मा ने बताया कि हिन्दू धर्म के अनुसार ब्रम्हभोज कर लोगों को खिलाया जाएगा.

संतकबीरनगर में घाघरा नदी ने खतरे का निशान किया पार, हजारों लोग का पलायन शुरू

UP: संतकबीरनगर में घाघरा नदी के खतरे के निशान पार करने के बाद हजारों लोग घर छोड़ रहे हैं.

Santkabirnagar News: डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ हेल्थ डिपार्टमेंट और तहसील कर्मी लगातार स्थिति पर नजर जमाये हुए हैं.

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संतकबीरनगर. उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर (Santkabirnagar) में घाघरा नदी (Ghaghara River) का जलस्तर बढ़ने से अफरा-तफरी मचने लगी है. नदी के पानी से गांव घिरने लगे हैं. इससे किसानों के साथ ग्रामीणों नींद गायब है. पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते घाघरा नदी अपने खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. जिसके चलते इलाके के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. ग्रामीण खुद को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षित स्थानों की तरफ नाव द्वारा पलायन कर रहे हैं.

आपको बता दें कि बरसात के दिनों में हर साल कहर बरपाने वाली धनघटा तहसील की घाघरा नदी इस बार भी उफान पर है. नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर उपर बह रही है. नदी और बांध के बीच बसे दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं. लोगों को अब भय सताने लगा है. जिसके चलते लोग अब नाव के सहारे दूसरे जगहों की ओर पलायन कर रहें हैं.

ग्रामीणों ने प्रशासन के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने अभी तक कोई भी सुविधा नहीं दी हैं. ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के चलते घाघरा नदी उफान पर है, सरकार द्वारा कोई व्यवस्था न किये जाने के कारण सभी डरे हुए हैं.

आपको बता दें कि धनघटा  तहसील क्षेत्र के गायघाट, सियर कला, शीतलपुरवा, दौलतपुर, गुनवतिया, ढोलबजा,  खैरगाड़, कटहा,  कंचनपुर, गुलरिहा, चपरा पूर्वी, चकदहा, सरैया खरैया, धमचिया, खालेपुरवा समेत अन्य गांव में बढ़ते नदी के जलस्तर से घिर चुके हैं.

बढ़ते पानी से बचने के लिए ऊंचे स्थान पर जाते लोग

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UP: संतकबीरनगर में घाघरा नदी के खतरे के निशान पार करने के बाद हजारों लोग घर छोड़ रहे हैं.

डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. क्षेत्र में नावों की व्यवस्था कर दी गयी है. पशुओं के चारे की व्यवस्था के साथ ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ हेल्थ डिपार्टमेंट और तहसील कर्मी लगातार स्थिति पर नजर जमाये हुए हैं. प्रशासन सभी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.

UP Anganwadi Recruitment 2021: यूपी के 11 जिलें में 5वीं से 10वीं पास के लिए बंपर नौकरियां, जल्द करें आवेदन

UP Anganwadi Recruitment 2021: हरदोई सहित यूपी के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी की भर्तियां निकली हैं.

UP Anganwadi Recruitment 2021:  उत्तर प्रदेश में हरदोई सहित 11 जिलों में आंगनबाड़ी की भर्तियां निकाली गई हैं. इन पदों के लिए अभ्यर्थी निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन कर सकते हैं.  

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नई दिल्ली(UP Anganwadi Recruitment 2021). उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिका की भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इन पदों के लिए अभ्यर्थी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट balvikasup.gov.in के जरिए आवेदन कर सकते हैं. अगल- अलग जिलों के आवेदन की अंतिम तिथि अलग-अगल निर्धारित की गई हैं.

UP Anganwadi Recruitment 2021: इन जिलों में होगी भर्तियां
जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार प्रदेश के मेरठ, हरदोई, संतकबीर नगर मैनपुरी, बरेली, भदोही, अलीगढ़, औरैया, पीलीभीत देवरिया और एटा जिले में भर्तियां होगी. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर इन जिलों के लिए आवेदन कर सकते हैं.

UP Anganwadi Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 5वीं या 10वीं पास होना चाहिए. इन पदों के लिए 12वीं और ग्रेजुएशन पास अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं.

UP Anganwadi Recruitment 2021: आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 21 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए.

UP Anganwadi Recruitment 2021: चयन प्रक्रिया
इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के अनुसार किया जाएगा. अभ्यर्थी इस भर्ती से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन को देख सकते हैं.

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UP Anganwadi Recruitment 2021: किस जिले में आवेदन की अंतिम तिथि कब  
अलीगढ़ में 4 सितंबर 2021, औरैया में 8 सितंबर 2021, बरेली में 3 सितंबर 2021, मेरठ में 6 सितंबर 2021, एटा में 6 सितंबर  2021, मैनपुरी में 7 सितंबर 2021, पीलीभीत में 31 अगस्त 2021, देवरिया में 8 सितंबर 2021, संत कबीर नगर में 31 अगस्त 2021, भदोही में 5 सितंबर 2021 और हरदोई में 3 सितंबर 2021 तक अभ्यर्थी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं.

संतकबीरनगर: पुलिस कस्टडी में मौत मामले में एसपी का एक्शन, थाना इंचार्ज सस्पेंड

UP: संतकबीरनगर में पुलिस कस्टडी में मौत मामले में थाना प्रभारी को एसपी ने निलंबित कर दिया है.

Santkabirnagar News: सुबह युवक के परिजनों ने जिला अस्पताल पर जमकर बवाल काटते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिए. एसपी ने लापरवाह बखिरा थाना इंचार्ज को तत्काल निलंबित कर दिया है.

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संतकबीरनगर. उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर (Santkabirnagar) जिले में बखिरा पुलिस द्वारा मंगलवार की देर रात एक युवक को घायल अवस्था में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत (Death) हो गई थी. युवक की मौत के बाद भर्ती कराने गए पुलिसकर्मी मौके से युवक का शव अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए थे. घटना की सूचना मिलने पर एसपी खुद अस्पताल में पहुंचे थे और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कह रहे थे. सुबह युवक के परिजनों ने जिला अस्पताल पर जमकर बवाल काटते हुए युवक का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिए. जिसके बाद अस्पताल में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई.

मामले में अब एसपी ने इस मामले में बखिरा एसओ को तत्काल निलंबित कर दिया है. वहीं कांटे चौकी प्रभारी रहे चंदन कुमार को बखिरा का नया एसओ बनाया गया है. पुलिस और मृतक बहराइची के परिजनों से घंटों तक बातचीत होती रही. बाद में पुलिस ने किसी तरीके से मृतक के परिजनों को शांत कराया गया, तब जाकर मृतक के परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार हुए.

संतकबीरनगर: पुलिस कस्टडी में युवक की मौत से हड़कंप, जांच के आदेश

आपको बता दें कि बखिरा थाना क्षेत्र के सुबख़री गांव का रहने वाला बहराइची नाम के युवक को पुलिस ने किसी मामले में थाने पर लाया था. परिजनों का आरोप था कि इस दौरान पुलिस ने युवक की पिटाई कर दी, जिससे वह घायल हो गया. पुलिस अस्पताल में भर्ती कराने लेकर गई थी लेकिन युवक की जब मौत हो गई तो बखिरा पुलिस अस्पताल में युवक का शव छोड़कर मौके से फरार हो गई थी. पूरे मामले में एसपी ने कार्यवाही करते हुए लापरवाह बखिरा थाना इंचार्ज को तत्काल निलंबित कर दिया है.

UP: संतकबीरनगर में किसान नेता की गला रेतकर हत्या, तनाव के बाद पुलिस बल तैनात

संतकबीरनगर में किसान नेता की गला रेतकर हत्या (File photo)

एसपी (SP) डॉ कौस्तुभ ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद बखिरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया गया है. मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं.

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संतकबीरनगर. उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर (Sant kabirnagar) जिले में शनिवार देर शाम भारतीय किसान यूनियन (BKU) के पूर्व जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण पांडे की धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या (Murder) कर दी गई. बताया जा रहा है कि लक्ष्मण पांडे कुछ सामान खरीदने के लिए बखिरा गए थे. घर लौटते वक्त घात लगा कर बैठे कुछ बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया. वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा गया. तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

जानकारी के अनुसार, मामूली विवाद के चलते भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिलाध्यक्ष की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी. हत्या के बाद हत्या करने वाला अभियुक्त घंटों तक धारदार हथियार को ग्रामीणों को दबाव बनाने के लिए हवा में लहराता रहा. हत्या के बाद मौके से आरोपी फरार हो गया. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने तत्काल छानबीन में जुट गई. घटना की सूचना मिलने के बाद बखिरा पुलिस मौके पर पहुंच गई है. पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है. हत्या की इस घटना से समूचे बखिरा थाना क्षेत्र में दहशत का माहौल कायम है.

Ayodhya News: सीएम योगी ने अचानक छोड़ी सुरक्षा में लगी प्लीट की गाड़ियां, पहुंचे सुग्रीव किला

भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय (50) पुत्र रघुनंदन निवासी बौरव्यास शनिवार शाम 8 बजे अपने गांव से थोड़े दूर बखिरा- सहजनवा मार्ग पर किसी काम से गए हुए थे. गांव में ही किराना की दुकान चलाने वाले अजय राय पुत्र हरिराम मौके पर पहुंचे और उन्होंने धारदार हथियार (बांकी) से लक्ष्मण पांडेय पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. गले व सिर में गंभीर चोट लगने के कारण लक्ष्मण पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित अजय राय बांकी लेकर लगभग एक घन्टे तक लोगों को धमकाता रहा. थानेदार मनोज कुमार सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंचे तब तक आरोपित मौके से फरार हो गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है.

क्षेत्र में दहशत का माहौल
आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की गठित टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. सरेशाम हत्या की इस वारदात से बौरब्यास सहित समूचे बखिरा थाना क्षेत्र में दहशत का माहौल कायम है. मृतक लक्ष्मण पांडेय किसान यूनियन के पुराने नेता माने जाते हैं. वह लगातार जनहित के कार्यों को लेकर संघर्ष भी करते रहे. किसान यूनियन के नेता की हत्या से भाकियू संगठन के लोगों में भी आक्रोश कायम है.

जल्द होगी आरोपियों की गिरफ्तारी- एसपी
एसपी डॉ कौस्तुभ ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद बखिरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया गया है. मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. पूरे मामले की जांच की जा रही है. एसपी के मुताबिक तहरीर मिलते ही मुकदमा पंजीकृत कर जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार किया जाएगा.

UP: संतकबीरनगर के इस गांव में 14 साल से बकरीद के पहले पुलिस उठा ले जाती है बकरे, जानिए क्यों?

संतकबीरनगर के मुसहरा गांव में वर्षों से बकरीद पर बकरे की कुर्बानी पर रोक लगी हुई है.

Santkabirnagar News: संतकबीरनगर जिले के मेहदावल तहसील के एक मुसहरा नाम का एक गांव है. इस गांव की स्टोरी चौंकाने वाली है. इस गांव में हर साल होली और बकरीद के समय तनाव सामने आता है.

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संतकबीरनगर: उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर (Sant Kabirnagar) का एक ऐसा गांव है, जहां पिछले कई सालों से बकरीद (Bakrid) के पहले पुलिस सारे बकरे उठा ले जाती है और तीन दिन बाद ये बकरे सकुशल वापस कर देती है. इस गांव में कुर्बानी (Qurbani) नहीं होती है. ये परंपरा 2007 से चलती चली आ रही है. जिले के मेहदावल तहसील के एक मुसहरा नाम का एक गांव है. इस गांव की स्टोरी चौंकाने वाली है. इस गांव में हर साल त्यौहार के समय तनाव सामने आता है. यहां एक तरफ हिंदू पक्ष बकरीद पर कुर्बानी नहीं करने देता तो बदले में मुस्लिम पक्ष के लोग होलिका दहन नहीं करने देते. दोनों पक्षों में वैसे तो और कभी तनाव देखने को नहीं मिलता लेकिन बकरीद और होली पर स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है.

अब हर साल गांव में पुलिस कुर्बानी के बकरों को बकरीद के पहले उठा ले जाती है और त्योहार बीत जाने पर तीन दिन बाद ही वापस करती है. पूरा खयाल रखा जाता है कि कहीं कोई बकरीद पर कुर्बानी न कर दे. ऐसा संतकबीरनगर के छोटे से मुसहरा गांव में ही होता है. सुनने में जरा अजीब जरूर लगेगा पर यही सच्चाई है.

2007 में कुर्बानी के बाद बिगड़े थे हालात

मुसहरा गांव जिले के धर्मसिंहवा थानाक्षेत्र में पड़ता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक मुसहरा गांव में बकरीद पर कभी कुर्बानी नहीं हुई और यहां हमेशा से रोक लगी हुई है. तब इस तरह की कोई बात भी नहीं थी. लोग दूसरे गांव में कुर्बानी कराते थे. लेकिन 2007 में पूर्व विधायक ताबिश खां के कहने पर इस गांव में कुर्बानी कर दी गई. इसके बाद यहां जमकर बवाल हुआ. बात इतनी बढ़ी कि लूटपाट से लेकर आगजनी और तोड़फोड़ तक हो गई. हिंसा को काबू में करने के लिये पुलिस को बड़े पापड़ बेलने पड़े थे. तब से कुर्बानी को लेकर सख्ती शुरू हो गई.

अब हर साल बकरीद आने पर वहां सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स ओर पीएसी तक तैनात कर दी जाती है. पुलिस बकरीद के एक दिन पहले ही गांव में पहुंच जाती है और कुर्बानी के बकरों को कब्जे में लेकर गांव के पास बने एक मदरसे या सरकारी स्कूल में कैद कर देती है. त्योहार खत्म होने के तीन दिन बाद जाकर बकरे उनके मालिकों को वापस किये जाते हैं. इस मामले पर जिले के आलाधिकारियों की नजर रहती है. गांव में कोई हिंसा न हो, इसके लिये पुलिस बकरों को ले आती है ताकि कुर्बानी पर लगी रोक बरकरार रहे.

मुस्लिम पक्ष की दलील

गांव के मुस्लिम पक्ष के लोगों ने बताया कि वो कुर्बानी करना चाहते हैं, लेकिन पुलिस और गांव के हिन्दू पक्ष के लोग उन्हें बकरीद पर कुर्बानी नहीं करने देते. इस मामले में पुलिस मदद करने के बजाय उन्हीं के बकरों को तीन दिन के लिये कैद कर लेती है. बकरीद खत्म होने के तीन दिन बाद बकरे वापस किये जाते हैं. पुलिस के कब्जे में भी मालिक को ही अपने बकरों की देखभाल करनी पड़ती है और इसकी कोई रसीद भी नहीं दी जाती कि लोग अपने बकरे पहचान सकें.

हालांकि गौर करने वाली बात यह भी है कि गांव में 365 दिन में 362 दिन बाजार में बकरे काटकर वैसे ही बेचे जाते हैं, लेकिन इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होती. बस बकरीद के तीन दिन बकरे नहीं कटने दिये जाते. कोई चोरी-छिपे काट न ले, इसके लिये बकरों का कैद कर लिया जाता है.

हिन्दू पक्ष की दलील

हिन्दू पक्ष का कहना था कि कोई नई परंपरा नहीं बनने दी जाएगी. दलील और दावा ये कि जब कुर्बानी गांव के बाहर एक जगह पर होती आयी है तो गांव में कुर्बानी क्यों की गई? उनके मुताबिक जब बकरीद पर कुर्बानी नहीं करने दी गई तो मुस्लिम पक्ष के लोगों ने होलिका जलाने वाली जमीन को कब्रिस्तान की भूमि बताकर विवाद पैदा किया और पिछले कुछ साल से होलिका जलनी भी रुक गई.

तनाव लेकर आता है त्योहार

ऐसा नहीं कि ये तनाव मिटाने के लिये प्रयास नहीं किये गए, पर दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद पर अड़े हैं. सुलह की पूरी कोशिश की गयी पर वो लोग मानने को तैयार नहीं हैं. गांव के लोगों ने जैसे अब तय कर रखा है कि एक दूसरे को त्योहार नहीं मनाने देंगे. कुल मिलाकर जरा सी आपसी सूझबूझ और सौहार्द्र की कमी के चलते इस गांव की खुशियां घरों में कैद होकर रह गयी हैं. खुशी के त्योहार भी अपने साथ तनाव लेकर आते हैं।

मुसहरा में दोनों पक्षों को समझाने पहुंचे एसडीएम और सीओ

बकरीद के मद्देनजर रविवार को मेंहदावल के मुसहरा में पहुंचे एसडीएम अजय कुमार त्रिपाठी और सीओ अम्बरीष कुमार भदौरिया ने हिन्दू और मुस्लिम समाज के लोगों को समझाया और शांति व्यवस्था बनाने की अपील किया है. उन्होंने कहा कि यहां पर बकरीद की नई परंपरा के लिए कोई छूट नहीं दी जाएगी, जिससे विवाद हो सकता है. पुराने परंपरा के अनुसार ही बकरीद की त्योहार लोग मनाएंगे. जनपद के मुसहारा गांव में बकरीद के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. दो दिन पहले से ही पुलिस का पहरा तेज हो जाता है और गांव के हर गली में सन्नाटा छा जाता है.

राजनीतिक लाभ के कारण हुआ था दंगा: राममिलन

मुसहरा गांव के निवासी राममिलन का कहना है कि 2007 के पहले मुस्लिम समुदाय के लोग बगल के गांव मेंहदूपार से बकरे की कुर्बानी करके लाते थे. गांव में कुर्बानी न होने की परंपरा थी. लेकिन उस समय राजनीतिक लाभ के चलते तत्कालीन विधायक ने नई परंपरा की शुरुआत करते हुए 2007 में कुर्बानी कराने लगे, जिससे दो समुदायों में दंगा भड़क गया. इसमें हिन्दू पक्ष के 29 लोग जेल भी गए थे.

