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संत कबीर नगर: त्रिकोणीय संघर्ष में बीजेपी के सामने महागठबंधन और कांग्रेस की बड़ी चुनौती

कबीर का समाधि स्थल

कबीर का समाधि स्थल

संत कबीर नगर की आध्यात्मिक और औद्योगिक पहचान है. संत कबीर का निर्वाण-स्थल यहां ‘मगहर’ में मौजूद है जिस वजह से ये इलाका पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है.

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संत कबीर नगर की आध्यात्मिक और औद्योगिक पहचान है. संत कबीर का निर्वाण-स्थल यहां ‘मगहर’ में मौजूद है जिस वजह से ये इलाका पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है. वहीं जूट उद्योग और बुनकरों की वजह से संत कबीर नगर प्रसिद्ध है. लेकिन यहां बुनकरों की स्थिति में कभी कोई सुधार नहीं आ सका है. संत के नाम पर बसे इस शहर की सियासत में मतदाता हर पांच साल में सांसद बदलने का काम कर रहा है. हालांकि संत कबीर नगर लोकसभा सीट पर अभी तक केवल 2 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं जिसमें एक बार बीजेपी और एक बार बीएसपी को जीत मिली है.

साल 2009 में पहला लोकसभा चुनाव बीएसपी ने जीता था. बीएसपी उम्मीदवार भीष्मशंकर तिवारी यहां के पहले सांसद बने थे. भीष्मशंकर तिवारी ने शरद त्रिपाठी को हराया था. लेकिन साल 2014 में बीजेपी ने पलटवार करते हुए सीट छीन ली थी और शरद त्रिपाठी यहां विजयी हुए थे.

कौन हैं शरद त्रिपाठी?



शरद त्रिपाठी

शरद त्रिपाठी विदेश मामलों से सम्बन्धित स्थाई समिति के सदस्य हैं. पिछले 5 सालों में इन्होंने 637 डिबेट में हिस्सा लिया, तीन प्राइवेट मेम्बर बिल पेश किये और 280 प्रश्न पूछे. लेकिन लखनऊ में एक मीटिंग के दौरान अपनी ही पार्टी के सद्सय के साथ जूतमपैजार करने की वजह से शरद त्रिपाठी का टिकट काट दिया गया.

कौन हैं प्रत्याशी?

संत कबीर नगर में साल 2019 के लोकसभा चुनाव में त्रिकोणीय संघर्ष दिखाई दे रहा है. बीजेपी ने प्रवीण निषाद को मैदान में उतारा है. जबकि बीएसपी ने अपने कोटे से महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी को मैदान में उतारा है. वहीं कांग्रेस ने भालचंद्र यादव को मैदान में उतारा है.

कौन हैं प्रवीण निषाद?

प्रवीण निषाद ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर गोरखपुर में लोकसभा का उपचुनाव जीतकर हड़कंप मचा दिया. निषाद ने सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ में चुनाव जीतकर सबको चौंकाया था. इसके बाद प्रवीण निषाद बीजेपी में शामिल हो गए थे. निषाद को इस बार गोरखपुर की जगह संत कबीरनगर से टिकट दिया गया है.

प्रवीण निषाद


कौन हैं भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी?

भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी ने संत कबीर नगर में साल 2009 में पहला चुनाव जीता था. बीएसपी की तरफ से चुनाव लड़ा था. साल 2009 के लोकसभा चुनाव में तिवारी को 2,11,043 वोट मिले थे. वहीं, बीजेपी के प्रत्याशी शरद त्रिपाठी 1,81,547 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे.

संत कबीर नगर बस्ती मंडल के अंतर्गत आने वाला जिला है, जो घाघरा और राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है. संत कबीर नगर लोकसभा सीट पर कुल मतदाता संख्या 19,04,315 है. इनमें 10,45,424 पुरुष मतदाता और 8,58,808 महिला मतदाता हैं. संत कबीर नगर सीट के तहत विधानसभा की पांच सीटें आती हैं जिनके नाम अलीपुर, घनघटा, मेहदावल, खलीलाबाद और खजनी हैं. अलापुर, घनघटा और खजनी की सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. संत कबीर नगर सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 के छठवें चरण में 12 मई को मतदान होना है.

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