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Corona के लोगों का गांव में रहना हुआ मुश्किल, अन्य लोग कर रहे हैं भेदभाव

इस बीमारी ने यूपी के सीतापुर जिले के एक गांव के लोगों की परेशानी काफी बढ़ा दी है. (फोटो साभार: ANI)

इस बीमारी ने यूपी के सीतापुर जिले के एक गांव के लोगों की परेशानी काफी बढ़ा दी है. (फोटो साभार: ANI)

देश में कोरोना संक्रमण (Covid-19) के बढ़ते खतरे के कारण सरकार और आम लोग सतकर्ता बरत रहे हैं. लेकिन इस बीमारी ने यूपी (UP) के सीतापुर जिले (Sitapur) के एक गांव के लोगों की परेशानी काफी बढ़ा दी है.

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लखनऊ. देश में कोरोना संक्रमण (Covid-19) के बढ़ते खतरे के कारण सरकार और आम लोग सतकर्ता बरत रहे हैं. लेकिन इस बीमारी ने यूपी (UP) के सीतापुर जिले (Sitapur) के एक गांव के लोगों की परेशानी काफी बढ़ा दी है. इस गांव के लोगों का आरोप है कि वो अपने गांव के नाम के कारण भेदभाव का शिकार हो रहे हैं. दरअसल, यूपी के सीतापुर जिले के इस गांव का नाम 'कोरोना' है. इस गांव में रहने वाले लोगों का कहना है कि कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने के बाद उन्हें अपने गांव के नाम की वजह से भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है.

यहां के एक ग्रामीण राजन ने एएनआई से बातचीत में कहा कि जब भी हम लोगों से कहते हैं कि हम कोरोना से हैं, तो लोग हमें नजरअंदाज करते हैं. लोग ये समझ नहीं पा रहे हैं कि ये एक गांव का नाम है ना की इस वायरस से कोई संक्रमित व्यक्ति.



यूपी में बढ़ रही है संक्रमितों की संख्या
यूपी में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 67 तक पहुंच गई. यूपी के नोएडा में कोरोना पॉजिटिव के 27 केस पाए गए हैं. शनिवार को उत्तर प्रदेश में कोरोना के 14 नए पॉजिटिव केस मिले. इनमें से 9 नोएडा, 4 मेरठ और वाराणसी में एक मामला सामने आया. गाजियाबाद में दो नए मामले सामने आए हैं. वहीं राजधानी लखनऊ में पिछले 5 दिनों के भीतर कोई मरीज नहीं मिला है. वहीं, नोएडा में 15 से ऊपर मरीज पिछले 3 दिनों के भीतर मिल चुके हैं. चिकित्सकों ने आशंका व्यक्त की है कि नोएडा में कम्युनिटी ट्रांसफर की वजह से भी संक्रमण फैल सकता है.

यूपी के इन जिलों में संक्रमित मरीज
अब तक आगरा में 10, गाजियाबाद में 7, मेरठ में 5, नोएडा में 27, लखनऊ में 8, वाराणसी व पीलीभीत में दो-दो, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, कानपुर, जौनपुर, शामली और बागपत में एक-एक मरीज भर्ती हैं.

देश में 106 मामले आए सामने
गौरतलब है कि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 106 मामले सामने आए हैं. जिसके बाद संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 979 हो गई है. जबकि देश भर में कोरोना वायरस के 6 लोगों की मौत हो गई है. इस के बाद देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने मौत के छह नए मामलों की जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और तेलंगाना में एक-एक संक्रमित व्यक्ति की मौत हुई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि आईसीएमआर की ओर से आर गंगा केतकर ने कहा कि आज तक हमने 34,931 टेस्ट किए हैं.

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...जब आम और इमली बने दूल्हा-दुल्हन, बैलगाड़ी पर निकली धूमधाम से बारात

Sitapur: जब आम और इमली बने दूल्हा-दुल्हन (File photo)

UP News: प्रभारी डीएम और सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि कठिना नदी को बचाने के लिए इस अनोखे विवाह की तैयारी काफी दिनों से की जा रही थी. आम और इमली की शादी कराने के लिए मंडप भी लगाया गया.

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सीतापुर. उत्तर प्रदेश के सीतापुर (Sitapur) में अनंत चतुर्दशी के शुभ अवसर पर रविवार को एक अनोखी शादी (Wedding) देखने को मिली है. जहां आम और इमली की शादी का कार्ड छपा कर दोनों का विवाह संपन्न कराया गया. कार्ड पर चिरंजीव रसाल (आम) और आयुष्मति (इमली) का विवाह कराया गया. विवाह के लिए बाकायदा कार्ड भी बांटे गए थे. इस कार्ड में दर्शनाभिलाषी सरकारी विभाग है, और स्वागत के लिए कठिना संरक्षण समिति का नाम छपवाया गया था.

कठिना नदी को बचाने के लिए एक मुहिम के तहत वैदिक रीति रिवाज से होने वाली यह शादी संस्कृति सभ्यता और विज्ञान का अद्भुत संगम साबित होगी. कठिना नदी को पुनर्जीवित करने के मकसद से शुरू हुआ यह अभियान अब अपने पड़ाव पर पहुंच चुका है. बता दें कि सीतापुर के पिसावा इलाके के मुल्लाभीरी बाबा स्मृति वाटिका मुस्तफाबाद में आम और इमली के विवाह संग 51 बाग स्थापित किए गए.

कार्ड छपवाकर धूमधाम से हुआ विवाह

कार्ड छपवाकर धूमधाम से हुआ विवाह

इस बारात में 400 जानती बराती बैल गाड़ियों से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचें. 51 दंपत्ति ने विवाह की रस्में पूरी की. वहीं, मनोरंजन के लिए भी इंतजामात किए गए. अंत में इमली को विदा कर बाग में रोपा गया. उपहार में खुरपा खाद के अलावा स्प्रेयर मशीन दी गयी.

बारातियों को परोसे गए लजीज व्यंजन
प्रभारी डीएम और सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि कठिना नदी को बचाने के लिए इस अनोखे विवाह की तैयारी काफी दिनों से की जा रही थी. आम और इमली की शादी कराने के लिए मंडप भी लगाया गया. बारातियों के भोजन की व्यवस्था सुबह से ही शुरू हो गई थी. जिसमें तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए जैसे कि दही बड़ा, चावल, उड़द की धुली दाल, पूड़ी बूंदी परोसी गई सहित अन्य व्यंजन भी बारातियों को दिए गए.

बजाए गए पुराने वाद यंत्र
जिला संयोजक लोकभारती कमलेश सिंह ने बताया कि कठिना नदी के किनारे फल पट्टी विकसित होने से कई फायदे होंगे. बाग लगने से पानी का खर्च कम होगा, फलदार पेड़ों से किसान समृद्ध और कठिना नदी पुनर्जीवित हो जाएगी. इस शादी समारोह में पुराने वाद यंत्र भी लोग बजाते हुए दिखाई दिए. इस शादी में 400 लोग गवाह बने.