पुरानी परंपरा से मनाएं त्योहार: इंदल चौधरी

गांव के इंदल चौधरी का कहना है कि जैसे पुरानी परंपरा के अनुसार त्योहार मनाया जा रहा था. उसी अनुसार इस बार भी बकरीद की त्योहार मनाएंगे तो विवाद होने से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि दंगा के बाद से प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहता जिससे को विवाद ना हो.

क्या कहते हैं प्रधान

मुसहरा गांव के नवनिर्वाचित प्रधान श्रीचंद्र निषाद ने कहा कि बकरीद के त्योहार पर लोगों से शांति की अपील की जा रही है. पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है. पुराने परंपरा के अनुसार बकरे की कुर्बानी पर प्रतिबंध है. उन्होंने कहा कि प्रशासन कि तरफ से किसी भी तरह का कोई नई परंपरा नहीं है, जिससे विवाद बढ़ सकता है. प्रशासन के अनुसार ही परंपरागत त्योहार मनाया जाएगा.

त्योहार में मेरे हक को छीना जाता है: हाफिज मो. अरमान

मुसहरा गांव के निवासी हाफिज मोहम्मद अरमान का कहना है कि आजादी के बाद भी हम लोग आजाद नहीं हैं, मेरे हक को छीना जाता है. बकरीद में कुर्बानी के पहले ही पुलिस बकरों को उठा ले जाती है, जिससे कुर्बानी नहीं हो पाती है इसलिए हम लोगों ने त्योहार के बाद चौथे दिन उसी बकरे की कुर्बानी कर दोस्तों और रिश्तेदारों को खिलाया जाता है.

खुशियों के त्योहार में भी नही मिलती खुशी: मो. नईम

गांव के निवासी मोहम्मद नईम का कहना है कि हमारे समुदाय में बड़े त्योहारों में से एक है बकरीद का त्योहार. जिसे सभी मुसलमान बड़ी धूमधाम के साथ मनाते हैं, लेकिन इस खुशी से हम लोग वंचित रह जाते हैं. पुलिस कुर्बानी से पहले बकरे को उठा ले जाती है, जिससे हमारी खुशी छीन जाती है.

संतकबीरनगर: धार्मांतरण के मामले में गाइडेंस एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी पर ED का छापा

संतकबीरनगर में एक प्राइवेट सोसाइटी पर ईडी ने छापा मारा.यह कार्रवाई गाइडेंस एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी कार्यालय पर हुई.

संतकबीरनगर में एक प्राइवेट सोसाइटी पर ईडी ने छापा मारा.यह कार्रवाई गाइडेंस एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी कार्यालय पर हुई. ईडी को जानकारी मिली थी धर्मांतरण के नाम पर भारी गोलमाल किया गया है.

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संतकबीरनगर. यूपी के संतकबीरनगर (Santkabirnagar )जिले में एक प्राइवेट सोसाइटी पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी से पूरे जिले हड़कंप मच गया. पूरा मामला संत कबीर नगर जिले के सेमरियावां बाजार में स्थित गाइडेंस एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी (Guidance Education Welfare Society) कार्यालय का है. ईडी को जानकारी मिली थी धर्मांतरण (Conversion of Religion) के नाम पर भारी गोलमाल किया गया है. इस दौरान घंटों तक टीम ने सोसायटी के अध्यक्ष एवं अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की.

सेमरियावां बाजार निवासी मोहम्मद हदीस अपने मकान के आगे के हिस्से में गाइडेंस एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी का कार्यालय संचालित करते थे. सोसाइटी में मोहम्मद हदीस अध्यक्ष और उनके बेटे निसार अहमद सचिव हैं. शनिवार को ईडी की 5 सदस्यीय टीम ने सोसाइटी कार्यालय पर पहुंचते हुए छापेमारी की. घंटों तक सोसाइटी के अभिलेखों को खंगालते हुए टीम ने कार्यालय में काम कर रहे सभी कर्मचारियों से पूछताछ की. इस दौरान कंप्यूटर लैपटॉप और सोसाइटी संबंधित सभी दस्तावेजों को गहनता से चेक करते हुए पड़ताल की.

आपको बता दें कि ईडी की टीम ने धर्मांतरण के मामले में हुए गोलमाल की शिकायत पर संस्था की जांच की. हालांकि इस मामले में ईडी की टीम ने मीडिया के कैमरे पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. पूरे मामले पर एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि ईडी की टीम की मांग पर पुलिस फोर्स दिया गया था, लेकिन ईडी ने किस मामले पर छापेमारी की, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है.

जूता कांड से पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी के सियासी सफर पर लगा था ब्रेक, निधन पर पीएम और सीएम ने जताया शोक

पूर्व बीजेपी शरद त्रिपाठी का निधन

Santkabirnagar News: शरद त्रिपाठी के सांसद रहते हुए सबसे बड़ी उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी का मगहर दौरा रहा. 28 जून 2018 को पीएम नरेन्द्र मोदी संतकबीरनगर के मगहर में संत कबीर साहब के महापरिनिर्वाण के 500वें साल व उनके 620वीं जयंती पर मगहर आये थे.

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संतकबीरनगर. संतकबीरनगर से पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी के पुत्र शरद त्रिपाठी (Sharad Tripathi) का बुधवार की रात में दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. 2014 के लोकसभा चुनावों में शरद त्रिपाठी ने करीब 98 हजार वोटों से विजय हासिल की थी. 6 मार्च 2019 को संतकबीरनगर में प्रभारी मंत्री के सामने हुए जूता कांड (Shoe Gate) में शरद त्रिपाठी का नाम सुर्खियों में आया था. यही वो दिन था जब उनके और मेंहदावल से बीजेपी विधायक राकेश सिंह बघेल के बीच पत्थर पर नाम लिखे होने को लेकर तू-तू मैं-मैं हुई और इसके बाद जूता कांड हो गया. उस बैठक में प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन और डीएम भी मौजूद थे.

