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शामली: UP पुलिस के एनकाउंटर का खौफ, तीन खूंखार गैंगस्टरों ने इस तरह किया आत्मसमर्पण

शामली: तीन खूंखार गैंगस्टरों ने इस तरह किया आत्मसमर्पण

शामली: तीन खूंखार गैंगस्टरों ने इस तरह किया आत्मसमर्पण

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सत्ता संभालने के बाद ही अपराधियों को ललकारते हुए कहा था कि, अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा या तो अपराधी जेल में होंगे या या फिर अपराधी उत्तर प्रदेश से पलायन कर जाएं.

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शामली. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार (Yogi Government) बनने के बाद पुलिस द्वारा अपराधियों की लगातार कमर तोड़ी जा रही है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के अधिकतर थानों में फरार अपराधी पुलिस कार्रवाई के डर से पुलिस के सामने खुद ही आत्मसमर्पण कर रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार (Shamli) को शामली जिले में तीन गैंगस्टर ने भी पुलिस कार्रवाई व गिरफ्तारी के डर से कोतवाली पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस ने तीनों गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया.

कैराना कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहें तीन गैंगस्टर मोमीन, इन्तजार, और मंगता निवासी ग्राम रामडा कोतवाली पहुंचे. उन्होंने पुलिस के सामने हाथ उठाकर आत्मसमर्पण कर दिया. सभी गैंगस्टरों ने कहा कि, वह अपराध से तौबा कर भविष्य में अपराध न करने की शपथ लेते हैं, जिसके बाद पुलिस ने सभी तीनों गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया. पुलिस अधीक्षक शामली सुकीर्ति माधव ने बताया कि आरोपियों के विरूद्ध थाना कैराना पर बलवा, हत्या का प्रयास आदि के पूर्व में अभियोग पंजीकृत है, जिन पर अंकुश लगाने हेतु आरोपियों के विरूद्ध गैंगस्टर की कार्यवाही की गयी.

आपराधिक इतिहास मोमीन
1. मु0अ0सं0 606/17 धारा 147/148/149/307/336/353 भादवि व 7 सीएलए एक्ट थाना कैराना.
2. मु0अ0सं0 66/21 धारा 2/3 गैगस्टर एक्ट थाना कैराना जनपद शामली.
आपराधिक इतिहास इन्तजार
1. मु0अ0सं0 606/17 धारा 147/148/149/307/336/353 भादवि व 7 सीएलए एक्ट थाना कैराना.
2. मु0अ0सं0 66/21 धारा 2/3 गैगस्टर एक्ट थाना कैराना जनपद शामली.
आपराधिक इतिहास मंगता
1. मु0अ0सं0 606/17 धारा- 147/148/149/307/336/353 भादवि व 7 सीएलए एक्ट थाना कैराना जनपद शामली.
2. मु0अ0सं0 531/16 धारा 354ख/323/504/506 भादवि थाना कैराना जनपद शामली.
3. मु0अ0स0 66/21 धारा 2/3 गैगस्टर एक्ट थाना कैराना जनपद शामली.

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद ही अपराधियों को ललकारते हुए कहा था कि, अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा या तो अपराधी जेल में होंगे या या फिर अपराधी उत्तर प्रदेश से पलायन कर जाएं. जिसके बाद पुलिस ने लगातार बड़े अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान मार गिराया तो कुछ अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ में लंगड़ा कर सलाखों के पीछे भेज दिया.

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UP Crime: आतंकियों की गिरफ्तारी के दूसरे दिन ही शामली में विस्फोट, मची अफरातफरी

शामली में मौका-ए-वारदात से सैंपल जुटाता फोरेंसिक विभाग का अधिकारी.

crime in UP : यह वारदात झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव चौसाना में हुई है. यहां युवराज इलेक्ट्रिकल्स के नाम से एक विद्युत उपकरण की दुकान है. यहीं रखे एक बैग में यह धमाका हुआ है. बताया जा रहा है कि यह हैंडमेड बम था.

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शामली. दिल्ली के स्पेशल सेल और यूपी एटीएस की संयुक्त छापामारी में 6 आतंकियों की गिरफ्तारी के अगले दिन यानी गुरुवार को ही शामली जनपद के चौसाना में बम धमाका हुआ है. धमाके से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया. लोगों में अफरातफरी का माहौल बना रहा. धमाका होने के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट आई. इस बीच किसी ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी. धमाके के बाद से लोग सहमे हुए हैं.

बताया जा रहा है कि यह वारदात झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव चौसाना में हुई है. यहां युवराज इलेक्ट्रिकल्स के नाम से एक विद्युत उपकरण की दुकान है. यहीं रखे एक बैग में यह धमाका हुआ है. बताया जा रहा है कि यह हैंडमेड बम था. वारदात के बारे में बताया गया कि इस दुकान पर एक अज्ञात युवक आया था. दुकान से उसने एक बल्ब लिया और अपने थैले में लिया. थोड़ी देर यह युवक दुकान पर ही खड़ा रहा और कुछ देर बाद उसने कुछ और सामान खरीदने का बहाना बनाकर अपना बैग दुकान पर छोड़ गया. काफी देर तक वह नहीं लौटा. तब दुकानदार बैग चेक करने के लिए गया, तभी उसने देखा कि बैग से धुआं निकल रहा है. और इसके कुछ ही देर बाद धमाका हो गया. दुकान पर खड़े लोगों में भगदड़ मच गई और दुकानदार ने हड़बड़ी में पुलिस को सूचना दी.

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सूचना पाकर पुलिस के आलाअधिकारी मौके पर पहुंचे. उनके साथ ही फोरेंसिक टीम भी आई. फोरेंसिक विभाग की टीम ने आसपास से जांच के लिए सैंपल इकट्ठा किए. शामली की एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि सैंपल को लैब में रिसर्च के भेज दिया गया, ताकि पता चल सके कि यह हैंडमेड बम किस चीज से तैयार किया गया है. पुलिस की टीम अज्ञात युवक की तलाश में जुटी है.

Shamli News: बंदरों से बचने के लिए दो मंजिल से कूदीं बीजेपी नेता की पत्नी, मौके पर ही मौत

Shamli News: बंदरों के हमले से बचने के लिए बीजेपी नेता की पत्नी दो मंजिल से कूदीं, मौत

Shamli Monkey Attack: पूरा मामला कैराना कस्बे का है, जहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनिल चौहान की पत्नी की मौत हो गई. घर के काम के लिए छत पर गई थीं सुषमा देवी (50 वर्ष), अचानक बंदरों ने कर दिया हमला.

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शामली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शामली (Shamli) जनपद के कैराना में बंदरों का आतंक (Monkey Menace) देखने को मिल रहा है. ताजा मामले में बंदरों के हमले से बचने के लिए बीजेपी नेता की पत्नी की मौत हो गयी. बताया जा रहा है कि घर के किसी काम से बीजेपी नेता की पत्नी छत पर चढ़ी थीं. उसी दौरान बंदरों ने हमला बोल दिया, जिनसे बचने के लिए महिला ने छत से छलांग लगा दी. जिस कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गयी. इस हादसे के बाद इलाके के लोग भी दहशत में हैं.