UP News Live Updates: सीतापुर में किसान पंचायत आज, राकेश टिकैत समेत ये दिग्गज नेता होंगे शामिल

सीतापुर में आज राकेश टिकैत करेंगे महापंचायत

Uttar Pradesh News Live, September 20, 2021: संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि का कहना है किसान महापंचायत में राकेश टिकैत के अलावा मेधा पाटकर सहित कई अन्य को भी आना है. इस पंचायत में अन्य प्रदेशों के किसान भी होंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 07:59 IST
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सीतापुर. कृषि कानून के विरोध में सोमवार को किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) सीतापुर (Sitapur) में महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) करेंगे. इस महापंचायत में सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर सहित अन्य नेता भी शामिल होंगे. किसानों की बड़ी संख्या को लेकर पुलिस और प्रशासन ने एक दिन पहले से बंदोबस्त कर लिए हैं. पड़ोसी जनपदों से पुलिस रविवार देर शाम आ गई है. संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि का कहना है  किसान महापंचायत में राकेश टिकैत के अलावा मेधा पाटकर सहित कई अन्य को भी आना है. इस पंचायत में अन्य प्रदेशों के किसान भी होंगे. पीलीभीत, खीरी, बहराइच, हरदोई, बाराबंकी सहित आसपास जनपदों के आने वाले किसान ट्रैक्टर से आएंगे. इसको लेकर आरएमपी मैदान के बाहर सारी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं. आरएमपी कॉलेज के मैदान में आयोजित होने वाली महापंचायत में 50 हजार से अधिक किसानों को जुटना है, क्योंकि प्रदेश के मध्य क्षेत्र में आयोजित महापंचायत के बाद ही किसान जिलावार लोगों को हक हुकूक के लिए जागरूक भी करेंगे.

Sitapur News: देवर ने भाभी की गर्दन पर चाकू से वार कर उतारा मौत के घाट, सामने आई बड़ी वजह

Sitapur News:  देवर ने की भाभी की हत्या (File photo)

UP Crime News: सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी देवर को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर सख्त कार्रवाई की जा रही है.

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सीतापुर. उत्तर प्रदेश के सीतापुर (Sitapur) जिले में शुक्रवार रात देवर ने भाभी की निर्मम हत्या (Murder) कर दी. उसने अपनी भाभी की गर्दन पर सब्जी काटने वाले चाकू से वार कर मौत के घात उतार दिया. सनसनीखेज वारदात के बाद गांव में हड़कंप मच गया. आरोपी देवर घटना के बाद मौके से भाग गया. सूचना पाकर सीओ सिटी सहित थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है.

सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी देवर को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर सख्त कार्रवाई की जा रही है. हत्या की यह सनसनी खेज वारदात रामकोट इलाके के इंदरौली की है. बताते है कि मृतका सुमन का देर रात खाना बनाते समय अपने देवर शंकर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा की शंकर ने अपनी भाभी सुमन पर चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए. जिससे सुमन की मौके पर ही मौत हो गई. सुमन को मरा हुआ देख देवर शंकर मौके से भाग गया. हत्या की इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.

पति की मौत के बाद देवर संग रहने लगी थी सुमन
दरअसल, सुमन के पति सेवक राम की करीब चार साल पहले मौत हो गई थी. जिसके बाद सुमन अपने देवर के साथ बतौर पत्नी रहने लगी थी. सुमन गांव के बाहर मकान बनाकर रह रही थी. इससे पहले आरोपी शंकर चोरी के एक मामले में जमानत पर जेल से छूटकर वापस आया था. सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह घटना खाना बनाने के दौरान हुए विवाद को लेकर ही हुई प्रतीत होती है. बावजूद इसके पुलिस अन्य बिंदुओं की भी पड़ताल कर रही है.

UP Chunav 2022: अखिलेश यादव से मिले BJP विधायक राकेश राठौर, सपा में शामिल होने की अटकलें

UP Assembly Election 2022: अखिलेश यादव से मिले BJP विधायक राकेश राठौर

UP Politics: पार्टी लाइन से अलग बीजेपी के विरोध में बयान देने के लिए मशहूर विधायक राकेश राठौर की सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद यूपी में सियासी माहौल गर्माया. सीतापुर सदर से MLA हैं राकेश राठौर.

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लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) नजदीक आते ही दल-बदल का सिलसिला शुरू होता दिख रहा है. इसी कड़ी में सीतापुर सदर से विधायक राकेश राठौर (Rakesh Rathore) ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से मुलाकात की. बीजेपी विधायक राकेश राठौर ने ट्वीट कर दी जानकारी. बीजेपी विधायक राकेश राठौर कई मुद्दों पर अपनी ही सरकार पर सवालिया निशान खड़े कर चुके हैं.

राकेश राठौर की अखिलेश यादव से मुलाकात के चर्चे सियासी गलियारों में आम हैं. हालांकि, न तो अखिलेश यादव और ना ही राकेश राठौर की ओर से ही इस मुलाकात को लेकर कोई बयान आया है. फिर भी, सूत्रों के मुताबिक सीतापुर सदर विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक राकेश राठौर जल्द ही सपा की साइकिल पर सवार हो सकते हैं. राकेश राठौर की अखिलेश से इस मुलाकात से भाजपा को झटका जरूर लगेगा. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को सीतापुर बड़ा झटका लग सकता है.

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से भाजपा विधायक राकेश राठौर की मुलाकात के बाद सियासत तेज हो गई है. अटकलें लगाई जानें लगी हैं कि भाजपा विधायक राकेश राठौर जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं. अगर राकेश राठौर सपा में शामिल होते हैं तो विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए बड़ा झटका जरूर होगा. गौरतलब है कि राकेश राठौर पहले भी कई दफे अपनी ही पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी करते रहे हैं. वे कई दफे पार्टी की लाइन से अलग खड़े नजर आए हैं

UP: यूपी जल निगम भर्ती मामले में सपा MP आजम खान को झटका, जमानत अर्जी खारिज 

UP: यूपी जल निगम भर्ती मामले में सपा MP आजम खान को झटका (File photo)

Azam Khan News: बीती 15 जुलाई को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में अभियुक्त आजम खान और गिरीश चंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ आईपीसी की धारा 201, 204, 420 ,467, 468, 471, 120बी और एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 के तहत संज्ञान लिया था.

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लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूर्व मंत्री आजम खान (Samajwadi Party MP Azam Khan) को समाजवादी पार्टी की सरकार में यूपी जल निगम में इंजीनियर, क्लर्क और स्टेनोग्राफर के 1300 पदों पर भर्ती मामले में बड़ा झटका लगा है. जल निगम भर्ती घोटाले (Up Jal Nigam Recruitment Case) में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री और रामपुर संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहम्मद आजम खान की जमानत याचिका खारिज कर दी. सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आजम खान के अपराध को गंभीर करार दिया. जल निगम भर्ती घोटाले में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने आजम खान के अपराध को प्रथम दृष्टया गंभीर बताते हुए जमानत अर्जी को खारिज कर दिया.

बता दें कि सपा सरकार में जल निगम में 1300 पदों पर हुई भर्तियों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे थे. 2017 में योगी सरकार के बनने के बाद शासन ने पूरे मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी. एसआईटी ने 22 सितंबर 2017 को जल निगम मुख्यालय में छापा मारकर भर्ती से जुड़े तमाम मूल दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए थे. भर्तियों के समय आजम खान जल निगम के चेयरमैन थे. एसआईटी की जांच में भर्ती परीक्षा कराने वाली एजेंसी एप्टेक से लेकर तमाम अधिकारियों और आजम खान की जांच की गई थी. जिसके बाद 29 मार्च 2018 को एसआईटी ने शासन को अपनी जांच रिपोर्ट भेजकर मामले में एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की थी.

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25 अप्रैल 2018 को पूर्व मंत्री आजम खान, जल निगम के तत्कालीन एमडी पीके आसुदानी, नगर विकास के पूर्व सचिव एसपी सिंह, आजम खान के तत्कालीन ओएसडी सैयद आफाक अहमद और तत्कालीन चीफ इंजीनियर अनिल कुमार खरे समेत अन्य के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने और एंटी करप्शन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी. विवेचना के दौरान एसआईटी ने आजम खान और अन्य अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. बीती 15 जुलाई को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में अभियुक्त आजम खान और गिरीश चंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ आईपीसी की धारा 201, 204, 420 ,467, 468, 471, 120बी और एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 के तहत संज्ञान लिया था.

