शाहजहांपुर में बवालः 1200 अज्ञात उपद्रवियों पर केस दर्ज, दोनों पक्षों से 3-3 मुकदमे दर्ज

मौके पर दो कंपनी पीएसी और एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है. इसके साथ ही कई उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 27, 2018, 6:26 PM IST
शाहजहांपुर में बवालः 1200 अज्ञात उपद्रवियों पर केस दर्ज, दोनों पक्षों से 3-3 मुकदमे दर्ज
शाहजहांपुर में बवालः 300 लोगों पर केस दर्ज, दोनों पक्षों से 3-3 मुकदमे दर्ज
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Updated: August 27, 2018, 6:26 PM IST
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में दो गुटों के बीच हुए बवाल विवाद में लगभग 1200 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. साथ ही इन मामलों में 240 लोगों को नामजद भी किया गया है.  वहीं दोनों पक्षों की तरफ से तीन-तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं. जिले में इंटरनेट सेवा 12 घंटे बाद सोमवार को बहाल कर दी गई.

जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया कि रविवार को कुछ अराजक तत्वों ने सोशल मीडिया पर झूठे वीडियो अपलोड किए थे, जिससे माहौल खराब हो सकता था. इसलिए कल रात 12 बजे से लेकर आज दोपहर 12 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी. बाद में इसे बहाल कर दिया गया.

त्रिपाठी ने बताया कि सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखी जा रही है. विभिन्न ऐसे लोगों को चिन्हित भी किया गया है, जिन्होंने माहौल बिगाड़ने के लिए पोस्ट की और कमेंट किए हैं. इसमें एक व्यक्ति के विरुद्ध आईटी कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. जिला अधिकारी के मुताबिक, घटना के दिन के वीडियो फुटेज निकलवाए जा रहे हैं जिनके आधार पर लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस अधीक्षक एस एस चिनप्पा ने बताया कि दो कंपनी पीएसी और एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स कस्बे में बराबर गश्त कर रही है. इसके अलावा अपर पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी नजर रखे हुए हैं.

आपको बता दें कि मामला थाना बंडा कस्बे का है जहां शनिवार को गुरुद्वारे के सामने एक नाबालिग ने राखी की दुकान लगा दी. जब गुरुद्वारे के सेवक ने गेट के सामने से दुकान हटाने को कहा तो दोनों में विवाद हो गया. आरोप है कि सेवादार ने लड़की के पैर पर लाठी मार दी जिससे वह गिर पड़ी.

इसके बाद देखते ही देखते ग्रामाीण और सिख समुदाय के लोग सड़कों पर आ गए. सड़क पर नंगी तलवारें लहराई गईं. दोनों पक्षों में जमकर पथराव और फायरिंग हुई. बाद में जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक एस. चिनप्पा बड़ी संख्या में पुलिस बल लेकर पहुंचे लेकिन स्थिति शांत नहीं हुई. हालात को नियंत्रित करने के लिए रबर की गोली चलाई गई तथा आंसू गैस के गोले छोड़े गए. इसके बावजूद उपद्रवी रुक-रुककर पथराव करते रहे. जब उपद्रवी शांत नहीं हुए तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और हालात पर काबू पाया.

रिपोर्ट - दीप श्रीवास्तव
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