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चिन्मयानंद केस: SIT ने 2 महीने में तैयार की 4700 पेज की केस डायरी, 105 लोगों के लिए बयान

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 5, 2019, 4:57 PM IST
चिन्मयानंद केस: SIT ने 2 महीने में तैयार की 4700 पेज की केस डायरी, 105 लोगों के लिए बयान
शाहजहांपुर में चिन्मयानंद केस में एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है. 6 नवंबर को एसआईटी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है.

एसआईटी (SIT) प्रमुख आईजी नवीन अरोड़ा (IG Naveen Arora) ने बताया कि स्वामी चिन्मयानंद (Swami Chinmayanand) मामले में जांच पूरी हो गई है. कल वह न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर देंगे.

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शाहजहांपुर. पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद (Chinmayanand) के खिलाफ यौन शोषण (Sexual Harrasssment) के मामले और चिन्यामनंद से रंगदारी (Extortion) मांगे जाने के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस की. एसआईटी प्रमुख आईजी नवीन अरोड़ा ने कहा कि 2 माह चली एसआईटी की जांच में 105 लोगों के बयान लिए गए. 20 भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए. 55 अभिलेखों के साथ ही 4700 पेज की केस डायरी वह न्यायालय में दाखिल करने जा रहे हैं. इसके साथ ही 20-20 पेज की चार्जशीट भी न्यायालय में दाखिल करेंगे. इसके अलावा शासन को भी वह दो रिपोर्ट भेज रहे हैं, जिसमें स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण और कालेज मैनेजमेंट संबंधी रिपोर्ट हैं.

बीजेपी नेताओं के पास से पैनड्राइव बरामद
आईजी नवीन अरोड़ा ने स्वामी चिन्मयानंद मामले में जांच पूरी हो गई है. कल वह न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर देंगे. इस मामले में पीड़िता के पास से दौसा, राजस्थान में छीनी गई पेन ड्राइव भाजपा के सहकारी बैंक के अध्यक्ष डीपीएस राठौर और एक भाजपा नेता अजीत सिंह के पास से बरामद हो गई है.
उन्होंने बताया कि दौसा, राजस्थान में पीड़िता के पास से यह पेनड्राइव इन नेताओं ने छीन ली और उसको अपने लैपटॉप में डालकर देखा. उसके बाद लैपटॉप से डिलीट कर दी. फिर चिन्मयानंद से एक करोड़ 25 लाख रुपए मामला निपटाने के लिए मांगे. इसी मामले में दोनों नेताओं को दोषी पाया गया.

दोनों बीजेपी नेताओं के खिलाफ भी दाखिल होगी चार्जशीट
आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 385, 506 और 201 के तहत आरोपपत्र कल न्यायालय में दाखिल कर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसी के साथ स्वामी चिन्मयानंद की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी मांगने में अब आरोपियों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. इस मामले में पीड़िता के अलावा संजय, विक्रम, सचिन पहले से ही जेल में बंद हैं.

पीड़िता का सारा सामान संजय की मामी ने नाले में बहाया
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उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि छात्रा को जब हॉस्टल का कमरा दिया जाता है, तब वह अपना ताला स्वयं लगाती है जबकि पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसकी अनुपस्थिति में कालेज प्रशासन ने ताला खोलकर महत्वपूर्ण साक्ष्य चश्मा आदि गायब कर दिए हैं. जांच में ऐसा नहीं पाया गया क्योंकि संजय ने पीड़िता के साथ दिल्ली जाने से पूर्व भी पीड़िता के कमरे का सारा सामान राहुल नामक व्यक्ति के घर पर एक बक्से में बंद करके रख दिया था.

आईजी ने बताया कि जब एसआईटी द्वारा जांच शुरू हुई और लोगों की गिरफ्तारी हुई. तब संजय की मामी घबरा गईं और उन्होंने बक्से का सारा सामान पास में ही बहने वाले नाले में बहा दिया. इसकी जैसे ही जानकारी एसआईटी को मिली तो उन्होंने नाले की सफाई कराकर बक्से के सामान को अपने कब्जे में ले लिया लेकिन नाले से चश्मा बरामद नहीं हो सका.

जिस चश्मे से पीड़िता ने बनाया वीडियो, वह नहीं मिला
नवीन अरोड़ा ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद का मालिश करते हुए जो वीडियो पीड़िता ने चश्मे द्वारा बनाया था, वह चश्मा संजय और पीड़िता ने ही कहीं गायब किया है. एसआईटी के मुखिया ने कहा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला गांधीनगर को मालिश वाला वीडियो और रंगदारी मांगने का वायरल वीडियो के अलावा जो भी वीडियो वायरल हुए थे, वह और मोबाइल जांच में भेजे गए थे. उनकी मिरर फोटो निकलवाई गई, जो जांच में बिल्कुल सही पाए गए. इसके अलावा मोबाइल लोकेशन सीडीआर गेस्ट हाउस आदि की सीसीटीवी फुटेज भी जांच में सही पाए गए हैं.

105 लोगों के बयान, 4700 पेज की केस डायरी
उन्होंने कहा कि 2 माह चली एसआईटी की जांच में 105 लोगों के बयान लिए गए 20 भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए 55 अभिलेख ईयर साथियों के साथ ही 4700 पेज की केस डायरी वह न्यायालय में सबमिट कर रहे हैं और 20-20 पेज की चार्जशीट भी न्यायालय में दाखिल करेंगे. इसके अलावा शासन को भी वह दो रिपोर्ट भेज रहे हैं, जिसमें स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण तथा कालेज मैनेजमेंट संबंधी रिपोर्ट है.

ये था पूरा मामला
आपको बता दें कि 24 अगस्त को स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने एक वीडियो वायरल कर स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद से पीड़िता लापता हो गई थी. तब पीड़िता के पिता ने शहर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था लेकिन इससे पूर्व स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने एक अज्ञात मोबाइल नंबर पर 5 करोड़ रूपए रंगदारी मांगने का मामला दर्ज करा दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान और दिए जांच के आदेश
पीड़िता को स्थानीय पुलिस ने राजस्थान के दौसा से बरामद किया. तभी सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़िता को न्यायालय में पेश करने का आदेश किया और उत्तर प्रदेश सरकार को इस पूरे मामले की विशेष जांच दल एसआईटी गठित करके उसे जांच कराने का निर्देश दिया. एसआईटी ने 2 माह से चल रही इस जांच में स्वामी चिन्मयानंद के अलावा रंगदारी मांगने के आरोप में पीड़िता समेत संजय, विक्रम सचिन को जेल भेज दिया है जबकि भाजपा के दो नेताओं को भी रंगदारी मांगने के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया है.

रिपोर्ट: दीप श्रीवास्तव

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First published: November 5, 2019, 4:54 PM IST
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