UP News: सपा सांसद आजम खान को लगा बड़ा झटका, जौहर यूनिवर्सिटी पर शुरू हुई कब्जे की कार्रवाई

Rampur News: सपा सांसद आजम खान को लगा बड़ा झटका (File photo)

Rampur News: हाईकोर्ट ने अपील खारिज कर दी थी इसके बाद दखल और कब्जे के लिए आए थे, वीसी साहब ने दखल पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है. अब दो गवाहों के हस्ताक्षर करा कर यह कार्रवाई की जाएगी.

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रामपुर. उत्तर प्रदेश के रामपुर (Rampur) से सपा सांसद और कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान (Azam Khan) को बड़ा झटका लगा है. गुरुवार को यूनिवर्सिटी पहुंची तहसील की टीम ने जमीन पर कब्जा करने के साथ ही आजम खान के मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को बेदखल कर दिया. यह ट्रस्ट ही यूनिवर्सिटी को संचालित करता है और आजम खान इसके अध्यक्ष हैं, जबकि उनकी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा सचिव हैं. एडीएम प्रशासन ने जौहर यूनिवर्सिटी की करीब 70 हेक्टेयर ज़मीन को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया था. एडीएम के इस आदेश के खिलाफ जौहर ट्रस्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट याचिका दाखिल की जौहर ट्रस्ट की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. याचिका खारिज होने के बाद अब जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है.

अब उस ज़मीन पर कब्जा और दखल के लिए टीम जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची. लेकिन यूनिवर्सिटी के वीसी ने दखल और कब्जा के पेपर पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया. इस मामले में तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार ने बताया अपर जिलाधिकारी महोदय द्वारा अपने आदेश में 70 हेक्टेयर जमीन को राज्य सरकार में निहित किया गया था.

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी

हाईकोर्ट के इसी फैसले के बाद अब रामपुर जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया और तहसील सदर रामपुर के तहसीलदार ने जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से जमीन का कब्जा सरकार के हाथ में लिए जाने के लिए नोटिस प्राप्त करने को कहा जिसे तहसीलदार सदर के मुताबिक जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने इंकार कर दिया. नियमों के अंतर्गत तहसीलदार सदर ने 2 गवाहों की मौजूदगी में जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन पर सरकारी कब्जा लिए जाने की कार्रवाई पूरी की.

ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि 7 नवंबर 2005 को सरकार ने ट्रस्ट को 400 एकड़ जमीन की मंजूरी दी. जिसमें से 12.50 एकड़ में विश्वविद्यालय बनाने की सीलिंग की गई. 17 जनवरी 2006 को 45.1 एकड़ जमीन तथा 16 सितंबर 2006 को 25 एकड़ अतिरिक्त जमीन की मंजूरी दी गई. एसडीएम की रिपोर्ट में कहा गया कि 24000 वर्ग मीटर जमीन में ही निर्माण कार्य कराया जा रहा है. शर्तों का उल्लघंन किया गया है. याची का कहना था कि ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहम्मद आजम खान, सचिव डॉ तंजीन फात्मा व सदस्य अब्दुल्ला आजम खान 26 फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद हैं.

VIDEO: सीतापुर के बीजेपी MLA शशांक त्रिवेदी के बिगड़े बोल, कहा- SDM को जूते से मारूंगा... सही कर देंगे

सीतापुर के महोली से बीजेपी विधायक शशांक त्रिवेदी का वीडियो वायरल

BJP MLA Shashank Trivedi Viral Video: विधायक का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम महोली पंकज राठौर का बयान भी सामने आया है. SDM ने जिस प्रकार से अपनी सफाई जाहिर की है, उससे साफ तौर पर दिख रहा है कि खादी के आगे किस तरह से अफसर नतमस्तक हुए हैं.

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सीतापुर. यूपी के सीतापुर (Sitapur) में महोली से बीजेपी विधायक शशांक त्रिवेदी (BJP MLA Shashank Trivedi) का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में बीजेपी विधायक एसडीएम को जूतों से मारने की बात कहते नजर आ रहे हैं. बीजेपी एमएलए शशांक त्रिवेदी एसडीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात भी वीडियो में कहते साफ सुनाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है 4 सितंबर को बीजेपी विधायक शशांक त्रिवेदी महोली तहसील के पकरिया पांडेपुर पहुंचे थे, जहां पर एसडीएम की मौजूदगी में तहसील प्रशासन द्वारा दिव्यांग का मकान गिराया गया था. सूचना पाकर मौके पर पहुंचे विधायक ने खुद बैठकर दिव्यांग का मकान बनवाया था. बताया जा रहा है कि यह वीडियो 5 दिन पुराना है.

उधर, विधायक का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम महोली पंकज राठौर का बयान भी सामने आया है. SDM ने जिस प्रकार से अपनी सफाई जाहिर की है, उससे साफ तौर पर दिख रहा है कि खादी के आगे किस तरह से अफसर नतमस्तक हुए हैं. एसडीएम महोली पंकज राठौर का कहना है कि विधायक जी के बारे में मैं यही समझ पा रहा हूं कि उनको गलत जानकारी मिली थी. उनकी भावनाएं आहत हुई, मैं उनकी भावनाओं का सम्मान करता हूं. एसडीएम महोली के द्वारा जारी बयान में जिस सम्मान की बात कही जा रही है तो बीजेपी विधायक शशांक त्रिवेदी के बयानों को सुने तो वह एसडीएम महोली को जूते मारने की बात फोन पर कर रहे हैं. इतना ही नहीं, एसडीएम महोली के खिलाफ FIR लिखाने की बात भी कह रहे हैं.

SDM ने धमकी पर कही ये बात
अब जूते मारने की बात करने वाले बीजेपी विधायक की बात को एसडीएम महोली किस प्रकार की भावनाओं को समझ रहे हैं, यह तो खुद एसडीएम महोली ही बता सकते हैं. हालांकि एसडीएम महोली का कहना है कि अपशब्दों का प्रयोग किसी भी तरह का संवैधानिक अधिकार नहीं हैं. बताते चलें कि एसडीएम महोली पंकज कुमार राठौर ने ग्राम समाज की जमीन पर दिव्यांग द्वारा किए गए कब्जे को हटवाया था. इसी दौरान बीजेपी एमएलए शशांक त्रिवेदी अपने लाव लश्कर के साथ पहुंचे थे. बीजेपी एमएलए शशांक त्रिवेदी ने इस कार्रवाई को लेकर एसडीएम महोली को अपशब्द कहा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Sitapur News: SDM ने उजाड़ा दिव्यांग का आशियाना, BJP MLA ने फिर से कब्जा दिलाकर शुरू कराया निर्माण

सीतापुर में दिव्यांग की झोपड़ी को गिराया.

Sitapur News: बताया जाता है इस जमीन पर गांव के निवासी दिव्यांग अनुज पुत्र कन्हैयालाल छप्पर डाल कर 25 वर्ष से रह रहा था. गांव में पंचायत भवन निर्माण के लिये जमीन नहीं मिल रही थी. जिसकी सूचना विकास खंड से जिला के उच्च अधिकारियों को दी गयी थी.

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सीतापुर. यूपी के सीतापुर (Sitapur) में महोली तहसील प्रशासन की तानाशाही का एक मामला सामने आया है. जिसमें एसडीएम महोली ने एक दिव्यांग के आशियाने को उजाड़ दिया. तहसील प्रशासन ने यह कार्रवाई दिव्यांग के द्वारा ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे को लेकर की है. जबकि दिव्यांग का कहना है कि वह 25 सालों से उसी जमीन पर काबिज है और उसके द्वारा उस जमीन की रजिस्ट्री कराई गई है. तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद दिव्यांग का परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. वहीं जब इस बात की जानकारी महोली से बीजेपी विधायक शशांक त्रिवेद्वी को हुई तो वह अपने लाव लश्कर के साथ गांव पहुंचे और पीड़ित दिव्यांग को सहारा देते हुए उसके मकान का निर्माण कार्य शुरू करवाया.

मामला विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत पकरिया पाण्डेय गांव का है. यहां पर  पंचायत भवन बनाये जाने के लिये के तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल धीरेंद्र प्रताप ने प्रस्ताव दिया था. बताया जाता है इस जमीन पर गांव के निवासी दिव्यांग अनुज पुत्र कन्हैयालाल छप्पर डाल कर 25 वर्ष से रह रहा था. गांव में पंचायत भवन निर्माण के लिये जमीन नहीं मिल रही थी. जिसकी सूचना विकास खंड से जिला के उच्च अधिकारियों को दी गयी थी. जिस पर महोली एसडीएम पंकज राठौर  पुलिस बल के साथ गांव पहुंच कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाई कर दीवार गिरवा दी थी तथा कब्जा धारकों को पुलिस हिरासत मे करवा दिया था. इसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारी आनंद कुमार ने पंचायत भवन निर्माण की लिये ईंट,मौरंग,सीमेंट ले जाकर पंचायत भवन निर्माण शुरू करा दिया.

लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कराई जाएगी कार्यवाई-MLA
जैसे ही यह खबर बीजेपी के क्षेत्रीय विधायक शशांक त्रिवेदी को हुई तो वह तत्काल मौके पर पहुंचे और दिव्यांग का हाल ही नहीं जाना बल्कि मौके पर बैठकर दिव्यांग का आशियाना बनवाने लगे. विधायक ने नाराजगी व्यक्त करते हुये मौके पर पहुंच कर कब्जा धारक को जमीन पर पुनः कब्जा करा कर पंचायत भवन निर्माण के लिये लाई गयी सामग्री से दीवार निर्माण करा दिया. विधायक ने बताया अवैध कब्जा था फिर भी बिना नोटिस के गरीब का घर गिराया गया है. उन्होंने बताया कि गरीब की छत छीनने से पहले गरीब को छत देनी  चहिये थी. उन्होंने कहा कि बरसात का समय है मिट्टी गिर रही है. पीड़ित गरीब व दिव्यांग भी है तथा छोटे-छोटे बच्चे है वे कहां रहेंगे. बीजेपी विधायक का कहना है कि पूरे प्रकरण से शासन व प्रशासन को अवगत करा दिया गया है. जांच कराकर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी.

सरकारी जमीन पर किया था कब्जा-SDM
वहीं जब इस मामले पर एसडीएम महोली पंकज राठौर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह परती की सरकारी जमीन थी. उसका जो अपना घर है वह गांव के अंदर बना हुआ है. इस जगह पर केवल वह पशु बड़ा बनाए हुए था. इस जमीन का प्रस्ताव पंचायत भवन के लिए हो चुका है. एक माह पहले उन्हें बता दिया गया था खाली करने के लिए. गरीबी की हालत देखते हुए हमने उन्हें दूसरी जगह जमीन भी दे दी है. एसडीएम ने एक सवाल के जवाब में कहा विधायक जी अगर बैठे हैं तो उनसे वार्ता कर ली जाएगी.

Sitapur News: रहस्यमयी बुखार से खौफ में ग्रामीण, अब तक 50 मौतों का दावा

सीतापुर जिले के बस्ती गांव में वायरल बुखार का कहर

Sitapur Viral fever: डॉक्टर गांव में बुखार को लेकर मेडिकल कैम्प लगवाने व दवा का छिड़काव करवाने की बात कह रहे हैं. वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव में डॉक्टरों की टीम महज एक बार ही आई है. फिलहाल जो कुछ भी हो गांव वाले रहस्मयी बुखार से दहशत के साये में जीने को विवश हैं.

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सीतापुर. पश्चिम यूपी के बाद अब सीतापुर (Sitapur) जिले में वायरल और डेंगू (Viral/Dengue) का प्रकोप देखने को मिल रहा है. जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर बसेती गांव के वाशिंदे रहस्यमयी बुखार से खौफजदा है. बसेती गांव के वाशिंदे इस समय वायरल के डंक से परेशान हैं. आलम यह है कि गांव के अधिकांश लोग चाहे बच्चे हों या फिर जवान और बुजुर्ग हर कोई बुखार की चपेट में है. रहस्मयी बुखार को लेकर लोगों में इतनी दहशत है कि जरा सी भी किसी के बदन का तापमान बढ़ा तो परिवार के लोगों के माथे पर चिंता की लकीर साफ दिखने लगती है. गांव वालों की माने तो अब तक करीब 50 से अधिक लोगों की मौते हो चुकी है.हालांकि गांव वाले यह आंकड़ा पिछले एक माह के दौरान की बता रहे हैं. वहीं डॉक्टर यह आंकड़ा15 से 20 होने का दावा कर रहे हैं.

डॉक्टर गांव में बुखार को लेकर मेडिकल कैम्प लगवाने व दवा का छिड़काव करवाने की बात कह रहे हैं. वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव में डॉक्टरों की टीम महज एक बार ही आई है. फिलहाल जो कुछ भी हो गांव वाले रहस्मयी बुखार से दहशत के साये में जीने को विवश हैं. शायद ही गांव का ऐसा कोई घर हो जिसमें कोई सदस्य बुखार से पीड़ित न हो. वहीं जिला अस्पताल में भी दर्जनों मरीज भर्ती है.

ग्रामीणों का ये है आरोप
ग्रामीणों की मानें तो इस बुखार के आने के बाद पहले ठंड लगती है, फिर बुखार तेजी से बढ़ता है. जिसके चलते कई ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ी. ग्रामीण बताते हैं कि दवा खाने के बाद बुखार उतर जाता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर तेजी के साथ बुखार आ जाता है. वायरल की चपेट में बच्चे भी है. इतना ही नहीं ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर्स की टीम गांव में नहीं आ रही है. बसेती गांव में वायरल कहर बनकर टूट रहा है. ग्रामीण बता रहे हैं कि गांव में कई मौतें वायरल से हो चुकी है, वहीं गांव में जगह-जगह गंदगी भी देखने को मिली है.

सीएचसी अधीक्षक बोले मलेरिया के लक्षण
वहीं सीएचसी अधीक्षक एलिया डॉ मनीष गुप्ता ने बताया कि गांव में कैंप कराया जा चुका है. दवाइयां भी गांव में बंटवाई जा चुकी है. सीएचसी अधीक्षक का यह भी कहना है कि गांव में सिर्फ 15 से 20 लोग ही वायरल की चपेट में है, जब कि हकीकत इससे अलग है. डॉक्टर मनीष का कहना है कि यह मलेरिया के लक्षण हैं और हम पूरी निगरानी रखे हुए हैं. गांव में जल्द ही टीमें भेजेंगे और कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया जाएगा.

OMG! UP पुलिस के सिपाही ने सड़क पर मिस्त्री से ठीक कराई कार्बाइन, PHOTO वायरल

Sitapur: यूपी पुलिस के एक सिपाही का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

UP News: उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही का फोटो सोशल मीडिया (UP Police Viral Photo) पर जमकर वायरल हो रहा है. इसमें सिपाही सड़क किनारे एक मिस्त्री से अपनी सरकारी बंदूक ठीक करवा रहा है. अब आला अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं.

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सीतापुर- उत्तर प्रदेश की हाईटेक पुलिस (Uttar Pradesh Police) को अभी कुछ महीने पहले एनकाउंटर के दौरान मुंह से ‘ठांय-ठांय’ करते हुए तो देखा होगा, लेकिन अब यूपी की हाईटेक पुलिस का एक नया कारनामा सामने आया है. इसमें यूपी की हाईटेक पुलिस के जवान ने अपनी ऑटोमेटिक गन को अरमोरर से सही नहीं करवाई. बल्कि उसने सड़क के किनारे फुटपाथ पर बैठने वाले मैकेनिक से अपनी ऑटोमेटिक गन कार्बाइन को ठीक कराया. अब सिपाही का यह फोटो सोशल मीडिया (Viral Photo) पर काफी तेजी के साथ वायरल हो रहा है.

वायरल फोटो में साफ तौर पर दिख रहा है कि फुटपाथ पर बैठा मिस्त्री जमीन पर रखकर कार्बाइन को सही कर रहा है, जबकि सिपाही पास में खड़ा हुआ है. उसने हाथ में कार्बाइन की स्प्रिंग पकड़े हुआ है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है यह फोटो लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बनी हुई है.

केंद्रीय आयुध भंडार में सरकारी कार्बाइन सही कराने आया था सिपाही

बताते हैं कि जिस सिपाही का सरकारी कार्बाइन सही कराते हुए फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वह सिपाही औरैया जनपद का है. सिपाही विगत दिनों सीतापुर के केंद्रीय आयुध भंडार में सरकारी कार्बाइन को सही कराने के लिए आया था. फोटो वायरल होने के बाद पूरे मामले की जांच सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह को दी गई है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

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योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई

मार्च 2017 के बाद बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने 8,472 मुठभेड़ें की. इसमें करीब 3,302 कथित अपराधियों को गोली मार कर घायल किया गया. जिससे कई के पैरों में गोलियां लगने से अपराधी लंगड़े हो गए. पुलिस जहां इसे आत्मरक्षा में हुई कार्रवाई बताती है तो आम जनमानस इसे ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ कहता है. पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिमी यूपी के मेरठ इलाके में योगी सरकार में 2,839 एनकाउंटर हुए. वहीं 5,288 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं. मुठभेड़ में 61 अपराधियों की मौत और 1,547 घायलों हो चुके हैं.

अजब- गजबः जब पेड़ से निकलने लगी 'खून' की धार! अंधविश्वास-अफवाह जैसी खबर से दहशत

UP News: सीतापुर में जब पेड़ से निकलने लगी 'खून' की धार!(सांकेतिक तस्वीर)

Sitapur News: यूपी के सीतापुर में काटते वक्त एक पेड़ से खून की धारा निकल रही है. काम पर गए मजदूर गांव वापस भाग आए हैं. घटना के बाद लोग दहशत में आ गए हैं. इस खबर का को वैज्ञानिक आधार या प्रमाण नहीं मिला है.

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सीतापुर. आप इसे अंधविश्वास कहें या अफवाह कहें अथवा सच्ची घटना, ये आपकी मर्जी, क्योंकि इस घटना के पीछे अभी तक किसी वैज्ञानिक आधार की पुष्टि नहीं हो सकी है. घटना बताई जा रही है यूपी के सीतापुर की. सोमवार को यहां उस वक्त हड़कंप मच गया जब पेड़ से खून (Blood from Tree) निकलने लगा. पेड़ काटने के दौरान खून निकलने से लोग चौंक गए. ये सब देख लोग डर गए और फौरन सब छोड़कर वहां से भाग गये.

अब यही खबर गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है. ग्रामीण डरे और सहमे हुए है. दरअसल एक गांव में लकड़ी ठेकेदार ने पेड़ खरीदा था. जिसको काटने के लिए वह कई मजदूरों के साथ गया हुआ था, लेकिन जैसे ही पेड़ को उसने काटना शुरू किया. इस दौरान पेड़ से खून की धार निकलनी शुरू हो गई. ठेकेदार के मुताबिक खून की धार इतनी तेज थी की सभी के कपड़े खून से लाल हो गए और उसमें से रोने चिल्लाने की तेज आवाज निकलने लगी, जिसके बाद ठेकेदार आरी सहित सारा सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए, और पेड़ काटने के काम को रुकवा दिया गया है.

किसान ने सेमल के पेड़ बेचे थे
बता दें कि थानगांव थाना क्षेत्र के निवासी दारा सिंह भार्गव पुत्र भगौती प्रसाद ने अपने खेत मे लगे सेमल के पेड़ों को लकड़ी ठेकेदारों से बेंच दिया था. जिसके बाद लकड़ी ठेकेदार अपने कई मजदूरों के साथ सेमल के पेड़ को काटने पहुंचा था.

आरी चलाते ही पेड़ से खून की तेज धार निकली
जैसे ही मजदूरों ने पेड़ पर आरी चलाई वैसे ही पेड़ से तेज धार में खून निकलने लगा. जैसे-जैसे मजदूर पेड़ को काटते रहे वैसे वैसे खून की धार और तेज होती गई, जिसके बाद वहां खड़े ठेकेदार व मजदूर काफी डर गए. ठेकेदार व मजदूरों का कहना है कि जब हम लोग पेड़ काट रहे थे तब उसमें से खून की तेज धार निकली और रोने चिल्लाने की आवाज भी सुनाई दी.

बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद
जिसके बाद हम लोग दहशत में आ गए और हम लोग अपना सारा सामान छोड़कर वहां से भाग निकले. इसके बाद ठेकेदार और मजदूर जैसे ही गांव के अंदर पहुंचे तो गांव वालों को पूरी कहानी बताई, जिसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया. सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण उस पेड़ को देखने के लिए मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने देखा कि पेड़ थोड़ा कटा हुआ था और तमाम सारा खून वही पर बिखरा पड़ा हुआ था. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब हम लोग पेड़ को देखने गए तो उस पेड़ से धीरे- धीरे रोने की आवाज आ रही थी. फिलहाल सेमल के पेड़ के कटान को रोक दिया गया और इलाके में इस पेड़ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया.

घर के अंदर गोवध करना लोक व्यवस्था बिगाड़ना नहीं है: हाईकोर्ट

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सीतापुर के गोवध मामले में अहम आदेश दिया है. (File photo)

High Court News: हाईकोर्ट ने कहा कि गरीबी, बेरोजगारी या भूख की वजह से अगर कोई व्यक्ति घर में गोवध कर रहा है तो ये कानून व्यवस्था बिगाड़ने का मामला तो हो सकता है, लेकिन इसे लोक व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने वाला कैसे मान सकते हैं?

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सीतापुर. उत्तर प्रदेश के सीतापुर (Sitapur) में 14 अगस्त 2020 को पुलिस ने गोवध (Cow Slaughter) के तीन आरोपियों इरफान, परवेज और रहमतुल्लाह पर रासुका (NSA) लगाई थी. पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट (High Court) में याचिका दाखिल की थी. याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस सरोज यादव ने रासुका को रद्द करने का फैसला सुनाया है.

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि मान भी लिया जाए कि कुछ व्यक्तियों द्वारा उनके घर में गाय के मांस के टुकड़े किए जा रहे थे, तो ये कानून व्यवस्था बिगाड़ने का मामला तो हो सकता है, लेकिन इसे लोक व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने वाला कैसे मान सकते हैं? कोर्ट ने कहा कि रासुका लगाने के लिए ये देखना जरूरी है कि आरोपियों के कृत्य से लोक व्यवस्था छिन्न-भिन्न हुई हो. इस आदेश के साथ बेंच ने इरफान, परवेज और रहमतुल्लाह की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को मंजूर कर लिया.

ये है पूरा मामला
सीतापुर की तालगांव पुलिस के मुताबिक उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपियों के घर पर गाय मार कर लाई गई है, जिसके टुकड़े किए जा रहे हैं. इस सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की और मौके से इरफान, परवेज को गिरफ्तार किया. आरोपियों से पूछताछ में रहमतुल्लाह का नाम सामने आया.

