UP के इस जिले में जानिए क्यों बढ़ रही है अवैध तमंचों की डिमांड, अब तक 18 तस्कर अरेस्ट

अवैध असलहों का गढ़ बना शाहजहांपुर
अवैध असलहों का गढ़ बना शाहजहांपुर

शाहजहांपुर (Shahjahanpur) जिले में आमतौर से शस्त्र लाइसेंस लोगों की पहली पसंद बन चुका है. जिसके चलते नए असलहा लाइसेंस पर प्रतिबंध लगया जा चुका है. इसके बावजूद जिले में अबैध शस्त्र फैक्ट्रियों की भरमार दिखाई पड़ रही है.

  • Share this:
शाहजहांपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में अवैध शस्त्र (Illegal Arms) लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे हैं. एक और जहां इन अवैध हथियारों से लोगों की शान ऊंची रही है, वहीं ग्रामीण इलाकों में अवैध तमंचे अब लड़ाई, हत्या, लूट के लिए मुफीद साबित हो रहे हैं. मात्र 1500 रुपए में मिलने वाले अवैध तमंचों की भरमार के चलते जिले में अब तक 12 अवैध शस्त्र फैक्टियां पकड़ी जा चुकी है. एसपी आनंद के ऑपरेशन क्लीन के चलते करीब 18 शस्त्र तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.

आर्म्स लाइसेंस पर लगा है प्रतिबंध

शाहजहांपुर जिले में आमतौर से शस्त्र लाइसेंस लोगों की पहली पसंद बन चुका है. जिसके चलते नए असलहा लाइसेंस पर प्रतिबंध लगया जा चुका है. इसके बावजूद जिले में अबैध शस्त्र फैक्ट्रियों की भरमार दिखाई पड़ रही है. पिछले 2 महीनों में एसपी एस आनंद के निर्देशन में करीब 12 शस्त्र फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं. 18  तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. इन तस्करों के पास से करीब 50 अवैध  कारतूस और उपकरण बरामद  किए जा चुके हैं.



आसानी से हो रही सप्लाई
ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 15 सौ से लेकर 2 हजार रुपए में मिलने वाले यह तमंचे बड़े आसानी से इन फैक्ट्रियों से मिलते रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में बने लाखों तमंचे अब तक बिक चुके हैं. जिले में मौत का सामान बने यह तमंचे आपसी झगड़ों के अलावा लूट, हत्या और बदमाशों में खौफ पैदा करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं. यही नहीं सैकड़ों हत्याओं मे इस्तेमाल होने वाले इन तमंचों को पुलिस किसी के खिलाफ केस दर्ज करने में भी इस्तेमाल करती आ रही है.  इन फैक्ट्रियों से बने तमंचे अन्य जनपदों में भी सप्लाई हो रहे हैं.

20 सालों से बढ़ी असलहों की डिमांड

दरअसल, एक जमाने मे शाहजहांपुर की कटरी का इलाका बदमाशों का गढ़ रहा है जिसके चलते पिछले 20 सालों से असलहों की डिमांड बढ़ी है. लेकिन लाइसेंस पर प्रतिबंध लगने के बाद यह अवैध असलहों की सप्लाई शुरू हो गई. अब यहां लाखों घरों में अवैध असलहे मौजूद हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज