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शामली: जंगली फल खाने से एक ही परिवार के 9 बच्चों की हालत गंभीर

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 30, 2019, 4:09 PM IST
शामली: जंगली फल खाने से एक ही परिवार के 9 बच्चों की हालत गंभीर
शामली में जंगली फल खाने से एक ही परिवार के 9 बच्चे बीमार हो गए.

बताया जा रहा है कि जंगली फल खाने वाले सभी 9 बच्चे एक ही परिवार के हैं. जिनकी उम्र 4 वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक है. पहले तो सभी बीमार बच्चों को गांव उपचार कराया गया लेकिन बच्चों की हालत लगातार खराब होती चली गयी.

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शामली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के झिंझाना क्षेत्र में जंगली फल खाने से 9 बच्चों की हालत बिगड़ गई है. बताया जा रहा है कि सभी बच्चों ने एक पेड़ से फल तोड़कर खा लिया, जिसके बाद उनकी तबियत खराब हो गई. बच्चों को उल्टी व पेट में दर्द की शिकायत होने लगी. बताया जा रहा है कि जंगली फल खाने वाले सभी 9 बच्चे एक ही परिवार के हैं. जिनकी उम्र 4 वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक है. पहले तो सभी बीमार बच्चों को गांव उपचार कराया गया लेकिन बच्चों की हालत लगातार खराब होती चली गयी. इसके बाद परिजनों में हड़कम्प मच गया और उन्होंने तुरंत एंबुलेंस बुलवाकर सभी बच्चों को झिंझाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी में भर्ती कराया. जहां से गंभीर देखते को 4 बच्चों को मेरठ रेफर किया गया है. सभी बच्चों का उपचार अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की देख-रेख में चल रहा है. उनके अनुसार सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं.

फल खाते ही शुरू हुई उल्टी-दस्त

दरअसल मामला झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव बिडौली सादात का है. गांव बिडौली सादात निवासी महबूब, शहजाद और अयूब के बच्चे यमुना बांध पर खेल रहे थे. उसी समय जंगली पेड़ पर चढ़कर फलों को सभी बच्चों ने खाया. कुछ देर बाद उनके पेट में दर्द का एहसास होने लगा और उल्टी होने लगी. परिजनों को इसकी जानकारी लगी और उन्होंने गांव के ही एक डॉक्टर से उपचार कराया. लेकिन एक के बाद एक सभी 9 बच्चों की हालत इसी तरह बिगड़ गई. उन्होंने तुरंत ही एंबुलेंस को फोन करके बुला लिया और सभी 9 बच्चों को झिंझाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया.

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इसी जंगली फल को खाने से बीमार पड़ गए बच्चे.


सभी बच्चे खतरे से बाहर: सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी

सूचना मिलने पर सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजकुमार शर्मा भी मौके पर पहुंचे और अपने नेतृत्व में उन्होंने उपचार शुरू कराया. सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि 5 बच्चों को मेरठ रेफर किया गया है और 4 बच्चों का इलाज झिंझाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है. सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है. मेरठ रेफर किए गए बच्चों में महबूब की 14 वर्षीय पुत्री मंतशा, 7 वर्षीय बेटी समरजहां, 8 वर्षीय बेटा सीरान, 5 वर्षीय बेटा सुफियान और 4 वर्षीय बेटी सोफिया हैं. वहीं दूसरे युवक शहजाद के बच्चों मे 10 वर्ष बेटा अनस, 8 वर्षीय समीर और 7 वर्षीय समरीन पुत्र तथा अयूब की 14 वर्षीय बेटी शानो झिंझाना के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार करा रहे हैं.

रिपोर्ट: शहनवाज राणा
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First published: October 30, 2019, 4:07 PM IST
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