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रेप आरोपी चिन्मयानंद को जमानत नहीं, वकील बोला- बीमारी की वजह से कराते थे मालिश

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 30, 2019, 11:53 PM IST
रेप आरोपी चिन्मयानंद को जमानत नहीं, वकील बोला- बीमारी की वजह से कराते थे मालिश
वकीलों ने मसाज को ज़रूरी बताने के लिए डॉक्टर्स के पर्चे भी अदालत में सबूत के तौर पर पेश किए. (फाइल फोटो)

शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में एलएलएम (LLM) की छात्रा (Student) से रेप (Rape) के आरोप में पिछले चालीस दिनों से जेल में बंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद (Swami Chinmayanand) को फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से कोई राहत नहीं मिली है.

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शाहजहांपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में एलएलएम (LLM) की छात्रा (Student) से रेप (Rape) के आरोप में पिछले चालीस दिनों से जेल में बंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद (Swami Chinmayanand) उर्फ़ कृष्ण पाल सिंह को फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से कोई राहत नहीं मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर सुनवाई, आठ नवम्बर तक के लिए टाल दी है. अदालत से कोई फौरी राहत नहीं मिलने की वजह से चिन्मयानंद को अब अगली सुनवाई तक जेल में ही रहना होगा.

हाईकोर्ट में बुधवार को स्वामी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई. जिसमें उनके वकीलों ने उन्हें निर्दोष बताते हुए पीड़ित छात्रा द्वारा फंसाने का आरोप लगाया. उनके वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि स्वामी चिन्मयानंद द्वारा ऐसा कोई कृत्य नहीं किया गया है. उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि स्वामी चिन्मयानंद को स्किन की बीमारी है, जिसके लिए उन्हें तेल की मसाज करानी पड़ती है. छात्रा से उन्होंने इसलिए मालिश कराई थी क्योंकि उसका परिवार काफी दिनों से उनके आश्रम में आता था.

डॉक्टर्स के पर्चे भी अदालत में सबूत के तौर पर पेश
वकीलों ने मसाज को ज़रूरी बताने के लिए डॉक्टर्स के पर्चे भी अदालत में सबूत के तौर पर पेश किए. छात्रा की तरफ से चिन्मयानंद की इस दलील का विरोध किया गया और कहा गया कि अगर डाक्टर ने मालिश ज़रूरी किया था तो पूरे कपड़े उतारने और पोती की उम्र की लड़की को ही क्यों चुना गया था. यह काम आश्रम के किसी नौकर व सेवादार से भी कराया जा सकता था. चिन्मयानंद के वकील इसका कोई जवाब नहीं दे सके.

स्वामी चिन्मयानंद के वकील की इस दलील पर पीड़ित छात्रा के वकील ने अदालत में कड़ा एतराज जताया और अपना जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा है. पीड़ित छात्रा की ओर से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को सही तथ्यों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई. कोर्ट को पीड़िता के वकील ने ये भी बताया है कि दिल्ली से चलते हुए पीड़िता ने लोधी रोड थाने में एक तहरीर पांच सितम्बर 2019 को दी है.

सुनवाई की अगली तारीख 8 नवम्बर
जिसमें पीड़िता के साथ किए गए अत्याचार और यौन उत्पीड़न का सिलसिलेवार जिक्र किया गया है. कोर्ट ने पीड़ित छात्रा के वकील को काउन्टर एफिडेविट दाखिल करने का समय देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 8 नवम्बर नियत की है. वहीं इस मामले में राज्य सरकार को भी जवाब दाखिल करने को कोर्ट ने कहा है. अदालत स्वामी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर 8 नम्बर को दोपहर दो बजे सुनवाई करेगी. यूपी सरकार ने इस मामले में छात्रा और चिन्मयानंद दोनों की तरफ से अपराध किए जाने की बात कही है.
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छात्रा के पिता पर अवैध वसूली के दो मामलों में चार्जशीट
हाईकोर्ट ने इस मामले में यूपी सरकार से छात्रा के मजिस्ट्रेटी बयान की प्रमाणित कॉपी पेश करने को कहा है. इस मामले में चिन्मयानंद और छात्रा दोनों की ही दलीलें बुधवार तक पूरी नहीं हो सकीं. मामले की सुनवाई के दौरान चिन्मयानंद की तरफ से शिकायतकर्ता छात्रा और उसके परिवार वालों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए. कहा गया कि छात्रा के पिता पर अवैध वसूली के दो मामलों में चार्जशीट दाखिल है. छात्रा की तरफ से दिल्ली के लोधी रोड थाने में दर्ज कराई गई रेप की शिकायत पर अलग से केस दर्ज किये जाने की भी मांग की गई.

मामले की सुनवाई जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की सिंगल बेंच में हुई. इस मामले में शिकायतकर्ता एलएलएम छात्रा की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में छह नवम्बर को सुनवाई होनी है. जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी जांच की मॉनीटरिंग कर रही डिवीजन बेंच में 28 नवम्बर को मामले की सुनवाई की डेट लगी है.

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First published: October 30, 2019, 11:53 PM IST
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