यौन शोषण केस: कोर्ट में दाखिल तक नहीं हो पायी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी, ये है वजह
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यौन शोषण केस: कोर्ट में दाखिल तक नहीं हो पायी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी, ये है वजह
चिन्मयानंद को जेल में नहीं मिल रहा कोई वीआईपी ट्रीटमेंट

जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि चिन्मयानंद (Chinmayanand) को कोई भी वीआईपी (VIP) सुविधा नहीं दी जा रही है. चिन्मयानंद साधारण कैदियों की तरह बैरक में अन्य बंदियों के साथ रह रहे हैं.

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शाहजहांपुर. शाहजहांपुर (Shahjahanpur) के एसएस लॉ कॉलेज (SS Law College) की छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपी पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद (Swami Chinmayanand) की जमानत अर्जी शनिवार को कोर्ट (Court) में दाखिल ही नहीं हो सकी. इसके पीछे की वजह वकीलों की हड़ताल है. जिसके चलते चिन्मयानंद की जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल नहीं हो पाई. जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने मीडिया को बताया कि स्वामी चिन्मयानंद को शुक्रवार को जिला कारागार लाया गया था. चिन्मयानंद ने इसके बाद दोपहर और शाम का भोजन किया. रात में चिन्मयानंद साढ़े दस बजे सोए और सुबह साढ़े तीन बजे जाग गए.

जेल सूत्रों के अनुसार, जेल की पहली रात चिन्मयानंद को ठीक से नींद नहीं आई. वो जेल में गुमसुम बैठे रहे और यहां उनकी पहली रात मुश्किलों भरी कटी. चिन्मयानंद को देर रात तक नींद नहीं आई और वो करवटें बदलते रहे.

चिन्मयानंद को नहीं दी जा रही कोई वीआईपी सुविधा
जेल अधीक्षक ने बताया कि चिन्मयानंद ने इसके बाद लगभग एक घंटे ध्यान लगाया और पांच बजे बैरक खुलने तक वह अंदर ही टहलते रहे. उन्होंने आगे बताया कि आज सुबह चिन्मयानंद ने दैनिक कार्यों से निवृत्त होने के पश्चात सुबह नाश्ते में बंदियों को मिलने वाली चाय पी और दलिया खाया. दोपहर में उन्होंने दाल-रोटी और सब्जी खाई. उन्होंने बताया कि चिन्मयानंद को कोई भी वीआईपी सुविधा नहीं दी जा रही है. चिन्मयानंद साधारण कैदियों की तरह बैरक में अन्य बंदियों के साथ रह रहे हैं.
वहीं दूसरी ओर एसआईटी सूत्रों ने बताया कि चिन्मयानंद मामले में पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले आरोपी संजय, विक्रम और सचिन के अलावा ‘मिस ए’ (पीड़िता) भी है. उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत पीड़िता का नाम बताया नहीं जा सकता.



अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते दाखिल नहीं हुई अर्जी
चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने बताया कि आज शनिवार होने के कारण यहां जिला अदालत के अधिवक्ता हड़ताल पर रहते हैं. अधिवक्ता लंबे समय से शाहजहांपुर को लखनऊ उच्च न्यायालय की पीठ से जोड़ने की मांग कर रहे हैं. इसीलिए प्रत्येक शनिवार को यहां के अधिवक्ता हड़ताल पर होते हैं. इसी के चलते आज चिन्मयानंद की जमानत अर्जी दाखिल नहीं की जा सकी.

स्वामी चिन्मयानंद को उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को शाहजहांपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था. इससे कुछ सप्ताह पहले उनके एक कॉलेज की विधि की एक छात्रा ने उन पर बलात्कार के आरोप लगाये थे.

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