12 जुलाई 2020 को तालगांव थाने में इस मामले गौहत्या की एफआईआर दर्ज की गई. बाद में इस मामले में गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई की गई. पुलिस-प्रशासन की रिपोर्ट के बाद 14 अगस्त 2020 को आरोपियों पर रासुका भी लगा दी गई. प्रशासन की ओर से लगाई गई रासुका को आरोपियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

याचियों के वकील की ये थी दलील
याचियों के वकील की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि याचियों का ये पहला अपराध था, जिस पर रासुका लगा दी गई. सरकारी वकील ने तर्क दिया कि एक मुकदमे के आधार पर रासुका के तहत कार्रवाई की जा सकती है. सरकारी वकील ने कहा कि एडवाइजरी बोर्ड ने भी रासुका को सही बताया है. दोनों पक्षों की बहस के बाद कोर्ट ने कहा कि गरीबी, बेरोजगारी या भूख की वजह से किसी के द्वारा घर में चुपचाप गोवध कानून व्यवस्था का विषय तो हो सकता है, लेकिन इसे लोक व्यवस्था बिगाड़ने वाला कहना ठीक नहीं है.

UP News Live Update: लखनऊ में निजी मकान पर होर्डिंग लगाने के लिए लाइसेंस जरूरी

UP: लखनऊ में अब निजी मकान पर विज्ञापन की होर्डिंग लगवाने के लिए लाइसेंस लेना होगा. (सांकेतिक तस्वीर)

Uttar Pradesh News Update, 7 August 2021 Live: उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ (Lucknow) में निजी भवन पर प्रचार की होर्डिंग लगी है तो भवन मालिक को शुल्क भरना होगा. होर्डिंग लगवाने के लिए नगर निगम से लाइसेंस बनवाना जरूरी हो गया है. लाइसेंस फीस नहीं जमा करने पर इसे गृह कर में जोड़ दिया जाएगा.

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UP News Live Update: उत्तर  प्रदेश के राजधानी लखनऊ (Lucknow) में निजी भवन पर प्रचार की होर्डिंग लगी है तो भवन मालिक को शुल्क भरना होगा. होर्डिंग लगवाने के लिए नगर निगम से लाइसेंस बनवाना जरूरी हो गया है. नगर निगम को प्रचार लाइसेंस फीस जमा किए बिना विज्ञापन की अनुमति नहीं होगी. लाइसेंस फीस नहीं जमा करने पर इसे गृह कर में जोड़ दिया जाएगा. 3000 हजार भवन स्वामी इस लाइसेंस के दायरे में आएंगे. नगर निगम के नई प्रचार उपविधि प्रभावी होने के बाद ये व्यवस्था लागू की जा रही है.

Sitapur News: सिरफिरे ने क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर को तलवार से काटकर मार डाला

क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर की तलवार से काटकर नृशंस हत्या (सांकेतिक तस्वीर)

यूपी के सीतापुर में एक डॉक्टर की दिनदहाड़े तलवार से काट कर नृशंस हत्या कर दी गई. डॉक्टर की हत्या उसी के क्लीनिक के अंदर की गई. जिस समय डॉक्टर पर ताबड़तोड़ तलवार से कई प्रहार किए गए उस समय उसके पिता भी मौजूद थे. घटना में डॉक्टर की मौके पर ही मौत हो गई. उनके पिता घायल हो गए.

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सीतापुर. यूपी के सीतापुर (Sitapur) में एक डॉक्टर (Doctor) की दिनदहाड़े तलवार से काट कर नृशंस हत्या (Murder) कर दी गई. डॉक्टर की हत्या उसी के क्लीनिक के अंदर की गई. एक सिरफिरे ने क्लीनिक के अंदर घुस कर डॉक्टर पर ताबड़तोड़ तलवार से कई प्रहार किए, जिससे डॉक्टर की मौके पर ही मौत हो गई. दिन दहाड़े हुई डॉक्टर की नृशंस हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर हत्या में प्रयुक्त की गई तलवार बरामद कर ली है. घटना के पीछे जमीनी विवाद बताया जा रहा है.

बताते हैं कि हमलावर सिरफिरे अच्छे लाल ने सबसे सबसे पहले डॉक्टर मुनेंद्र वर्मा के कमरे को बंद किया और उसके बाद तलवार से ताबड़तोड़ वार किया. इसमें डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए. किसी तरह डॉक्टर कमरे से भाग कर बाहर निकले. हमलावर अच्छेलाल भी हाथ में तलवार लेकर उनके पीछे भागा और क्लीनिक परिसर में डॉक्टर पर ताबड़तोड़ कई प्रहार किए. बताते हैं कि डॉक्टर की हत्या करने के बाद भी हमलावर अच्छेलाल डॉक्टर पर तलवार से वार करता रहा. इस हमले में डॉक्टर के दोनों हाथ व पैर काट डाले. इतना ही नहीं डॉक्टर के सर को भी धड़ से अलग कर दिया.

पिता के सामने बेटे को उतार दिया मौत के घाट

बताते हैं कि जिस समय अच्छेलाल ने डॉक्टर पर तलवार से जानलेवा हमला करते हुए उनकी नृशंस हत्या कर दी थी, उस समय डॉक्टर मुनेंद्र वर्मा के पिता गजोधर प्रसाद भी क्लीनिक पर मौजूद थे. उनके सामने ही हमलावर अच्छे लाल ने डॉक्टर की तलवार से काट कर हत्या कर दी. बताते हैं कि अपने बेटे को बचाने के लिए पिता गजोधर प्रसाद वर्मा ने जब बीच बचाव किया तो अच्छेलाल ने उन पर भी तलवार से प्रहार कर दिया. जिसमें पिता गजोधर लाल वर्मा भी घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया.

जमीनी विवाद बताया जा रहा है हत्या का कारण

हरगांव थाना इलाके के मुद्रासन चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर दूरी पर डॉक्टर मुनेंद्र वर्मा का क्लीनिक है. बताते हैं जिस जमीन पर मुनेंद्र वर्मा का क्लीनिक है. वह जमीन सिरफिरे हमलावर अच्छेलाल की बताई जा रही है. इसी जमीन को लेकर अच्छे लाल का डॉक्टर मुनेंद्र वर्मा से काफी समय से विवाद चल रहा था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अच्छेलाल मंगलवार को बोरे में तलवार लेकर डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंचा और अंदर से कमरा बंद कर लिया. इसके बाद अच्छेलाल ने डॉक्टर पर ताबड़तोड़ तलवार से हमला कर दिया. डॉक्टर को मौत के घाट उतार दिया.

हमलावर के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई-एसपी

वहीं घटना को लेकर एसपी आरपी सिंह का कहना है कि हरगांव थाना क्षेत्र के मुद्रासन गांव में मुनेंद्र प्रताप वर्मा अपना निजी क्लीनिक चलाते हैं. उनके द्वारा मरीजों को देखा जा रहा था. इन्हीं के गांव का अच्छेलाल अचानक यहां आ गया और धारदार हथियार से उनके ऊपर प्रहार किया गया. जिसमें उनकी मृत्यु हो गई. उनके पिताजी और मरीज वहां बैठे हुए थे. यह संज्ञान में आया है कुछ जमीन का प्रकरण है. इसमें पैसे के लेनदेन की बात आई है. अभियुक्त को हिरासत में ले लिया गया है. इस शख्स के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.

Sitapur News: डकैती का विरोध करने पर महिला की गोली मारकर हत्या, ग्रामीणों ने एक को पकड़ा

सीतापुर में डकैती का विरोध करने पर महिला की हत्या

Sitapur Crime News: हत्या की सनसनीखेज वारदात के बाद एसपी आरपी सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे एएसपी डॉ राजीव दीक्षित का कहना है कि घटना के खुलासे को लेकर दो सीओ के नेतृत्व में पुलिस की 11 टीमें लगाई गई है.

