युवक की मौत के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग, पुलिस और ग्रामीणों में संघर्ष

पथराव में एसडीएम मेंहदावल की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 8, 2019, 2:20 AM IST
युवक की मौत के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग, पुलिस और ग्रामीणों में संघर्ष
पथराव में एसडीएम मेंहदावल की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई.
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Updated: August 8, 2019, 2:20 AM IST
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में बखिरा थाना क्षेत्र के मंझरिया पठान गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष देखने को मिला. बीते मंगलवार को हुई मारपीट की घटना में युवक की मौत के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने दुर्गजोत रुधौली मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया. पुलिस ने शव को उठवाकर जाम हटवाया तो महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद पुलिस ने पहले लाठी चार्ज के साथ हल्का बल प्रयोगकर स्थिति को काबू में करने का प्रयास किया. जिसके बाद आसपास के अन्य गांवों की भीड़ बढ़ती गई. उन्हें काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का गोला भी छोड़ा. वहीं पथराव में एसडीएम मेंहदावल की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई.

दरअसल यह पूरा मामला नागपंचमी के दिन की है, जब भटौली व मंझरिया पठान गांव के बीच कबड्डी प्रतियोगिता का अयोजन हुआ था. आयोजन के दौरान दोनों गांव के बीच विवाद हो गया. अगले दिन विवाद को लेकर मारपीट की घटना हुई. जिसमें तीन लोगों को गंभीर चोटें आई और आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. जिसके बाद घायलों को पहले सीएचसी मेंहदावल में इलाज के लिए पहुंचाया गया. जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया. जिला अस्पताल पर डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखकर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. वहां जाते समय रास्ते में ही गंभीर रुप से घायल उमेश निषाद की मौत हो गई.

पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया. इसी बीच हत्यारोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया. जाम की सूचना के बाद सीओ गयादत्त मिश्र ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर जाम को हटवाया. पुलिस ने परिजनों को किसी तरह से समझा-बुझाकर अंतिम संस्कार के लिए राजी किया. जैसे ही शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों ने उठाया तो महिलाओं ने ईट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया. मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस ने लाठी भांज कर स्थिति को काबू में करने का प्रयास किया. आसपास के गांवों की बढ़ती भीड़ के आक्रोश और पथराव को देखकर पुलिस ने आंसू गैस का गोला छोड़कर स्थिति को संभाला.

एसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि मारपीट की घटना में हुई मौत के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया. जिसके बाद रास्ता खाली करवाया गया. वहां मौजूद भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हल्का बल प्रयोग कर आंसू गैस के गोले छोड़े गए. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में हैं.

(रिपोर्ट- अमित अग्रहरि)

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First published: August 8, 2019, 2:19 AM IST
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