इसके बाद शरद त्रिपाठी के सियासी सफर पर ब्रेक सा लग गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि जूता कांड की पंचायत प्रधानमंत्री मोदी तक गयी थी. जिसके बाद 2019 में उनका टिकट काट दिया गया. पार्टी ने शरद त्रिपाठी का टिकट काटकर उनके पिता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया से लड़ाया जहां से वो जीते और मौजूदा समय में सांसद हैं. इसके बाद से शरद त्रिपाठी सार्वाजनिक कार्यक्रमों में कम नजर आने लगे. शरद त्रिपाठी के करीबी बताते हैं कि जूता कांड की घटना से वो बेहद दुखी थे.

शरद त्रिपाठी के सांसद रहते पीएम मोदी आए थे मगहर
शरद त्रिपाठी के सांसद रहते हुए सबसे बड़ी उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी का मगहर दौरा रहा. 28 जून 2018 को पीएम नरेन्द्र मोदी संतकबीरनगर के मगहर में संत कबीर साहब के महापरिनिर्वाण के 500वें साल व उनके 620वीं जयंती पर मगहर आये थे. इस दौरे के बाद न केवल कबीर स्थली के पर्यटन विकास के निर्माण कार्यों ने जोर पकड़ा बल्कि पीएम मोदी के दौरे से मगहर एक बार फिर से देश दुनिया के नक्शे पर आ गया. शरद त्रिपाठी की ही कोशिशों से पहली बार कोई पीएम मगहर आया था. करीब 18 साल पहले राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी मगहर आये थे.

पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख जताया. उन्होंने ट्वीट कर कहा “‘ शरद त्रिपाठी के निधन की खबर ने मुझे और साथ ही कई अन्य लोगों को भी दुखी किया है. उन्हें समाज की सेवा करना और दलितों के लिए काम करना पसंद था. उन्होंने संत कबीर दास जी के आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए अद्वितीय प्रयास किए. उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना., सीएम योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्रियों ने भी दुख जताया.

PCS Transfer: गौतमबुद्ध नगर सहित इन जिलों के SDM बदले गए, एक का ट्रांसफर निरस्त, देखें लिस्ट

यूपी सरकार ने 6 एसडीएम के तबादले कर दिए हैं. (File Photo: सीएम योगी आदित्यनाथ)

Lucknow News: ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार पीसीएस रौशनी यादव का तबादला निरस्त हो गया है. उन्हें एसडीएम, मिर्जापुर से यूपीएसएचए में ओएसडी पद पर भेजा गया था. इससे पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट में उनका नाम था.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने मंगलवार को 6 एसडीएम (PCS) के ट्रांसफर (6 SDM Transfer) कर दिए, वहीं एक पीसीएस का ट्रांसफर निरस्त (1 Transfer Cancel) किया है. जानकारी के अनुसार पीसीएस रौशनी यादव का तबादला निरस्त हो गया है. उन्हें एसडीएम, मिर्जापुर (SDM, Mirzapur) से यूपीएसएचए में ओएसडी पद पर भेजा गया था. इससे पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट में उनका नाम था. वर्तमान लिस्ट में उनका ट्रांसफर निरस्त करते हुए उन्हें एसडीएम, मिर्ज़ापुर पद पर यथावत रखा गया है.

ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार पीसीएस विवेक कुमार मिश्र एसडीएम, पीलीभीत से फिरोजाबाद भेजा गया है, वहीं वंदना पाण्डेय एसडीएम, संतकबीरनगर से एसडीएम सुल्तानपुर तैनाती मिली है. इनके अलावा क्रांति शेखर सिंह एसडीएम, मथुरा से ओएसडी मथुरा विकास प्रधिकरण बनाए गए हैं, जबकि राजीव राय एसडीएम गौतमबुद्ध नगर से एसडीएम चित्रकूट पद पर भेजे गए हैं. वहीं सुल्तानपुर की एसडीएम प्रिया सिंह ओएसडी उपसा बनाई हैं, जबकि राम प्रसाद को एसडीएम, चित्रकूट पद से राजस्व परिषद से सम्बद्ध कर दिया गया है.

यूपी के कई SDM का तबादला

PCS विवेक कुमार मिश्र SDM पीलीभीत से SDM फिरोजाबाद

PCS वंदना पाण्डेय SDM संतकबीरनगर से SDM सुल्तानपुर

PCS क्रांति शेखर सिंह SDM मथुरा से OSD मथुरा विकास प्रधिकरण

PCS राजीव राय SDM गौतमबुद्ध नगर से SDM चित्रकूट

PCS प्रिया सिंह SDM सुल्तानपुर से OSD उपसा

PCS राम प्रसाद SDM चित्रकूट से राजस्व परिषद से सम्बद्ध

PCS रौशनी यादव का तबादला UPSHA में OSD पद पर तबादला निरस्त, एसडीएम मिर्ज़ापुर रहेंगी

Ram Ladoo Recipe: मीठा नहीं नमकीन और स्पाइसी है ये लड्डू, दिल्ली का 'राम लड्डू' अब खाएं घर पर


क्या आप इस फेमस स्ट्रीट फूड को मिस कर रहे हैं. जानें  ' राम लड्डू' की रेसिपी

Ram Ladoo Recipe Delhi Famous Street Food- राम लड्डू मूंग दाल से बनता है. इसका स्वाद बहुत ही चटपटा होता है. लॉकडाउन में क्या आप भी इस फेमस स्ट्रीट फूड को मिस कर रहे हैं. जानें दिल्ली के फेमस स्ट्रीट फूड ' राम लड्डू' की रेसिपी...