दरअसल, पूरा मामला कैराना कस्बे का है, जहां बीजेपी के पूर्व संसद स्वर्गीय बाबू हुकुम सिंह के भतीजे एवं वरिष्ठ बीजेपी नेता अनिल चौहान की पत्नी की मौत हो गयी. मृतक महिला का नाम सुषमा देवी था, जिनकी उम्र 50 वर्ष थी. मृतक सुषमा देवी मंदिर से पूजा करने के बाद अपने घर की छत पर किसी काम से गई हुई थी. तभी बंदरों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया. बंदरों से बचने के प्रयास में वह मकान की दूसरी मंजिल से कूद गई. जिसके बाद परिवार के लोगों सुषमा देवी को शामली के एक निजी हॉस्पिटल ले गए, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

जिला पंचायत सदस्य रह चुकी थीं सुषमा देवी
मृतका सुषमा देवी वार्ड नंबर 13 से जिला पंचायत सदस्य रह चुकी है. वहीं बीजेपी नेता की पत्नी के देहांत के बाद क्षेत्र में शोक छा गया. गणमान्य लोग एवं शुभचिंतक मोहल्ला आलकला स्थित उनके आवास पर शोक प्रकट करने पहुंचे. जिसके बाद गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया. वहीं घटना के बाद से बीजेपी नेता अनिल चौहान को सांत्वना देने नेताओं के साथ स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे.

Army Bharti 2021: सेना की भर्ती को लेकर यूपी में क्‍यों मचा बवाल, यह है पूरी कहानी

 भारतीय सेना की भर्ती रैली रद्द होने की वजह से अयोध्‍या में आज युवकों ने हंगामा किया है. (फाइल फोटो)

Army Bharti 2021: सेना की भर्ती रैली रद्द होने की वजह से यूपी में युवा आक्रोशित हैं. बीते कुछ दिनों से लगातार प्रदर्शन का दौर जारी है. पहले शामली और अब अयोध्‍या से हंगामे की खबर है. सेना की तैयारी कर रहे नौजवानों के गुस्‍से की वजह वाकई भर्ती रद्द होना है या फिर कुछ और बात है. पढ़िए पूरी कहानी...

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नई दिल्‍ली. भारतीय सेना की भर्ती को लेकर इन दिनों उत्‍तर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है. चार दिनों पहले उत्‍तर प्रदेश के शामिली में सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवकों ने जमकर हंगामा किया. मजबूर होकर पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा. शामली जैसा आक्रोश आज अयोध्‍या में देखने को मिला. हालात एक जैसे ही थे. पहले सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे सैकड़ों बच्‍चों का हुजुम पूराकलंदर थाने के डाभासेमर इलाके में इकट्ठा हुआ. अपनी आवाज प्रशासन और सेना मुख्‍यालय तक पहुंचाने के लिए प्रयागराज को जाने वाले हाईवे पर जाम लगा दिया.

प्रयागराज हाईवे जाम होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया. मौके पर पहुंचे पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की. बच्‍चों ने ठोस नतीजों की बात की तो लाठी पकटकर डराने की कोशिश हुए. बच्‍चे जब फिर भी नहीं मानें तो हल्‍के बल का प्रयोग कर मौके से खदेड दिया गया. भर्ती रद्द होने से जिन बच्‍चों को अपना भविष्‍य अंधकार मय दिख रहा हो, वो बच्‍चे अब इतनी आसानी से कहां मानने वाले थे. बच्‍चे डाभासेमर से कोतवाली नगर के नाके पर पहुंच गए और अपनी आवाज रखने लगे. अब तक पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच चुके थे. उन्‍होंने बच्‍चों को समझाया. बच्‍चे समझ भी गए, सेनाध्‍यक्ष के नाम ज्ञापन दिया और अपने घर को चले गए.

सेना के दावा, समय पर दी गई भर्ती रद्द होने की जानकारी
भारतीय सेना ने भर्ती रैली के लिए बीते महीने नोटिफकेशन जारी किया था. नोटिफिकेशन में यूपी के गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गाजीपुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुर और वाराणसी जिलों के लिए भर्ती रैली आयोजित की जानी थी. नोटिफिकेशन में भर्ती रैली के लिए 6 सितंबर से 30 सितंबर का समय तय किया गया था. इस बीच, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सेना ने भर्ती रैली को एक बार फिर रद्द करने का फैसला लिया. सेना के रिक्‍यूटमेंट डायरेक्‍टर कर्नल सिद्धार्थ बासु के अनुसार, रैली रद्द होने की सूचना समय से विभिन्‍न माध्‍यमों से दी गई थी. राष्‍ट्रीय और स्‍थानीय समाचार पत्रों के जरिए भी रैली रद्द होने की खबर बच्‍चों तक पहुंचाई गई थी.

जब समय से सूचना मिल गई, तब हंगामा क्‍यों?
यह सही है कि भारतीय सेना के भर्ती निदेशालय की तरफ से समय रहते भर्ती रैली रद्द होने की सूचना दे दी गई थी. इस सूचना को मीडिया के लगभग हर सेक्‍शन ने दिखाया या बताया था. फिर यह सवाल उठता है कि समय समय रहते सूचना दे दी गई थी, तब भर्ती रैली रद्द होने को लेकर बवाल क्‍यों मचाया गया? तो इसका जवाब यह है कि भारतीय सेना में भविष्‍य तलाश रहे बच्‍चे सिर्फ वाराणसी या दूसरे शहरों में होने वाली भर्ती से नाराज नहीं थे, वे इस बात से भी नाराज थे कि पिछले दो सालों से पिछले दो सालों से सेना ने भर्ती परीक्षा आयोजित की ही नहीं. यही बात उन्‍होंने सेना प्रमुख को दिए अपने ज्ञापन में भी कही है.

आखिर किसकी गलती?
सेना में भर्ती होने के लिए बीते कई सालों से रात-दिन एक करने वाले ये नौजवान इस बात से भी खफा है कि दो साल भर्ती न होने का सीधा असर उनकी योग्‍यता पर पड़ा है. कई सारे नौजवान ऐसे हैं, जो निर्धारित उम्र की सीमा को पार कर चुके हैं. कुछ ऐसे भी हैं, जो उम्र सीमा के मुहाने पर आ खड़े हुए हैं. ये नौजवान यह मानते हैं कि कोरोना काल में रैली कराना संभव नहीं था, लेकिन वह साथ में यह भी कहते हैं कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है. यदि कोरोना का बस किसी पर नहीं था, तो उन्‍हें अब उम्र सीमा में दो साल की रियायत दी जाए. इन नौजवानों ने यह मांग सेना प्रमुख को दिए ज्ञापन में भी कही है.

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अब क्‍या होगा?
इस सब के बाद, सभी के मन में यह सवाल है कि आगे क्‍या होगा. सेना की भर्ती रैली अब कब होगी. उम्र सीमा को पार कर चुके नौजवानों को क्‍या रियायत मिलेगी… जैसे कई सवाल लाखों नौजवानों के मन में कौंध रहे हैं. हालांकि इस बाबत सेना के भर्ती निदेशालय का यही कहना है कि कोरोना महामारी को देखते हुए भर्ती रैली रद्द की गई. हालात समान्‍य होते ही, भर्ती रैली की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा.

राम मंदिर उड़ाने की साजिश! जम्मू पुलिस ने 4 संदिग्ध आतंकी दबोचे, एक शामली का भी

जम्मू कश्मीर पुलिस ने किया राम मंदिर उड़ाने की साजिश को नाकाम. चार संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार.

चारों संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े हुए हैं. जिनमें से एक शामली जनपद के कस्बा कांधला का रहने वाला है. कांधला के रहनेवाले का नाम इंतजार के बेटे इजहार बताया जा रहा है.

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शामली. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए चारों आतंकियों पर राम मंदिर को उड़ाने की साजिश रचने का आरोप है. बताया जा रहा है कि चारों संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े हुए हैं. जिनमें से एक शामली जनपद के कस्बा कांधला का रहने वाला है. कांधला के रहनेवाले का नाम इंतजार के बेटे इजहार बताया जा रहा है. इजहार जम्मू-कश्मीर में सेब का व्यापार करता है और पिछले काफी समय से जम्मू से फल सप्लाई कर रहा था.