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सीतापुर. यूपी के सीतापुर (Sitapur) में डकैती (Robbery) का विरोध करने पर बदमाशों ने महिला की धारदार हथियार से हत्या (Murder) कर दी. हमले में महिला का पति और देवर भी घायल हो गए. ग्रामीणों के बढ़ते दबाव को देखते हुए बदमाश मौके से भाग निकले. भाग रहे बदमाशों में से एक बदमाश को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला सहित उसके पति व देवर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया.

हत्या की सनसनीखेज वारदात के बाद एसपी आरपी सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे एएसपी डॉ राजीव दीक्षित का कहना है कि घटना के खुलासे को लेकर दो सीओ के नेतृत्व में पुलिस की 11 टीमें लगाई गई है. जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा. पकड़े गए बदमाश से पूछताछ जारी है. यह पूरा मामला तालगांव थाना क्षेत्र के अगरपुर का है. घायल पति बदमाशों द्वारा पत्नी को गोली मारे जाने का आरोप लगा रहा है, लेकिन पुलिस गोली लगने की बात से इंकार कर रही है. अब इस बात का खुलासा पोस्ट मार्टम रिपोर्ट से ही होगा कि महिला की हत्या गोली मार कर की गई है या फिर धारदार हथियार से.

मेंथा आयल की चोरी कर भाग रहे थे
जानकारी के मुताबिक थाना क्षेत्र के अगरपुर निवासी रामहेत के घर पर शनिवार देर रात बदमाशों ने धावा बोला. बदमाश घर के अंदर रखें लाखों रुपयों की कीमत के मेंथा आयल की चोरी कर भाग रहे थे, तभी रामहेत की बेटी ने घर के अंदर बदमाशों को देख शोर मचाना शुरू कर दिया. इस पर रामहित की पत्नी अनीता ने भाग रहे बदमाशों में से एक बदमाश को पकड़ लिया. जिस पर बदमाश ने अनीता पर धारदार हथियार से प्रहार कर दिया. जिससे अनीता की मौके पर ही मौत हो गई. इसी बीच मौके पर पहुंचे राम हेत तथा उसके भाई संतोष पर भी बदमाशों ने अगले के बट से प्रहार कर दिया. हमले में दोनों लोग घायल हो गए.

शोर-शराबा सुनकर आए ग्रामीण
वहीं शोर-शराबा सुनकर गांव के तमाम लोग लाठी डंडा लेकर दौड़ पड़े. ग्रामीणों ने एक बदमाश को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की. वहीं तीनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने अनीता को मृत घोषित कर दिया. प्राथमिक उपचार के बाद रामहेत व भाई संतोष को डिस्चार्ज कर दिया गया. मामले को लेकर एसपी डॉ राजीव दीक्षित ने बताया कि घटना के खुलासे को लेकर टीमें लगा दी गई है. जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा. पकड़े गए बदमाश से पूछताछ की जा रही है. उसी की निशानदेही पर पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं.

Sitapur News: इस मुस्लिम परिवार ने पक्षियों को उड़ाकर मनाई बकरीद

सीतापुर के मेराज अहमद ने बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी नहीं दी

UP News: मेराज अहमद ने बकरीद के त्योहार पर जानवर की कुर्बानी नहीं दी. उन्होंने सड़क पर पिंजरे में चिड़ियों को बंद करके बेच रहे बहेलिए से 100 चिड़ियों को खरीद कर उन्हें आजाद कराया और बकरीद के त्योहार पर एक नई मिसाल पेश की.

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सीतापुर. यूपी के सीतापुर (Sitapur) में रहने वाले मेराज अहमद ने अनोखे ढंग से बकरीद (Bakrid) का त्यौहार मनाया. मेराज और उनके परिवार ने जानवर की कुर्बानी न देकर, पिंजड़ों में बंद सैकड़ों पक्षियों को आजाद कर बकरीद का त्यौहार मनाया. मेराज अहमद पीएससी में मुख्य आरक्षी के पद से सेवानिवृत्त हैं. वह शहर कोतवाली इलाके के ग्वाल मंडी में अपने परिवार के साथ रहते हैं.

मेराज अहमद ने सड़क पर चिड़ियों को पिंजरे में बंद करके बेच रहे बहेलिए से करीब सौ चिड़ियों को खरीद कर उन्हें आजाद कराया और बकरीद के त्यौहार पर एक नई मिसाल पेश की.

मेराज का कहना है कि कुर्बानी के तरीके अलग-अलग हैं. कोई जानवर भूखा है तो उसे खाना खिलाए, कोई जानवर बीमार है तो उसका इलाज कराएं, कोई जरूरतमंद है तो उसकी मदद करिए. मंदिर, मस्जिद या कब्रिस्तान में कोई काम है तो आप हाथ बंटाते हैं तो यह भी कुर्बानी है. कुर्बानी न देकर हमने नया पैगाम दिया है और नए पैगाम को लेकर चिड़ियों को जिंदगी दी है. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि अगली बार और लोग भी ऐसा करें.

पशु सेवा समिति ने की सराहना
मेराज अहमद के द्वारा बकरीद के अवसर पर पेश की गई मिसाल को लेकर पशु सेवा समिति के अध्यक्ष विजय सेठ का कहना है कि त्योहारों पर कुर्बानी न देकर एक ऐसा त्यौहार मनाए जिससे वन्य जीव खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकें. ऐसी ही मिसाल मेराज अहमद ने पेश की है.

UP News Live Updates: आज CM योगी करेंगे बाल सेवा योजना शुभारंभ, कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को देंगे आर्थिक मदद

सीएम योगी आदित्यनाथ (File Photo)

Uttar Pradesh News Live, July 22, 2021: सरकार ने इसके लिये अधिकारियों से हर ज़िले में सर्वे कराया था, जिसमे जानकारी मिली थी कि चिन्हित बच्चे मे 6 बच्चों के माता-पिता की मौत हो चुकी है, जबकि 170 बच्चों के माता या पिता दोनों में से एक का निधन हुआ है.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) गुरुवार को बाल सेवा योजना (Baal Seva Yojna) के जरिये कोरोना में बेसहारा हुए बच्चों को आर्थिक मदद देंगे. यूपी मे कोरोना संक्रमण के दौरान बेसहारा हुए जिले के 176 बच्चों को चिन्हित किया गया है. आज इन बेसहारा बच्चो को कुल 12000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार ने इसके लिये अधिकारियों से हर ज़िले में सर्वे कराया था, जिसमे जानकारी मिली थी कि चिन्हित बच्चे मे 6 बच्चों के माता-पिता की मौत हो चुकी है, जबकि 170 बच्चों के माता या पिता दोनों में से एक का निधन हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन बच्चों को प्रतिमाह 4000 रूपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. इसमें कोरोना संक्रमण के कारण बेसहारा हुए प्रदेश के सभी बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. तीन महीने में ये राशि चार हज़ार रूपये के हिसाब से दी जायेगी. यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे लोकभावन में होगा. इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहेंगी.

Sitapur : बारिश बनी हादसों का सबब, कच्ची सीलनभरी दीवारें गिरीं, 7 की मौत, योगी ने अफसर भेजे

Sitapur: बारिश की वजह से हुए हादसों में 6 लोगों की मौत

Wall Collapse in Sitapur : सीतापुर में बारिश की वजह से कच्ची, सीलन भरी दीवारे गिरने से हुए अलग-अलग तीन हादसों में 7 लोगों की जानें चली गईं. हादसे से हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री योगी ने दुख जताया है और वरिष्ठ अफसरों को तत्काल पहुंचकर पीड़ितों की मदद करने के निर्देश दिए हैं.