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Ram Ladoo Recipe Delhi Famous Street Food- राम लड्डू दिल्ली का फेमस स्ट्रीट फूड है. राम लड्डू नमकीन होता है और इसे कसी हुई मूली के लच्छों और चटनी के साथ सर्व किया जाता है. ये खाने में काफी यमी होता है. इसे काफी हेल्दी स्ट्रीट फूड माना जाता है. साथ ही इसे दिन में किसी भी वक्त खाया जा सकता है यानी सुबह के नाश्ते के तौर पर भी और शाम को चाय के साथ भी. राम लड्डू मूंग दाल से बनता है. इसका स्वाद बहुत ही चटपटा होता है. लॉकडाउन लगा है ऐसे में क्या आप भी इस फेमस स्ट्रीट फूड को मिस कर रहे हैं. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं दिल्ली के फेमस स्ट्रीट फूड ' राम लड्डू' की रेसिपी...
राम लड्डू बनाने के लिए सामग्री:

मूंग दाल- 1 कप
चने की दाल- ½ कप
हरा धनिया- 3 टेबल स्पून (बारीक कटा हुए)
नमक- स्वादानुसार
अदरक का टुकड़ा- ½ इंच (बारीक कटा हुआ)
हरी मिर्च- 2(बारीक कटी हुई)
तेल- राम लड्डू तलने के लिए
गार्निश के लिए:
मूली के तैयार लच्छे - (2 मूली कद्दूकस की हुई)
धनिया की चटनी- 1 कटोरी

राम लड्डू बनाने की विधि:
-मूंग दाल और चने की दाल को रात भर भिगो कर सुबह पानी फेंक दें. अब दाल को ब्लेंडर में डालकर दरदरा पीस लें.

- पिसी हुई दाल को किसी बर्तन में निकाल लें, नमक डाल कर अच्छी तरह खूब फेंट लें. इसमें लाल मिर्च, हरी मिर्च, धनिया और हींग डालकर अच्छे से मिक्स करें. इसका टेक्सचर दहीबड़े के बड़े की तरह रहेगा.

- गैस पर कड़ाही चढ़ाएं. इसमें तेल डालें और जब तेल एकदम गर्म हो जाए तो थोड़ा-थोड़ा मिक्सचर हाथ में लेकर गोल आकर देते हुए कढ़ाई में डालें. ऐसे ही बाकी राम लड्डू भी कड़ाही में डालें. आंच मद्धम और हलकी करके इसे कुरकुरा और सुनहरा भूरा होने तक तल लें. बाकी के राम लड्डू भी ऐसे ही तले जाएंगे.

- राम लड्डू बनाकर तैयार हैं. इन्हें सर्विंग प्लेट में निकालें. ऊपर से कसी हुई मूली और धनिया की चटनी डालकर तुरंत चटकारे लगाएं.

Churumuri Recipe: चाय संग लें खट्टी-मीठी चुरमुरी, बारिश में आ जाएगा मज़ा

चुरमुरी साउथ इंडिया का स्नैक है. (credit: shutterstock/Santhosh Varghese)

Enjoy Churumuri Snack During Tea Time: अगर आप लो-कैलोरी स्नैक्स लेना पसंद करते हैं तो चुरमुरी आपके लिए अच्छा ऑप्शन है. चुरमुरी साउथ इंडिया का स्नैक है. मुंबई और मैसूर में चुरमुरी काफी पसंद की जाती है.

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Enjoy Churumuri Snack During Tea Time: ज्येष्ठ का महीना शुरू हो चुका है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से कई जगहों पर लगातार बारिश हो रही है. बारिश के मौसम में चाय के साथ स्नैक्स खाने का अलग ही मज़ा होता है. हालांकि कई लोग बारिश में चाय और पकौड़े खाना पसंद करते हैं. लेकिन अगर आप लो-कैलोरी स्नैक्स लेना पसंद करते हैं तो चुरमुरी आपके लिए अच्छा ऑप्शन है. चुरमुरी साउथ इंडिया का स्नैक है. मुंबई और मैसूर में चुरमुरी काफी पसंद की जाती है. आइए जानते हैं चुरमुरी की रेसिपी...

चुरमुरी बनाने की सामग्री
4 कप मुरमुरा
11/2 छोटी प्याज, बारीक कटा हुआ
11/2 छोटा टमाटर, बारीक कटा हुआ
3 हरी मिर्च, कटी हुई
21/2 टेबल स्पून धनिया पत्ती, कटा हुआ
21/2 टेबल स्पून नींबू का रस
1 टी स्पून जीरा पाउडर
1/2 कप भुनी हुई मूंगफली
1/2 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
1/2 टी स्पून नमक (स्वादानुसार, बेहद हल्का)
1 टी स्पून घी (ऐच्छिक)

चुरमुरी बनाने की वि​धि
चुरमुरी बनाने के लिए गैस पर एक कड़ाही चढ़ाएं. आंच हलकी करें और घी डालें. अब इसमें मुरमुरा डालकर हल्का भुन लें. याद रखें कि ये गोल्डन ब्राउन ना हो. अब इसे एक बाउल में निकाल लें और इसमें कटा हुआ प्याज और टमाटर डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें.

इसमें काला नमक,हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, कटी धनिया , जीरा पाउडर और नींबू का रस डालें. चम्मच से चलाते हुए अच्छी तरह से मिक्स करें. इसमें भूनी मूंगफली डालें और टॉस करें. लीजिए तैयार है आपकी चुरमुरी . सर्विंग बाउल में चुरमुरी को तुरंत सर्व करें और तुरंत खाएं. बाद में खाने पर ये काफी लुजलुजी हो जाती है.

UP: संतकबीर नगर में भीषण सड़क हादसा, एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत से मचा कोहराम

संतकबीर नगर में भीषण सड़क हादसा

जानकारी के अनुसार देवरिया जिले के रुद्रपुर थानाक्षेत्र के मांगा कोडर गांव के निवासी संदीप पंजाब (Punjab) के लुधियाना में जीविकोपार्जन करते हैं. वह यहां पर पत्नी, बच्चों व अन्य लोगों के साथ रह रहे थे.

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संतकबीरनगर. उत्‍तर प्रदेश के संतकबीरनगर (Santkabirnagar) में रविवार सुबह गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर डीघा के पास खड़ी ट्रक से पिकअप टकरा गई. इस हादसे में पिकअप में सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों की घटनास्थल पर ही मौत (Death) हो गई. वहीं पिकअप चालक घायल हो गया. चालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

जानकारी के अनुसार देवरिया जिले के रुद्रपुर थानाक्षेत्र के मांगा कोडर गांव के निवासी संदीप पंजाब के लुधियाना में जीविकोपार्जन करते हैं. वह यहां पर पत्नी, बच्चों व अन्य लोगों के साथ रह रहे थे. कोरोना लॉकडाउन में जीविका प्रभावित हुई तो वह अपनी स्वयं की पिकअप में बेटे अमन व अभिमन्यु, पत्नी गुड़िया तथा सास तारा देवी के संग अपने गांव जा रहे थे. पिकअप स्वयं संदीप चला रहे थे. वह रविवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर डीघा के पास पहुंचे थे.

