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शाहजहांपुर: बंदर भगाने के लिए युवक बने भालू, रोजाना 3 घंटे गांव में लगा रहे दौड़

Deep Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 30, 2020, 3:57 PM IST
शाहजहांपुर: बंदर भगाने के लिए युवक बने भालू, रोजाना 3 घंटे गांव में लगा रहे दौड़
भालू का वेश बनाकर दो युवक बंदर भागने में जुटे

गांव के लोगों ने बंदरों को भगाने के लिए खुद एक नायाब तरीका खोज निकाला. गांव के लोगों ने चंदा करके भालू की खाल के जैसी ड्रेस मंगवाई. भालू का मुखौटा भी मंगवाया.

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शाहजहांपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) जनपद के एक गांव में बंदरों के आतंक (Monkey Menace) से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने एक नायाब तरीका खोजा है. इसकी वजह से अब बंदरों में दहशत का माहौल है और वे गांव छोड़कर जा रहे हैं. गांव वालों ने बंदरों को भगाने के लिए भालू की शक्ल की तरह के दो युवकों को तैयार किया है. यह दोनों युवक भालू बनकर पूरे गांव में घूम रहे हैं, जिन्हें देखकर बंदर दुम दबाकर भाग रहे हैं.

गांव में 10 हजार से भी ज्यादा बंदर
मामला थाना जलालाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर अफगान गांव का है. जहां की आबादी तो महज 5 हजार है. लेकिन यहां उत्पाती बंदरों की तादाद 10 हजार से भी ज्यादा है. यहां के लोगों ने वन विभाग से बंदरों को पकड़ने की मांग की थी. लेकिन वन विभाग ने एक बंदर पकड़ने के एवज में 300 रुपए का शुल्क देने की बात कही. फीस ज्यादा होने की वजह से ग्रामीणों ने हाथ खड़े कर दिए. लेकिन गांव वालों ने हिम्मत नहीं हारी. गांव के लोगों ने बंदरों को भगाने के लिए खुद एक नायाब तरीका खोज निकाला. गांव के लोगों ने चंदा करके भालू की खाल के जैसी ड्रेस मंगवाई. भालू का मुखौटा भी मंगवाया. इसके बाद गांव के ही दो युवकों को भालू की ड्रेस वाले कपड़े पहनाकर जैसे ही गांव में निकाला, वैसे ही बंदरों में भगदड़ मच गई. भालू की शक्ल देख कर बंदर गांव छोड़कर भाग रहे हैं.

2 से 3 घंटे भगाते हैं बंदर

भालू के कपड़े पहने दोनों युवक रोजाना 2 से 3 घंटे गांव में घूमकर बंदरों को भगाते हैं. इनकी शक्ल देखकर बंदर कभी पेड़ से कूद जाते हैं, तो कभी मकान की छत से कूद कर भाग जा रहे हैं. भालू बने सलीम कहते हैं कि कहते हैं कि बंदर उन्हें देखकर भाग रहे हैं. हालांकि भालू की शक्ल देख कर बंदर तो गांव छोड़ कर धीरे-धीरे भाग रहे हैं, लेकिन इन भालू की खाल पहने युवकों के लिए मुसीबत भी बढ़ गई है. क्योंकि इन्हें देख कर गांव के कुत्ते इन पर भौंक रहे हैं और काटने की कोशिश करते हैं.

Man dressed as bear in shahjahanpur
भालू के भेष में बंदरों को भगाते हुए सलीम


गांव वालों की माने तो काफी बंदर अभी भी गांव में मौजूद है, जो उनका भारी नुकसान कर रहे हैं. खाना बनाते और खाना खाते वक्त परिवार के लोग लाठी-डंडा लेकर बंदरों को भगाते नजर आते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग बंदरों के आतंक से बेहद परेशान हैं. लेकिन बंदरों को भगाने के इस तरीके से उन्हें राहत मिल पाएगी या नहीं इसको लेकर उनकी परेशानी बरकरार है.बंदरों की संख्या में आई कमी
पूर्व प्रधान अशोक कहते हैं कि भालू की शक्ल वाले इन लोगों को देखकर बंदरों की संख्या कुछ कमी आई है. दरअसल, गांव बड़ा है जिसके चलते बंदर दूसरे किनारों को भाग जाते हैं या फिर गांव के बाहर छुप जाते हैं. बंदर इतने उत्पाती हैं कि लोगों को हर वक्त डंडा अपने साथ रखना पड़ता है. बंदर कभी उनके कपड़े फाड़ देते हैं तो कभी उनका खाना छीन कर भाग जाते हैं. आलम यह है कि वन विभाग भी इन्हें पकड़ने को लेकर अपने हाथ खड़े कर रहा है.



उधर, डीएफओ आदर्श कुमार ने कहा कि बंदर आज कल शहर से लेकर गांव तक फैले हुए हैं. अगर कोई भी बंदर को पकड़वाना चाहता है तो उसके लिए एक प्रोटोकॉल है, जिसके तहत अनुमति दी जाती है. लेकिन यह ध्यान में रखा जाता है कि पशु क्रूरता न हो. भालू के भेष में बंदर भगाने का अगर कोई प्रयास कर रहा है तो इसमें कोई हर्ज नहीं है. बशर्ते जानवर को कोई नुकसान न हो.

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First published: January 30, 2020, 12:27 PM IST
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