परिजनों के मुताबिक इजहार को जम्मू पुलिस ने 21 जुलाई को हिरासत में लिया था. गिरफ्तारी के वक्त जम्मू पुलिस ने कहा था कि कुछ पूछताछ करनी है. लेकिन अभी तक इजहार को नहीं छोड़ा गया है. इजहार पर अपने साथियों के साथ राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने का आरोप है. हालांकि यह साजिश जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नाकाम कर दी है और चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है.

जम्मू कश्मीर पुलिस ने कांधला पुलिस के सहयोग से संदिग्ध आतंकी इजहार को कांधला क्षेत्र से 21 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया था. बाद में पुलिस उसे अपने साथ जम्मू ले गई थी. परिजनों के मुताबिक उस दिन इजहार अपनी कार के चालान का भुगतान करने के लिए शामली आ रहा था. लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कांधला पुलिस की मदद से उसे हिरासत में ले लिया.

चारों आतंकियों से पुलिस पूछताछ कर रही है और इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रही है. इजहार को परिजनों ने निर्दोष बताया है और कहा है कि इजहार समेत 7 भाई हैं और सभी मेहनत मजदूरी का काम करते हैं. परिजनों का कहना है कि उनको बेवजह फंसाया जा रहा है. उनके परिवार में ऐसा कोई नहीं है, जो आतंकी गतिविधियों में संलिप्त रहा हो.

फिलहाल परिजनों ने इस पूरे मामले कि निष्पक्ष तरीके से जांच की मांग की है. परिजनों का कहना है कि इजहार बेहद ही शरीफ युवक है और आज तक उसके विरुद्ध किसी तरह का आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है. लेकिन जिस तरह से उसको आतंकवादी बताया जा रहा है, यह बिल्कुल सही नहीं है.

15 साल पहले बने थे मुस्लिम, 18 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म, बोले- घर वापसी हुई

Shamli News: 18 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म

Shamli News: शामली जनपद के कांधला के मोहल्ला रायजादगान निवासी शहजाद ने अपने तीन परिवारों के साथ में कांधला के महाभारत कालीन सूरज कुंड मंदिर में पहुंचकर और मंदिर प्रांगण में आयोजित शुद्धि हवन यज्ञ में हिस्सा लिया. तीनों मुस्लिम परिवारों ने सनातन धर्म में वापसी की.

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शामली. शामली (Shamli) के कांधला कस्बे के सूरज कुंड मंदिर में सोमवार को तीन मुस्लिम परिवारों ने हिंदू धर्म अपनाया है. परिवार के करीब 18 लोगों ने हिंदू धर्म के अनुसार पूजा-अर्चना करते हुए जनेऊ धारण किया और अपने हिंदू धर्म में वापसी की. बताया जा रहा है कि 15 साल पहले इन्होंने मुस्लिम धर्म अपनाया था लेकिन फिर से इन्होंने अपने धर्म में वापसी की है. यशवीर महाराज ने हवन-पूजन करके इनको हिंदू धर्म में वापसी कराई है.

बता दें कि शामली जनपद के कांधला के मोहल्ला रायजादगान निवासी शहजाद ने अपने तीन परिवारों के साथ में कांधला के महाभारत कालीन सूरज कुंड मंदिर में पहुंचकर और मंदिर प्रांगण में आयोजित शुद्धि हवन यज्ञ में हिस्सा लिया. इस दौरान इन तीनों मुस्लिम परिवारों को हिंदू धर्म के अनुसार आयोजित पूजा में हवन यज्ञ में शुद्धीकरण कराया गया. जिसके बाद सभी को जनेऊ पहनाकर सनातन धर्म में वापसी कराई. हिंदू धर्म अपनाकर शहजाद से विकास बना युवक ने बताया कि करीब 15 साल पहले उन्होंने मुस्लिम धर्म अपना लिया था.

UP News: प्रयागराज में खतरे के निशान को पार कर गई गंगा और यमुना नदियां, अलर्ट जारी

लेकिन आज फिर से उन्होंने हिंदू धर्म अपनाकर समाज को संदेश दिया है कि अपना धर्म अपना ही होता है. वहीं विकास की मां ने बताया कि मैंने अपने 3 बेटे और उनके परिवार के लोगो के साथ हिन्दू धर्म अपनाया है. उन्होंने कहा कि अपने पति को भी अपने धर्म में वापिस लेकर आऊंगी. उधर, 18 लोगों को मुस्लिम से हिन्दू बनने वाले महाराजा यशवीर ने कहा कि जीवन में नादानी के कारण कई बार इंसान पर गलतियां हो जाती है, उसी गलती के कारण उन्होंने मुस्लिम धर्म अपना लिया था. आज फिर उन्होंने हिंदू धर्म अपनाकर के घर वापसी की है. सनातन धर्म में हम इनका स्वागत करते हैं.

12 साल पहले माता-पिता बने थे मुस्लिम, बेटे ने पत्नी और 4 बच्चों के साथ अपनाया हिंदू धर्म

राशिद से विकास बने युवक ने कहा कि वो बगैर किसी दबाव के स्वेच्छा से अपने परिवार के साथ हिंदू धर्म को अपना रहा है

Uttar Pradesh News: राशिद से विकास बने युवक ने बताया कि वो इस संबंध में एसडीएम शामली से मिला था, लेकिन उन्होंने यह कहकर उसकी मदद करने से मना कर दिया कि उन्हें इस मामले में जज के पास जाना पड़ेगा. उसने कहा कि वो बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से हिंदू धर्म अपना रहा है

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शामली. उत्तर प्रदेश के शामली (Shamli) में एक मुस्लिम दंपति और उनके चार बच्चे स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर हिंदू बने हैं. हिंदू धर्म अपनाने को लेकर दंपति ने शामली कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों को एफिडेविट दिया है. उनका कहना है कि 12 वर्ष पूर्व उनके माता-पिता ने मुस्लिम धर्म (Muslim) अपना लिया था, लेकिन वो अब मुस्लिम नहीं रहना चाहते हैं इसलिए अपनी मर्जी से हिंदू धर्म (Hindu) अपना रहे हैं.

मामला शामली जनपद के कांधला थाना क्षेत्र के रायजादगान मोहल्ले का है. यहां रहने वाले युवक राशिद का कहना है कि 12-13 वर्ष पूर्व उसके माता-पिता मुस्लिम बन गए थे, लेकिन वो मुस्लिम नहीं बने रहना चाहता है, इसलिए उसने अपना नाम राशिद से बदलकर विकास रख लिया है. विकास ने बताया कि उसकी पत्नी मंजू देवी और उनके चारों बच्चों ने भी हिंदू धर्म में वापसी कर ली है. उसने बताया कि वर्षों पहले जब उसके माता-पिता ने धर्म परिवर्तन किया था तो उसे समझ नहीं थी. लेकिन अब वो इस भूल को सुधारते हुए हिंदू धर्म में वापसी कर रहा है.

विकास ने बताया कि वो इस संबंध में एसडीएम शामली से मिला था, लेकिन उन्होंने यह कहकर उसकी मदद करने से मना कर दिया कि उन्हें इस मामले में जज के पास जाना पड़ेगा. विकास ने कहा कि वो बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से हिंदू धर्म अपना रहा है.

वहीं, उसकी पत्नी मंजू देवी का कहना है उनके सास-ससुर पूर्व में मुस्लिम बन गए थे, लेकिन वो अब मुस्लिम बने नहीं रहना चाहते. इसलिए उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन किया है. उसने बताया कि जब उसकी शादी हुई थी तो वो लोग हिंदू थे. लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ही उसके सास और ससुर ने मुस्लिम धर्म अपना लिया था. लेकिन अब हम हिंदू धर्म में वापसी कर खुश हैं.

DDA के जमीन आवंटन घोटालाः CBI ने दिल्ली और लखनऊ की 14 लोकेशन पर की छापेमारी

सीबीआई ने छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत जुटा लिए हैं, आने वाले दिनों में कुछ गिरफ्तारियां संभव हैं.

CBI ने दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों सहित कई अन्य लोगों पर भी दर्ज किया मुकदमा, अधिकारियों की मदद से करोड़ाें रुपये के जमीन घोटाले का खुलासा.

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नई दिल्ली. दिल्ली विकास प्राधिकरण की जमीन के आवंटन को लेकर हुए घोटाले में अब सीबीआई ने सख्ती शुरू कर दी है. मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने मंगलवार को दिल्ली और उत्तर प्रदेश की 14 लोकेशन पर छापेमारी की. इस दौरान डीडीए के तीन कर्मचारियों समेत अन्य लोगों पर मामला भी दर्ज किया गया. सीबीआई के सूत्रों के अनुसार कार्रवाई मंगलवार सुबह 7 बजे शुरू की गई. इस दौरान दिल्ली के सरिता विहार और लखनऊ व शामली सहित कुछ अन्य लोकेशन पर छापा मारा गया.
इसके साथ ही सीबीआई ने डीडीए में रहे पूर्व सहायक, सुधांशू रंजन, पूर्व सीनियर सेक्रेटरी सहायक, अजीत कुमार भरद्वाज और पूर्व सुरक्षा गार्ड दरवान सिंह पर भ्रष्टाचार संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. वहीं इकबाल हुसैन, सुनील कुमार मीना, सपन कुमार, जमालुद्दीन, राजवंत सिंह और शकुंतला देवी पर भी मामला दर्ज‌ किया गया है.



क्या है मामला
सीबीआई के अधिकारी के मुताबिक उन्हें एक शिकायत मिली थी दिल्ली के सरिता विहार इलाके में स्थित मदनपुर खादर में डीडीए की जमीन है. इस जमीन को कुछ निजी लोग डीडीए के अधिकारियों की मदद से फर्जी दस्तावेज बना कर बेच रहे हैं और गलत तरीके से जमीन का आवंटन कर रहे हैं. इसके चलते करोड़ाें का घोटाला किया जा रहा है. इसके साथ ही ये लोग सरकारी दस्तावेजों में उसका गलत तरीके से उल्लेख भी कर रहे हैं.

छापेमारी में मिले अहम सुराग
सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक 14 लोकेशन पर हुई छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज ,प्रॉपर्टी और बैंक अकाउंट के डिटेल्स मिले हैं. इनहें अब विस्तार से खंगालने का काम किया जाएगा. सीबीआई की टीम ने छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और डेस्कटॉप को भी जप्त किया है ,जिसे सीबीआई अपनी लैब में भेजकर उसके डेटा को खंगालेगी. जल्द ही इस मसले पर कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी सम्भव है.

कैराना पुलिस का खौफ, गिड़गिड़ाते हुए आत्मसमर्पण करने पहुंचे 5 गैंगस्टर

कैराना: एनकाउंटर के खौफ से पांच गैंगस्टरों ने किया आत्मसमर्पण, खाई अपराध न करने की कसम.

Shamli News: शामली के कैराना में पांच गैंगस्टरों ने आत्मसमर्पण किया है. पुलिस एनकाउंटर के डर से सभी आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. हाथ ऊपर उठाकर थाने में कोतवाल के समक्ष पहुंचे और भविष्य में अपराध न करने की कसम खाई.

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शामली. शामली (shamli) के कैराना (Kairana) में पांच गैंगस्टरों ने आत्मसमर्पण (gangster surrender) किया है. पुलिस एनकाउंटर (police encounter) के डर से सभी आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. हाथ ऊपर उठाकर थाने में कोतवाल के समक्ष पहुंचे और भविष्य में अपराध न करने की कसम खाई. इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

दरअसल, बेहतर कानून व्यवस्था और निरंतर प्रभावी कार्रवाई के चलते अपराधियों ने खाकी के सामने घुटने टेक दिए हैं. अपराधिक प्रवृत्ति के लोग अब अपराध से तौबा करते नजर आ रहे हैं. ऐसा ही नजारा सोमवार को कोतवाली में देखने को मिला, जब गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित पांच गैंगस्टर गिड़गिड़ाते हुए आत्मसमर्पण करने के लिए पहुंच गए. एसपी सुकीर्ति माधव के आदेशानुसार कैराना कोतवाली पुलिस आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रही है. इसी के चलते अपराधियों के जेहन में पुलिस और कानून का खौफ देखने को मिल रहा है.

सोमवार को कैराना कोतवाली में पांच व्यक्ति पहुंचे, जिन्होंने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रेमवीर सिंह राणा को बताया कि वह गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित हैं और आत्मसमर्पण करने आए हैं. अभियुक्तों ने यह भी कहा कि उन्होंने अपराध से तौबा कर ली है और वह भविष्य में किसी भी प्रकार का अपराध नहीं करेंगे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रेमवीर सिंह राणा ने बताया कि अभियुक्तों के नाम अफसरून, कय्यूम, राशिद उर्फ भूरा, सालिम व हारून निवासीगण गांव रामडा हैं. इनके विरूद्ध बलवा, हत्या का प्रयास व चोरी आदि के पूर्व में अभियोग पंजीकृत हैं. उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी. पुलिस ने अभियुक्तों को जेल भेज दिया है.

शामली: आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के खेल में 3 BSA के खिलाफ निलंबन की संस्तुति, लेखाधिकारी की भूमिका संदिग्ध!

आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के खेल में 3 BSA के खिलाफ निलंबन की संस्तुति (File photo)

एसडीएम (SDM) देवेंद्र कुमार ने बताया कि 23 शिक्षकों को कनिष्ठ से वरिष्ठ शिक्षक बनाने के गंभीर मामलों को लंबित रखने के लिए तत्कालीन बीएसए चंद्रशेखर व अनुराधा शर्मा तथा वर्तमान बीएसए गीता वर्मा को कार्रवाई न करने का दोषी पाते हुए तत्काल निलंबन करने की संस्तुति की गई है.

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शामली. उत्तर प्रदेश के शामली (Shamli) जिले में शिक्षकों (Teacher) को कनिष्ठ से वरिष्ठ बनाने का मामला जब खुलने लगा तो विभाग में हड़कंप मच गया. करीब पांच साल से चल रही मामले की जांच में प्रशासन ने गंभीरता से जांच की तो वर्तमान बीएसए और दो पूर्व बीएसए के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई. जांच में दोषी पाए लेखाधिकारी और बीएसए में भी कार्रवाई शुरू होने से विभाग में हड़कंप मच गया है. मामले की जांच कर रहे एसडीएम ने दोषी मानते हैं, वर्तमान बीएससी गीता वर्मा एवं दो पूर्व बीएसए के निलंबन की संस्तुति की है.

इस पूरे मामले में लेखाधिकारी की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है. बता दें कि साल 2017-18 में तत्कालीन बीएसए चंद्रशेखर ने प्राथमिक शिक्षकों को कनिष्ठ से वरिष्ठ शिक्षक के पद पर प्रोन्नति दी थी. कई शिक्षकों ने इसकी शिकायत की. तत्कालीन डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए. साथ ही वरिष्ठ कोषाधिकारी ज्ञानेंद्र पांडे ने लेखाधिकारी राजेंद्र कौशिक को दोषी मानते हुए, उनके खिलाफ प्रकरण की रिपोर्ट डीएम को दी. लेकिन लेखाधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की और इस पूरे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया.