किसी ने मुझे एक कहानी लिखकर भेजी, सोचा आप सब के साथ शेयर कर लूंं: प्रियंका गांधी

बताया जा रहा है कि हल्की हवा के झोंके के बीच संदीप को झपकी आ गई. इसकी वजह से यहां पर सड़क के किनारे खड़ी ट्रक से पिकअप टकरा गई. पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे में इनके बेटे अमन व अभिमन्यु, पत्नी गुड़िया तथा सास तारा देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. वहीं पिकअप चालक संदीप को भी चोटें आई है. वह बाल-बाल बच गए. सूचना मिलने पर पर इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस चौकी के इंचार्ज के अलावा कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार पाण्डेय घटनास्थल पर पहुंचे. इसकी सूचना मृतक के परिवार के सदस्यों को दी. मौत की सूचना मिलने पर मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है.

कोरोना महामारी में जज ऐसे आदेश न दें, जो न्याय तंत्र में बाधक हो: HC

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जजों को नसीहत दी है.

High Court News: संत कबीर नगर में विधायक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट को फर्जी मान सीएमओ पर एफआईआर दर्ज कराने वाले जज को हाईकोर्ट ने नसीहत दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पेन्डेमिक में जज ऐसे आदेश न दें, जो न्याय तंत्र मे बाधक हो.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक अहम आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने कहा है कि जज (Judge) ऐसे आदेश न दें, जो न्यायिक कसौटी पर खरे न उतरते हों. कोर्ट ने जज को भविष्य में सावधानी बरतने की नसीहत दी है. हाईकोर्ट ने संत कबीर नगर (Sant Kabir Nagar) के एक मामले में सीएमओ की गिरफ्तारी सहित अन्य आरोपियों के उत्पीड़न व मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार से भी जवाब मांगा है.

हाईकोर्ट ने कहा कि पेन्डेमिक में जज ऐसे आदेश न दें, जो न्याय तंत्र मे बाधक हो. विधायक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट को फर्जी मान सीएमओ पर एफआईआर दर्ज कराने वाले जज को हाईकोर्ट ने नसीहत दी है. हाईकोर्ट ने जज को भविष्य में सावधान रहने और न्यायिक कसौटी पर खरे न उतरने वाले आदेश न देने की नसीहत दी है. कोर्ट ने संत कबीर नगर के न्यायिक अधिकारी की संवेदनहीनता को दुखद करार दिया.



संत कबीर नगर के सीएमओ ने दाखिल की थी याचिका

दरअसल अदालत में तलब विधायक को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट देने वाले सीएमओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट ने पेन्डेमिक गाइडलाइंस में अभियुक्त की पेशी न कराने के निर्देश जारी किये हैं. मामले की अब अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी. दरअसल संत कबीर नगर के सीएमओ डॉ हरगोविंद सिंह की याचिका दाखिल कर जिला जज के निर्णय को चुनौती दी थी. जस्टिस डॉ केजे ठाकर और जस्टिस अजीत सिंह की खंडपीठ ने ये आदेश दिया है.

Chhath Puja 2021: उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ पूजा का समापन आज, जानें मुहूर्त और उषा अर्घ्य महत्व


उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अच्छे स्वास्थ्य, सुखी जीवन की कामना की जाती है ( credit: shutterstock/Designsoul)

Chhath Puja 2021 Morning Arghya Muhurt Know Significance- छठ पूजा (Chhath Puja) और प्रातः काल सूर्य देव को अर्घ्य (Morning Arghya To God Sun)देते समय कोरोना (Covid 19 Guidelines) से सम्बंधित नियमों का पालन जरूर करें.

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Chhath Puja 2021 Morning Arghya Muhurt Know Significance- आज 19 अप्रैल, सोमवार को छठ पूजा का चौथा दिन है. आज व्रती सूर्योदय (Morning Arghya) के समय सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगे. इसके साथ ही चार दिन के महापर्व छठ का समापन होगा. उगते सूर्य को अर्घ्य देकर लोग अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करेंगे और छठ का प्रसाद वितरण करेंगे. लेकिन छठ पूजा (Chhath Puja) और प्रातः काल सूर्य देव को अर्घ्य (Morning Arghya To God Sun)देते समय कोरोना (Covid 19 Guidelines) से सम्बंधित नियमों का पालन जरूर करें. पूजा सामूहिक रूप से ना करें और अपनी सेहत और सुरक्षा का ख्याल रखें. आइए जानते हैं छठ पूजा के चौथे दिन ऊषा अर्घ्य (Morning Arghya) का महत्त्व और प्रातः कालीन अर्घ्य का शुभ मुहूर्त....

उषा अर्घ्य का शुभ मुहूर्त:
आज छठ पूजा के चौथे दिन सूर्योदय अर्घ्य तथा पारण 19 अप्रैल को होगा.
व्रती सुबह 06:49 बजे तक सूर्य देव को अर्घ्य देंगे तथा सूर्योस्त शाम को 05:25 बजे होगा.

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उषा अर्घ्य की विधि:
सूर्योदय से पहले बांस की टोकरी में ठेकुआ, चावल के लड्डू और कुछ फल लिए जाते हैं सजा लें. सूप में भी फल और पूजा का सामान सजाया जाता है. लोटे में जल एवं दूध भरकर इसी से सूर्यदेव को ऊषा अर्घ्य दिया जाता है. इसके साथ ही सूप की सामग्री के साथ भक्त छठी मैया की भी पूजा अर्चना करते हैं.