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सीतापुर. मंगलवार देर रात से लगातार हो रही बारिश (Rainfall) की वजह से सीतापुर (Sitapur) में तीन अलग-अलग हादसों में सात लोगों की जान चली गईं, जबकि दो लोग घायल हो गए. पहला हादसा मानपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मनपुर गांव में हुआ, जहां घर की जर्जर दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए. घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Center) में एडमिट कराया गया है.

दूसरा हादसा सदरपुर थाना क्षेत्र के बिलौली नानकारी गांव में हुआ, जहां कच्ची, सीलन भरी दीवार गिरने से मलबे के चपेट में आये पति पत्नी की मौत हो गई. अलग-अलग हादसों में छह लोगों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मचा हुआ हैं

मानपुर हादसे में 4 मौतें, 2 घायल
मानपुर थाना इलाके के लक्ष्मनपुर में दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हुई, जिसमें लल्ली देवी, शैलेन्द्र, शिवा सहित 2 माह के बच्चे की मौत हो गई. वहीं दो लोग सुमन व शिवानी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मानपुर में बारिश के चलते हुए हादसे के बाद डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी आरपी सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना.

दो घटनाएं सदरपुर और महरिया में हुईं
वहीं दूसरी घटना सदरपुर थाना इलाके की है, जहां कच्ची दीवार गिरने से पति-पत्नी राम लोटन व अनीता की मौत हो गई. इसी तरह महरिया में भी दीवार गिरने से वृद्ध श्रीकृष्ण की मौत हो गई. आपको बता दें कि दीवार गिरने के बाद हुई 7 लोगों की मौत के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. शवों (Dead Bodies) को पोस्टमार्टम (Post Mortem) के लिए भेज दिया गया है. वहीं घायलों का इलाज जिला अस्पताल में कराया जा रहा है. डॉक्टर के मुताबिक घायलों की हालत स्थिर बनी हुई है.

सीएम योगी ने जताया दुख
उधर सीतापुर में बारिश की वजह से दीवार गिरने से हुए हादसे के चलते हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया दुख. साथ ही उन्होंने जिले वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर पीड़ितों की सहायता करने के निर्देश दिए है. अफसर घटनास्थलों पर पहुंच गए हैं और काम शुरू कर दिया है.

आजम खान की पत्नी ने योगी सरकार की मंशा पर उठाए सवाल, बोलीं- राजनीति का घिनौना स्वरूप

सपा सांसद आजम खान की पत्नी ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल (File photo)

गौरतलब है कि आजम खान (Azam Khan) सीतापुर जेल में सवा साल से बंद हैं. पिछले दिनों कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में एडमिट कराया गया था.

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रामपुर. समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान (Azam Khan) की तबीयत खराब है. उनका इस समय लखनऊ के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है. आजम खान को अस्पताल से डिस्चार्ज करने और जेल भेजने को लेकर पत्नी ताज़ीन फातमा (Tanzeen Fatima) ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है. मीडिया से बात करते हुए आजम खान की पत्नी ने कहा कि, जब उन्हें डिस्चार्ज किया गया था उस वक्त भी मैंने कहा था कि वो पूरी तरह से सेहतमंद नहीं हैं और पता नहीं ऐसे कौन से हालात थे कि उन्हें सेहतमंद बताकर मेदांता हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया था. आजम की पत्नी शहर विधायक तजीन फात्मा ने कहा कि मैं तो यही मानती हूं कि कोई षडयंत्र या साजिश है. यह भी राजनीति का एक घिनौना स्वरूप ही है, फात्मा ने कहा कि यकीनन सियासी रंजिशें ही हैं.

फातमा ने कहा कि मेदांता के डायरेक्टर की तरफ से आजम खान के स्वास्थ्य संबंधी बुलेटिन जब आया तब भी वह पूरी तरह सेहतमंद नहीं थे. जिस वक्त उन्हें मेदांता से डिस्चार्ज किया गया था, मैंने वीडियो देखा था वो व्हीलचेयर से ले जाए जा रहे थे और उनके हाथ पैर बेहद कमजोर थे और ठीक से उनसे एंबुलेंस में चढ़ा भी नहीं जा रहा था, उन्हें सहारा देखकर चढ़ाया गया था. मैं तो यह मानती हूं इसमें यकीनन कोई षड्यंत्र है, कोई साजिश है और यह भी राजनीति का कोई घिनौना हिस्सा है.

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बता दें कि आजम खान पर 80 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला पर 40 से ज्यादा केस दर्ज हैं. जानकारी के अनुसार, अधिकतर मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है, अब कुछ मुकदमों में ही जमानत मिलनी बाकी है. दरअसल, आजम की तबीयत सोमवार को अचानक बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें जिला जेल से जिला अस्पताल भेजा गया. जहां से उनको फिर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है.

ऑक्सीजन लेवल 88 पहुंचा
सीतापुर जिला अस्पताल के डॉक्टर डी लाल ने बताया कि सपा सांसद का ऑक्सीजन लेवल 88 तक पहुंच गया है. ऑक्सीजन लेवल कम होने के चलते उन्हें लखनऊ रेफर किया गया है. गौरतलब है कि आजम खान सीतापुर जेल में सवा साल से बंद हैं. पिछले दिनों कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में एडमिट कराया गया था. इससे पहले आजम पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था. जिसकी जांच अब तेज हो गई है.

UP News: सीतापुर जेल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किए गए आजम खान, सामने आई तस्वीर

सीतापुर जेल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किए गए आजम खान

आजम (Azam) के ऊपर 80 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं, जबकि अब्दुल्ला के ऊपर 40 से ज्यादा केस दर्ज हैं. जानकारी के अनुसार अधिकतर मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है, अब कुछ मुकदमों में ही जमानत मिलनी बाकी है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के सीतापुर जेल में बंद रामपुर (Rampur) से सपा सांसद आजम खान (SP MP Azam Khan) की तबीयत सोमवार को अचानक बिगड़ गई. सीतापुर जिला जेल में उनकी तबीयत एक बार फिर खराब होने के कारण जिला अस्पताल भेजा गया. जहां से उनको फिर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. सीतापुर जिला अस्पताल के डॉक्टर डी लाल ने बताया कि सपा सांसद का ऑक्सीजन लेवल 88 तक पहुंच गया है. ऑक्सीजन लेवल कम होने के चलते उन्हें लखनऊ रेफर किया गया है.

बता दें कि आजम खान को बीती 13 जुलाई को लखनऊ के मेदांता अस्पताल से दोबारा सीतापुर जिला जेल में शिफ्ट किया गया था. उनका लखनऊ के मेदांता अस्पताल में करीब तीन महीने तक इलाज चला था. जेल में आज अचानक उनकी तबीयत फिर खराब हो गई. सांस लेने में तकलीफ होने पर उनको जिला अस्पताल भेजा गया. जहां से एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से उनको लखनऊ के मेदांता अस्पताल भेजा गया है. उनको सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है.

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गौरतलब है कि धोखाधड़ी मामले आजम खान सीतापुर की जेल में सवा साल से बंद हैं. पिछले दिनों कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में एडमिट कराया गया था. इससे पहले भी आजम पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था. जिसकी जांच अब तेज हो गई है. प्रवर्तन निदेशालय ने पांच बिंदुओं पर डीएम से रिपोर्ट और संबंधित अभिलेख मांगे हैं. आजम के ऊपर 80 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं, जबकि अब्दुल्ला के ऊपर 40 से ज्यादा केस दर्ज हैं. जानकारी के अनुसार अधिकतर मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है, अब कुछ मुकदमों में ही जमानत मिलनी बाकी है. (रिपोर्ट- अलाउद्दीन)
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