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शामली निवासी अनुज राणा ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत कमिश्नर सहारनपुर से की. जिसके बाद कमिश्नर सहारनपुर ने इस मामले की रिपोर्ट डीएम जसजीत कौर को सौंपी. डीएम जसजीत कौर ने एसडीएम देवेंद्र को नामित किया. एसडीएम देवेंद्र कुमार ने बताया कि 23 शिक्षकों को कनिष्ठ से वरिष्ठ शिक्षक बनाने के गंभीर मामलों को लंबित रखने के लिए तत्कालीन बीएसए चंद्रशेखर व अनुराधा शर्मा तथा वर्तमान बीएसए गीता वर्मा को कार्रवाई न करने का दोषी पाते हुए तत्काल निलंबन करने की संस्तुति की गई है.

कमिश्नर सहारनपुर को भेजी रिपोर्ट
एसडीएम के मुताबिक जांच में लेखाधिकारी की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई है. उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम जसजीत कौर को सौंप दी है. डीएम शामली द्वारा कमिश्नर सहारनपुर को जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके उपरांत तीनों बीएसए पर निलंबन की कार्रवाई तय है.

दरभंगा ब्लास्ट: जानिए हैदराबाद से गिरफ्तार इमरान और नासिर का क्या है कैराना से कनेक्शन

हैदराबाद से दो संदिग्ध गिरफ्तार.

Darbhanga Parcel Blast Case: एनआईए  (NIA) की टीम ने हैदराबाद से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इन दोनों का कनेक्शन लश्कर-ए-तैयबा से है. दरभंगा ब्लास्ट में इनकी भूमिका की जांच की जा रही है.

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शामली. बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन ब्लास्ट (Darbhnaga Parcel Blast) कांड में एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं. आज हैदराबाद से NIA की टीम ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि दोनों संदिग्ध दरभंगा ब्लास्ट (Darbhanga Blast Case) कांड के आरोपी हैं और लश्कर-ए-तैयबा से दोनों संदिग्धों के लिंक हैं. पूछताछ में निकलकर आया कि दोनों संदिग्ध शामली जनपद के कैराना कस्बे के रहने वाले हैं. दोनों के नाम इमरान व नासिर बताए जा रहे हैं. फिलहाल दोनों आरोपी एनआईए (NIS) की गिरफ्त में हैं. बताया जा रहा  है कि दोनों संदिग्ध कैराना कस्बे के मौहल्ला कायस्तवाड़ा के निवासी हैं. इनके नाम इमरान खान और नासिर बताए जा रहे हैं. दोनों हैदराबाद में रह रहे थे और कैराना (Kairana) सहित हैदराबाद में कपड़ा फेरी का काम करते हैं.

हालांकि नासिर और इमरान के पिता भूतपूर्व सैनिक हैं जो 1965 में पाकिस्तान से हुई जंग में शामिल थे. भूतपूर्व सैनिक और दोनों के पिता का नाम मूसा खान है. इसके अलावा परिवार में चार भाई और एक बहन है. दो अन्य भाइयों के नाम फिरोज और फारूक बताए जा रहे हैं. हालांकि, इनके घर पर कोई नहीं है और घर के दरवाजे पर ताला लगा है.

पहले भी जेल जा चुका है नासिर

दोनों भाइयों के गिरफ्तार होने के बाद आस-पास के लोग डरे सहमे है और इन सब के बारे में कुछ बोलने से इनकार कर रहे हैं. हालांकि सूत्रों के मानें तो संदिग्ध नासिर पहले भी आतंकी गतिविधियों में शामिल था और जेल जा चुका है लेकिन अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई. परिवार के लोग फरार हैं. हालांकि एक सप्ताह पूर्व दरभंगा ब्लास्ट कांड को लेकर कैराना से यूपी एटीएस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. इनसे एटीएस ने पुछताछ की ओर अपने साथ ले गए. इसके बाद अब दो अन्य लोगों की हैदराबाद में गिरफ्तारी हुई है. दरभंगा ब्लास्ट में एनआईए लगातार तफ्तीश कर रही है, लेकिन कैराना से दोनों के बारे में कोई अहम जानकारी निकल कर नहीं आ रही है.

UP News: सपा नेता के बेटे की शादी में जमकर हर्ष फायरिंग, Video हुआ Viral

वीडियो वायरल होने के साथ ही चारों युवकों की पहचान भी कर ली गई है.

Shamli में हुई इस वारदात का Video वायरल होने के साथ ही प्रशासन और पुलिस दोनों ही हरकत में आ गए हैं और अब आरोपियों पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं.

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शामली. उत्तर प्रदेश में कहने को तो हर्ष फायरिंग पर प्रतिबंध लगा हुआ है लेकिन समय समय पर इससे संबंधित वीडियो और फोटो सामने आ ही जाते हैं. लेकिन अब एक ऐसे ही वीडियो ने प्रशासन और पुलिस में खलबली मचा दी है. शामली में करीब एक महीने पहले शूट किया गया ये वीडियो अब वायरल हो रहा है और चौंकाने वाली बात है कि ये एक सपा नेता के बेटे की शादी है. जानकारी के अनुसार शादी में 4 युवकों ने लाइसेंसी रिवॉल्वर के साथ ही अवैध असलहों से जमकर फायरिंग की. इस दौरान वहां पर छोटे बच्चों के साथ ही बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
वीडियो मोहल्ला आजाद चौक का बताया जा रहा है. सपा नेता मकसूद मेम्बर के बेटे की शादी में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और इस दौरान नाच गाने का कार्यक्रम चल रहा था. अचानक इस बीच चार युवकों ने बीच में आकर फायरिंग कर दी. वहीं पास खड़े एक अन्य युवक ने ये पूरा घटनाक्रम मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया. बाद में वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया जो वायरल हो गया.

एक महीने पहले की बात
वीडियो करीब एक महीने पहले का बताया जा रहा है लेकिन सोशल मीडिया पर हाल ही में पोस्ट किया गया है. वीडियो पोस्ट होने के साथ ही तेजी से वायरल हो गया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चारों युवकों ने बेखौफ कई राउंड फायर किए. वीडियो में दिखने वाले युवकों की पहचान भी कर ली गई है. अवैध तमंचे से फायर करने वाले युवकों के नाम मुकीम व फूजा बताया जा रहा है, वहीं अन्य दो युवकों के नाम आमिर और फैसल पुत्र मकसूद के तौर पर सामने आया है.



पुलिस प्रशासन में मची खलबली
वीडियो के वायरल होते ही ये प्रशासन और पुलिस की नजर में भी आया. इसके बाद खलबली मच गई. पुलिस के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी है और चारों युवकों की पहचान कर कार्रवाई की बात भी कही जा रही है. वहीं प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है.

UP: शादी समारोह में रुपये और जूलरी की नुमाइश, नोटों की गड्डियों का वीडियो वायरल

शादी समारोह में रुपये और जूलरी की नुमाइश

वायरल वीडियो के आधार पर सीओ (CO) थाना भवन अमित सक्सेना ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है. सक्सेना ने बताया कि वीडियो के आधार जांच शुरू कर दी है.

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शामली. उत्तर प्रदेश के शामली (Shamli) जिले में कुरैशी समाज में हुई सगाई और शादी में रुपये और जूलरी की नुमाइश का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) में काफी तेजी से वायरल हो रहा हैं. वीडियों में चीख-चीखकर बताया जा रहा है 20 लाख 51 हजार, 40 सोने के आइटम, 30 चांदी के आइटम द‍िए हैं. इसके अलावा दूसरे भाई ने 21 लाख रुपये, 11 सोने के आइटम समधी-समधन को भेंट क‍िए. इसके अलावा सेल्टोज कार का मेहमानों के सामने प्रदर्शन किया गया. दुल्हन भी सोने के जेवरात से लिपटी बैठी नजर आ रही है. शामली जनपद के कस्बा थाना भवन में हुई यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.