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उषा अर्घ्य का महत्व:
आज छठ पूजा के चौथे दिन व्रती सूर्यदेव को अर्घ्य देंगे. कुछ व्रती नदी के घाट पर जाकर सूर्यदेव को अर्घ्य देंगे और व्रत का पारण करेंगे. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महापर्व छठ के अंतिम दिन सूर्य की पत्नी उषा को अर्घ्य दिया जाता है. इससे जीवन में तेज बना रहता है और व्रत करने वाले जातकों की मनोकामना पूरी होती है. पूजा के बाद व्रत करने वाले लोग कच्चे दूध का शरबत और प्रसाद खाकर व्रत का पारण करते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Chhath Puja 3rd Day: छठ पर सूर्य देव को पहला अर्घ्य आज, जानें शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

आज शाम को अस्ताचलगामी सूर्यदेव को पहला अर्घ्य दिया जाएगा (credit: shutterstock/Designsoul)

Chaiti Chhath 2021 Puja 3rd Day Know Evening Arghya Muhurt Significance And Vidhi: सूर्य षष्ठी यानी कि छठ पूजा के तीसरे दिन शाम के वक्त सूर्यदेव अपनी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं. इसीलिए संध्या अर्घ्य देने से प्रत्यूषा को अर्घ्य प्राप्त होता है. प्रत्यूषा को अर्घ्य देने से लाभ मिलता है.

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Chhath Puja Third Day Know Evening Arghya Muhurt Significance And Vidhi: आज 18 अप्रैल रविवार को छठ पूजा का तीसरा दिन है. आज शाम को अस्ताचलगामी सूर्यदेव को पहला अर्घ्य दिया जाएगा. इसे संध्या अर्घ्य कहा जाता है. इसके पश्चात विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की जाती है. अगले दिन यानी कि 19 अप्रैल सोमवार को उगते सूर्य शुरू को प्रात:कालीन अर्घ्‍य (Morning Arghya) देने के साथ छठ पर्व का समापन होगा. आइए जानते हैं छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य का महत्त्व और संध्या अर्घ्य का शुभ मुहूर्त....

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छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य का महत्त्व :
छठ पूजा के तीसरे दिन यानी कि षष्ठी तिथि के दिन संध्या अर्घ्य दिया जाता है. सूर्यदेव को संध्या अर्घ्य कार्तिक शुक्ल की षष्ठी के दिन दिया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य षष्ठी यानी कि छठ पूजा के तीसरे दिन शाम के वक्त सूर्यदेव अपनी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं. इसीलिए संध्या अर्घ्य देने से प्रत्यूषा को अर्घ्य प्राप्त होता है. प्रत्यूषा को अर्घ्य देने से लाभ मिलता है. मान्यता यह भी है कि संध्या अर्घ्य देने और सूर्य की पूजा अर्चना करने से जीवन में तेज बना रहता है और यश, धन , वैभव की प्राप्ति होती है.

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संध्या अर्घ्य ऐसे दें:
संध्या अर्घ्य देने के लिए शाम के समय सूप में बांस की टोकरी में ठेकुआ, चावल के लड्डू और कुछ फल लिए जाते हैं. पूजा का सूप सजाया जाता है. लोटे में जल एवं दूध भरकर इसी से सूर्यदेव को संध्या अर्घ्य दिया जाता है. इसके साथ ही सूप की सामग्री के साथ भक्त छठी मैया की भी पूजा अर्चना करते हैं. रात में छठी माई के भजन गाये जाते हैं और व्रत कथा का श्रवण किया जाता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Chaiti Chhath 2021 Kharna Today: खरना आज, जानें महत्व और कब देना है सूर्य को अर्घ्य

छठ 2021- खरना शुद्धिकरण की प्रक्रिया है. (credit: shutterstock/ArnavIG)

Chaiti Chhath 2021 Second Day Kharna Today Know Vidhi, Significance, Surya Arghya Date: खरना एक प्रकार से शुद्धिकरण (Kharna Detoxify Body) की प्रकिया है. खरना में पूरी साफ सफाई के साथ घर की महिलाएं पूरे दिन व्रत रखेंगी और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ और दूध की खीर का प्रसाद बनाएंगी.

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Chaiti Chhath 2021 Second Day Kharna Today Know Vidhi, Significance, Surya Arghya Date : आज 17 अप्रैल, शनिवार को चैती छठ का दूसरा दिन यानी कि खरना है. आज के दिन महिलाएं घरों में गुड़ की बनाएंगी और व्रत रहेंगी. इसके बाद सूर्य को अर्घ्य देन से पारण करने तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करते हैं. खरना एक प्रकार से शुद्धिकरण (Kharna Detoxify Body) की प्रकिया है. खरना में पूरी साफ सफाई के साथ घर की महिलाएं पूरे दिन व्रत रखेंगी और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ और दूध की खीर का प्रसाद बनाएंगी. सूर्य देव की पूजा करने के बाद यह प्रसाद सूर्यदेव को अर्पित करेंगी इसके बाद प्रसाद खुद ग्रहण करेंगी. इसके बाद व्रत का पारणा छठ पर्व के समापन के बाद ही किया जाता है. आइए जानते हैं छठ में नहाय खाय के बाद आखिर क्या है खरना का महत्व...

खरना का महत्व:
इस दिन व्रती शुद्ध मन से सूर्य देव और छठ मां की पूजा करके गुड़ की खीर का भोग लगाती हैं. खरना का प्रसाद काफी शुद्ध तरीके से बनाया जाता है. खरना के दिन जो प्रसाद बनता है, उसे नए चूल्हे पर बनाया जाता है. व्रती इस खीर का प्रसाद अपने हाथों से ही पकाती हैं. इसका उद्देश्य पारण तक शरीर का पूरी तरह से शुद्ध होना है.

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खरना पर बनता है रसिया प्रसाद (Rasiya Prasad On Kharna):
खरना के दिन रसिया यानी कि गुड़ की खीर का विशेष प्रसाद बनाया जाता है. महिलाएं इसके लिए पहले मिट्टी से नए चूल्हा तैयार करती हैं. इस नए चूल्हे पर ही खीर और गुड़ से विशेष रसिया प्रसाद बनाती हैं. नए चूल्हे में आम की लकड़ी के ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा खरना के दिन सूर्य देव को पूड़ियों और मिष्ठान का भी भोग लगाया जाता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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