जूना अखाड़े की साध्वी को ज़िंदा जलाने का प्रयास, अस्पताल में भर्ती

साध्वी के परिजनों का कहना है कि कुछ लोगों ने उनकी जमीन का फर्जी बैनामा करा लिया है. जिसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से लेकर पुलिस-प्रशासन के हर अधिकारी से की, लेकिन दबंगो के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई.

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 25, 2018, 7:55 PM IST
जूना अखाड़े की साध्वी को ज़िंदा जलाने का प्रयास, अस्पताल में भर्ती
शाहजहांपुर में साध्वी को जिंदा जलाने का प्रयास
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Updated: November 25, 2018, 7:55 PM IST
शाहजहांपुर में जूना अखाड़े की साध्वी को ज़िंदा जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. साध्वी कोयल गिरी उर्फ़ सीमा वर्मा को बरेली स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. साध्वी ने एक साधु दौलत गिरी समेत पांच लोगों पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया है. आईजी के आदेश पर 5 लोगो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

बता दें कि तिलहर निवासी जूना अखाड़े की साध्वी कोयल गिरी दो दिन पहले लखनऊ से ट्रेन से शाहजहांपुर लौटी थीं. तभी पहले से घात लगाए बैठे लोगो ने उन्हें सड़क पर ही घेर लिया और उनके साथ मारपीट की. वो भागते हुए घर पहुंची तो आरोपी घर पहुंच गए और मिटटी का तेल डालकर उन्हें ज़िंदा जला दिया. साध्वी को गंभीर हालत में बरेली के ईशान अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज किया जा रहा है.



साध्वी  के परिजनों का कहना है कि कुछ लोगों ने उनकी जमीन का फर्जी बैनामा करा लिया है. जिसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से लेकर पुलिस-प्रशासन के हर अधिकारी से की, लेकिन दबंगो के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई. इसी वजह से उनके हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने शुक्रवार रात उन्हें ज़िंदा जला दिया.

वहीं इस मामले में मजिस्ट्रेट ने साध्वी के बयां दर्ज कर लिए है. बरेली के आईजी ध्रुवकांत ठाकुर के आदेश पर साधू दौलत गिरी , सुशील गुप्ता , अनुराग गुप्ता , पंकज गुप्ता और संदीप गंगवार के खिलाफ तिलहर कोतवाली में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

हालांकि आरोपी अभी भी फरार हैं. आईजी ने बताया कि साध्वी के खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमे भी दर्ज है और वो जेल भी जा चुकी हैं. साध्वी का इलाज कर रहे डाक्टर का कहना है कि साध्वी 100 प्रतिशत जल चुकी है और उनकी हालत बेहद गंभीर है.

दरअसल साध्वी बनने से पहले उनका नाम सीमा था. बाद में जब उन्होंने दीक्षा ली तो वो सीमा से साध्वी कोयल गिरी बन गई. उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले लखनऊ में मन कामेश्वर मठ से दीक्षा ली थी. उसके बाद वह लखनऊ के मनोकरण मंदिर की साध्वी बन गईं. साध्वी 2012 में पीस पार्टी से तिलहर विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुकी हैं.

तभी से राजनीति में उनकी अच्छी पहचान बन चुकी थी. लेकिन उसके बाद जमीन के मामले में उनके उपर कई धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हुए और उनको कुछ माह जेल भी काटनी पड़ी थी. वही साध्वी के परिजनों का कहना की आरोपी काफी पैसे वाले हैं. इसलिए पुलिस उन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है. (रिपोर्ट- हरीश शर्मी)
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