मामला शामली के थाना भवन थाने का है. वायरल वीड‍ियो में दिख रहा है कि यहां कोरोना काल में घर के अंदर भीड़ जुटाकर नोटों की गड्डियों की नुमाइश की जा रही है. शामली के थाना भवन थाने के बिल्कुल पीछे कुरैशी समाज के लोगों का दावा है कि उन्होंने शादी समारोह में जेवरात सहित 51 लाख रुपये सहित लड़के वालों को दिए. बताया जा रहा है कि इस शादी में सेल्टोज कार सहित कुल 65 लाख रुपये का दहेज दिया गया है.



Traffic Alert: 28 जून को लखनऊ आएंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, बदली रहेगी यातायात व्यवस्था

वायरल वीडियो के आधार पर सीओ थाना भवन अमित सक्सेना ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है. सक्सेना ने बताया कि वीडियो के आधार जांच शुरू कर दी है. और इस पूरे मामले की सूचना आयकर विभाग को दी गई है. सीओ के मुताबिक जांच के बाद ही इस पूरे मामले में कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. एक तरफ देश भर में दहेज उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और सरकार दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए कानून पारित कर चुकी है. इसके बावजूद दहेज प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है. क्योंकि जिस तरीके से सोने चांदी व नोटों की नुमाइश शादी में कराई गई है. उससे गरीब तबके में गलत संदेश जाएगा.

Darbhanga Parcel Blast Case: यूपी STF ने कैराना से दो संदिग्ध को किया गिरफ्तार, दोनों आपस में पिता-पुत्र

दोनों संदिग्धों से कैराना थाने में पूछताछ चल रही है. (सांकेतिक फोटो)

Darbhanga Parcel Blast Case: सिकंदराबाद से जो पार्सल दरभंगा भेजा गया था, उस पर दिया गया मोबाइल नंबर शामली के कैराना कस्बे के इसी युवक का था.

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दरभंगा. बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन (Darbhanga Railway Station) पर पार्सल (Parcel Blast) में हुए धमाका मामले में उत्तर प्रदेश STF ने कैराना से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. दोनों संदिग्धों की पहचान हाजी कासिम और कफील (Haji Qasim And Kafeel) के रूप में की गई है. जानकारी के मुताबिक, दोनों आपस में पिता-पुत्र हैं. सिकंदराबाद से जो पार्सल दरभंगा भेजा गया था, उस पर दिया गया मोबाइल नंबर शामली के कैराना कस्बे के इसी युवक का था. इसी संदेह पर कैराना से हाजी सलीम कासिम और कफील को गिरफ्तार किया गया. दोनों संदिग्धों से कैराना थाने में पूछताछ चल रही है.

बता दें कि दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पार्सल में हुए धमाका मामले की जांच का जिम्मा NIA को सौप दिया गया है. NIA ने इस मामले को लेकर अपने लखनऊ यूनिट में FIR दर्ज कर ली है. जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मामले की जांच के लिए NIA की 6 सदस्यीय टीम बिहार आ रही है. टीम के सीधे दरभंगा जाने की संभावना है, जहां वह रेलवे स्टेशन ग्राउंड जीरो पर जाकर पार्सल ब्लास्ट मामले का अपने स्तर से छानबीन शुरू करेगी. बता दें कि गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर ब्लास्ट जांच का जिम्मा NIA को सुपुर्द करने के फैसले को हरी झंडी दी गई.

17 जून को हुआ था रेलवे स्टेशन पर धमाका
बता दें कि 17 जून 2021 को दरभंगा जंक्शन पर कपड़े की एक गांठ में रखी एक शीशी से विस्फोट हुआ था. यह पार्सल तेलंगाना के सिकंदराबाद स्टेशन से बुक हुआ था जिसे दरभंगा में मो. सुफियान नाम के व्यक्ति को डिलीवर किया जाना था. इस मामले की तफ्तीश जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है. इस बीच मामले की फॉरेंसिक साइंस लैब FSL की जांच पूरी हो चुकी है. FSL द्वारा ATS बिहार को सौंपी जांच रिपोर्ट के मुताबिक केमिकल विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था. यह एक केमिकल बम था. कपड़े की गांठ में और पार्सल स्टेशन पर उतर जाने की वजह से यह विस्फोट बड़ा रूप नहीं ले सका.

1965 के भारत-पाक युद्ध में गंवाई आंख, अब कोरोना ने छीने 2 बेटे, सुनिए War Hero की गुहार

शामली में 85 साल के पूर्व फौजी चहिराम अपने पोता-पोती के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे हैं.

Shamli News: कोरोना वायरस के चलते बर्बाद हुए परिवार को बचाने के लिए एक फौजी चहिराम आज 85 साल की उम्र में शामली के डीएम ऑफिस की चौखट पर पहुंचा है.

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शामली. उत्तर प्रदेश के शामली (Shamli) जनपद के एक परिवार पर कोरोना (COVID-19) ने कहर बरपा दिया है. यह 1965 का एक नेत्रहीन वॉर हीरो (War Hero) डीएम से अपने परिवार के भरण पोषण की गुहार लगा रहा है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के साथ हुई 1965 की जंग (1965 Indo-Pak War) में फौजी चहिराम की दोनों आंखे चली गईं लेकिन उसके हौसले पस्त नहीं हुए थे. लेकिन कोरोना के चलते आज फौजी चहिराम सरकार के सामने झोली फैलाकर गिड़गिड़ाने को मजबूर है. कोरोना महामारी की काली परछाई में दो बेटे खो देने के  बाद अब परिवार में केवल बूढ़ा फौजी और उसके दो मासूम पोता-पोती ही बचे हैं. दोनों मासूम पढ़ लिखकर पुलिस ऑफिसर बनना चाहते हैं. लेकिन परवरिश के लिए इनके सामने जिंदगी की परेशानियां मुंह फाड़े खड़ी हुई हैं.

दरअसल शामली जनपद के गांव लिसाढ़ के रहने वाले 85 वर्ष के फौजी चहिराम वर्ष 1965 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई जंग में लड़ चुके हैं. सेना की आर्डिनेंस कोर में तैनात फौजी चहिराम की जंग के दौरान स्मॉग बम समय से पहले फटने के चलते दोनों आंखे चली गई थीं. इसके बाद 1970 में मेडिकल बोर्ड द्वारा उन्हें घर भेज दिया गया था. फौजी चहिराम बताते हैं कि तीन बेटों में से उनका सबसे बड़ा बेटा देवेंद्र अविवाहित था, जो उनके साथ ही रहता था. दूसरा बेटा रविंद्र अपने परिवार के साथ अलग रहता है. तीसरे बेटे राजीव की पत्नी तीन साल पहले अपने पति और दो बच्चों बेटे अंशुल मलिक (12) और बेटी धनाक्षी (6) को छोड़कर घर से चली गई थी.

25 मार्च 2020 को बेटे राजीव की कोरोना के चलते मेरठ मेडिकल में मौत हो गई थी. इसके बाद बड़ा भाई देवेंद्र अपने पिता और भाई राजीव के दोनों बच्चों के लिए मेहनत मजदूरी कर परिवार चला रहा था. लेकिन 14 जून 2021 को कथित तौर पर कोरोना महामारी के चलते वह भी चल बसा. इसके बाद अब परिवार में सिर्फ नेत्रहीन फौजी और उसके दो पोता-पोती ही बचे हैं.

डीएम ने दिया मदद का आश्वासन

कोरोना महामारी के दौरान कई परिवारों के सामने जिंदगी और मौत की मुश्किलें आ खड़ी हुई हैं. फौजी चहिराम ने बताया कि आंखे चले जाने के बाद उसे बेटों का सहारा था. बेटों के चले जाने के बाद अब वह खुद पर ही बोझ बन गया है. ऐसे में बेटे के दोनों मासूम बच्चों की परवरिश, पढ़ाई और सामाजिक सुरक्षा भी उनके लिए चुनौती बन रही है. फौजी चहिराम इन्हीं सब परेशानियों को लेकर डीएम शामली जसजीत कौर के कार्यालय पर पहुंचे थे. यहां पर डीएम से मिलने का इंतजार कर रहे फौजी अपनी चिंताओं को लेकर रोते-गिड़गिड़ाते हुए नजर आए. डीएम जसजीत कौर ने उनकी समस्याओं को समझते हुए प्रशासनिक तौर पर आवश्यक मदद का रास्ता तैयार करने का आश्वासन दिया.

डीएम आफिस पर अपने बाबा के साथ पहुंचे 12 साल के अंशुल ने बताया कि तीन साल पहले मां उन्हें छोड़कर चली गई है. इसके बाद 25 मार्च 2020 को उसके पापा और बाद में बड़े ताऊ जी भी उन्हें छोड़कर चले गए. जबकि दूसरे ताऊजी परिवार से अलग रहते हैं. अंशुल ने बताया कि वह पढ़ लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहता है. अगर सरकार उनकी कोई मदद नहीं करती है तो वह मेहनत करके फिर भी अपना सपना पूरा करेगा.

डीएम ने गठित की टीम

डीएम जसजीत कौर ने प्रोबेशन अधिकारी व एसडीएम की टीम गठित कर इस परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन दिया है. वहीं गांव लिसाड़ में रहने वाले इस परिवार की देखरेख के लिए गार्जियन बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि इस परिवार के रहन-सहन एवं खानपान के इंतजाम को कमी न आये. अब देखना होगा कि नन्हे-मुन्ने मासूम बच्चों की पढ़ाई लिखाई और उनकी सुरक्षा सरकार किस तरह से करा पाती है?

UP Weather Update: मुजफ्फरनगर सहित 4 जिलों में बारिश की संभावना, ज्यादातर इलाकों में छाए रहेंगे बादल

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश के अधिकतर जिलों में आज बादलों की आवाजाही लगी रहेगी.

उत्तर प्रदेश मौसम अपडेट: मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में वैसे तो मौसम साफ है, बादलों की हल्की आवाजाही देखने को मिल रही है. फिर भी बागपत, शामली, मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर जिलों में अंधड़ के साथ बारिश की संभावना है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ज्यादातर इलाकों में आज शनिवार को दिन भर धूप-छांव का दौर चलता रहेगा. बिहार (Bihar) की सीमा से लगे जिलों से लेकर रूहेलखंड तक के जिलों में बाद छाए रहेंगे. वैसे भी सुबह से इस इलाके के 35 से 40 जिलों में तेज धूप नहीं निकली है. मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुमान के मुताबिक बादलों की आवाजाही के बीच कुछ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है.

वैसे तो पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में मौसम साफ है, बादलों की हल्की आवाजाही देखने को मिल रही है, फिर भी कुछ जिलों में अंधड़ के साथ बारिश की संभावना जताई गई. जिन जिलों में बारिश की संभावना है वे जिले हैं - बागपत, शामली, मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर.

मौसम विभाग के अभी तक के अनुमान के मुताबिक कल रविवार 6 जून को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है. 7 से 9 जून तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहेगा. हल्की बारिश हो सकती है लेकिन इन्हीं दिनों में पश्चिमी यूपी के जिलों में मौसम के खुले रहने की संभावना जताई गई है.

बांदा सबसे गर्म रहा

बारिश में आई कमी से प्रदेश के जिलों में दिन के अधिकतम और रात के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. 4 जून को ज्यादातर शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया. बांदा में तो दिन का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. ये प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा. कई जिलों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया.

ये जरूर है कि प्रदेश के ज्यादातर जिलों में आज बादलों की आवाजाही रहने से या हल्की बूंदाबांदी से तापमान में कमी ही आएगी. उमस के भी बढ़ने की फिलहाल कोई आशंका दिखाई नहीं दे रही है. कुल मिलाकर मौसम खुशनुमा बना रहेगा.

शामली में कोरोना ने लील ली मां-बाप की जिंदगी, बेसहारा हुए 3 मासूम बच्चे

कोरोना से मासूमों के मां-पिता की मौत.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शामली में कोरोना वायरस (Corona Virus) के अध्याय को शायद सबसे काले रूप में याद रखा जाएगा. क्योंकि इस वायरस ने न जाने कितनी जिंदगियों को लील लिया है. कोरोना में एक दम्पत्ति की मौत हो गयी है.

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शामली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शामली में कोरोना वायरस (Corona Virus) के अध्याय को शायद सबसे काले रूप में याद रखा जाएगा. क्योंकि इस वायरस ने न जाने कितनी जिंदगियों को लील लिया है. कोरोना में एक दम्पत्ति की मौत हो गयी है. परिवार में केवल तीन मासूम बच्चे बचे हैं. बताया जा रहा है कोरोना की पहली लहर 2020 में पिता की मौत हो गयी थी, जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी मां के कंधों पर आ गयी थी और पीड़ित मां जैसे तैसे कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रही थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में पीड़ितों की मां ने भी दम तोड़ दिया और परिवार अब केवल तीन मासूम बच्चे हैं, जिनके सिर से मां-बाप का साया उठ चुका है.

दरअसल शामली के गांव लिसाढ़ निवासी किसान 9 बीघा जमीन पर खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले मांगेराम मलिक का परिवार हंसी खुशी जीवन व्यतीत कर रहा था. परिवार में एक साल में कोरोना से पति-पत्नी की मौत के साथ चार मौतें हो जाने से परिवार के ऊपर गमों का पहाड़ टूट गया है.



बेटे का निधन
कोरोना के दौरान पहली लहर में मांगेराम का 40 वर्षीय पुत्र लोकेंद्र मलिक कोरोना पॉजीटिव पाया गया था. लोकेन्द्र मलिक की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद उसके पिता मांगेराम अपने पुत्र को लेकर शामली के हॉस्पिटल में उपचार कराते रहे. उपचार के दौरान उनको होम आइसोलेशन में रखा गया. उपचार के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर अप्रैल 2020 में लोकेन्द्र की कोरोना के कारण मौत हो गई. लोकेन्द्र के निधन के बाद घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा. मृतक लोकेन्द्र के 13 वर्षीय बडे़ पुत्र हिमांशु मलिक ने बताया कि उसके पिता ने उसकी 11 वर्षीय बहन प्राची का एडमिशन शामली के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में कराया था. वर्तमान में वह हाईस्कूल तथा उसकी बहन कक्षा नौ की छात्रा है. उसका 10 वर्षीय छोटा भाई प्रियांशु गांव लिसाढ के सरस्तवी शिंशु मंदिर स्कूल में कक्षा सात में पढ रहा है.

मां ने संभाला जिम्मा, लेकिन..
लोकेन्द्र की मृत्यु से उसके बाबा मांगेराम व उनकी अम्मा शिमला इस सदमें को झेल नहीं पाएं तथा उनके पिता की मृत्यु के कुछ समय बाद दादा व दादी भी इस दुनिया को छोड़ गए. परिवार अभी इस झटकों से उभरा भी नही था कि इस वर्ष 2021 में आई कोरोना की दूसरी लहर में उनकी मम्मी 40 वर्षीय सविता भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गई. लगातार बुखार के बाद भी सविता के मन में पूर्व में घर में हो चुकी तीन मौतें से इतना डर बैठ गया कि वह शामली जाने की हिम्मत ना जुटा पाई. बच्चों के बार-बार समझाने के बाद भी जब सविता तैयार नहीं हुई तो बच्चों ने मामले की जानकारी अपने मामा संजू को दी. संजू ने गांव लिसाढ़ पहुंच कर अपनी बहन को शामली ले जाकर एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उसका सीटी स्कैन कराया, जहां पर उसके फेफडों में 90 प्रतिशत से भी अधिक सक्रंमण पाया गया तथा डाक्टरों ने उसे जबाब दे दिया. इसके बाद बीते 30 अप्रैल को मासूमों की मां सविता ने भी दम तोड़ दिया.

UP: शामली में लूटपाट करने के बाद भाग रहे अपराधियों की पुलिस से हुई मुठभेड़, 2 शातिर गिरफ्तार

उन्होंने बताया कि तीसरा आरोपी वसीम मौके से भाग गया. (सांकेतिक तस्वीर)

अजय से उस समय लूटपाट (looting) की गई जब वह गांव में रुपये इकट्ठा कर लौट रहा था. उन्होंने कहा कि लूट की सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम ने वहां से भागने का प्रयास कर रहे लुटेरों को घेर लिया

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मुजफ्फरनगर. उत्तर प्रदेश के शामली जिले (Shamli District) में सोमवार को कथित लूट के बाद पुलिस के साथ मुठभेड़ (Encounter) में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक अन्य फरार हो गया. शामली के पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा ने बताया कि जिले के थाना भवन क्षेत्र में एक चीनी मिल के निकट तीन हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और बंधन बैंक के कर्मचारी अजय से 90,000 रुपये की नकदी लूट ली. अजय से उस समय लूटपाट (looting) की गई जब वह गांव में रुपये इकट्ठा कर लौट रहा था.

उन्होंने कहा कि लूट की सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम ने वहां से भागने का प्रयास कर रहे लुटेरों को घेर लिया और इसके बाद मुठभेड़ हुई. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में दो आरोपी आलिम और फारूक गोली लगने से घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि तीसरा आरोपी वसीम मौके से भाग गया.

आरोपी तैमूर को गिरफ्तार कर लिया
बता दें कि इन दिनों उत्तर प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ गई हैं. कल ही खबर सामने आई थी कि उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर जिले में एक सिरफिरे शख्स ने अपनी 24 वर्षीय प्रेमिका का अपहरण कर उसकी हत्या  कर दी. घटना जानसठ थाना क्षेत्र के कवाल गांव की है. पुलिस ने बताया कि रविवार को तैमूर नाम के युवक ने अपनी प्रेमिका तबस्सुम की हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार युवती के लापता होने के बाद उसके पिता ने एफआईआर दर्ज कराई थी जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपी तैमूर को गिरफ्तार कर लिया.

तबस्सुम की लाश को नहर में फेंक दिया
थाना प्रभारी डी.के त्यागी ने बताया कि पुलिस ने बताया कि तबस्सुम तैमूर पर शादी का दबाव डाल रही थी, जबकि वो पहले से ही शादीशुदा है. इस वजह से दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था. इससे तंग आकर तैमूर ने तबस्सुम से छुटकारा पाने के लिए उसका अपहरण कर लिया और उसकी हत्या कर दी. बाद में उसने अपना गुनाह छिपाने के लिए तबस्सुम की लाश को नहर में फेंक दिया.

Cyclone Tauktae Effect: बारिश की वजह से शामली में भरभराकर गिरी मकान की छत, 3 बच्चों और मां की मौत

बारिश की वजह से भरभराकसर गिरा माकन का छत

Shamli News: हादसा उस वक्त हुआ जब परिवार घर में सो रहा था. बुधवार से शुरू हुई बारिश की वजह से मकान की छत भरभरा कर गिर गई. मलबे में पूरा परिवार दब गया.

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शामली. अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान ताउते ( Cyclone Tauktae) का असर अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी देखने को मिल रहा है. पिछले 36 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से शामली जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के कलंदरशाह मौहल्ले में एक मकान की छत भरभराकर गिर गई. इस हादसे में तीन बच्चों सहित मां की मलबे में दबने से मौत हो गई. हादसे में सिर्फ पिता और एक पुत्र ही सुरक्षित बचे हैं.

हादसा उस वक्त हुआ जब परिवार घर में सो रहा था. बुधवार से शुरू हुई बारिश की वजह से मकान का छत भरभराकर गिर गया. मलबे में पूरा परिवार दब गया. जिसके बाद आस-पड़ोस के लोगों ने  पुलिस को सूचना दी और रहत बचाव में जुटे. मलबे में से तीन बच्चों और एक महिला को निकाला गया. उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया.

सुबह पांच बजे के करीब हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह साढ़े चार से पांच बजे के बीच हादसा हुआ. पड़ोसियों का कहना था कि रात से ही बारिश हो रही थी. मकान की छत भी कच्ची थी, जिसके वजह से यह हादसा हुआ. इस हादसे में दो बेटी, एक बेटे और मां की मौत हो गई. पिता और एक बेटा पेशाब करने के लिए बाहर निकले थे, जिसकी वजह से उनकी जान बच गई. हादसे के बाद से ही मोहल्ले में गम का माहौल है. हादसे में मां अफसाना, बेटी इरम व चंदो और बेटे सुहैल की मौत हो गई.

PUBG गेम खेलते-खेलते यूपी के लड़के को बिहार की लड़की से हुआ प्यार, शादी के लिए गर्लफ्रेंड पहुंची शामली और फिर...

लड़के परिवार की वजह से लव स्‍टोरी अधूरी रह गई. (सांकेतिक फोटो)

Shamli News: पबजी गेम (PUBG Game) खेलते-खेलते यूपी के शामली के रहने वाले लड़के की बिहार की लड़की से दोस्‍ती हो गई. इसके बाद दोनों ने शादी करने का मन बना लिया और इसके लिए लड़की अकेले शामली आ गई, लेकिन लड़के के परिजनों ने शादी से इंकार कर दिया. इससे आहत युवक ने जहर खाकर जान दे दी.

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शामली. उत्‍तर प्रदेश के शामली (Shamli) से एक अजीब मामला सामने आया है. दरअसल पबजी गेम (PUBG Game) खेलते-खेलते शामली के लड़के की बिहार की रहने वाली लड़की से दोस्‍ती हो गई. इसके बाद रिश्‍ता परवान चढ़ा तो दोनों ने एक दूसरे से शादी करने का मन बना लिया. हालांकि यह लव स्‍टोरी अधूरी रह गई, क्‍योंकि लड़के ने अपने परिवार के अडिग रवैये के चलते सुसाइड कर लिया है.

इस लव स्‍टोरी की खास बात ये है कि बिहार की रहने वाली लड़की शादी करने के लिए शामली पहुंची थी. जबकि लड़की को अपने घर देख लड़के के परिवार वाले हैरान रह गए. हालांकि लड़की के दूसरे समुदाय की लड़की होने के कारण लड़के के घर वाले शादी के लिए राजी नहीं हुए. यही नहीं, उसके परिजनों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी और फिर पुलिस ने बिहार से आई लड़की के घर वालों को खबर दे दी. इसके बाद वह शामली से लड़की को लेकर अपने साथ लेकर लौट गए.

गर्लफ्रेंड के जाने से दुखी लड़के ने खाया जहर
शादी करने की जिद पर अड़े लड़के के परिवार ने जब उसकी बात नहीं मानी तो उसने जहर खा लिया. वहीं, हालत बिगड़ने पर उसे तत्‍काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. लड़के की मौत के बाद परिजनों को रो रोकर बुरा हाल है.

लड़के ने शामली बुलाई थी लड़की
बता दें कि पबजी गेम खेलने के दौरान शामली के कांधला का रहने वाले लड़के को बिहार की रहने वाली लड़की से दोस्‍ती हुई और फिर दोनों के बीच फोन पर बात होने लगी. इस बीच दोनों एक दूसरे से शादी करने का मन बना लिया. यही नहीं, लड़के ने ही बिहार में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड को शादी के लिए शामली आने का कहा था, लेकिन लड़के के परिवार के विरोध के कारण न सिर्फ पर विराम लगा बल्कि युवक ने भी जहर खाकर जान दे दी.
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