सीतापुर: जेल में कैदियों संग आजम खान के परिवार ने पढ़ी बकरीद की नमाज, परिजनों से नहीं की बात
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सीतापुर: जेल में कैदियों संग आजम खान के परिवार ने पढ़ी बकरीद की नमाज, परिजनों से नहीं की बात
जेल में कैदियों संग आजम खान के परिवार ने पढ़ी बकरीद की नमाज (file photo)

इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि मोहम्मद आजम खान प्रदेश के प्रतिष्ठित नेता हैं. वो कई बार मंत्री और विधायक रह चुके हैं.

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  • Last Updated: August 1, 2020, 1:22 PM IST
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सीतापुर. जिला जेल में बंद रामपुर के सांसद आजम खान (Azam Khan), उनकी विधायक पत्नी तंजीन फातमा (Tanzeen Fatma) और बेटे अब्दुल्ला ने शनिवार को अन्य कैदियों संग ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज (Eid Prayers) अदा की. जेल अधीक्षक डीसी मिश्रा ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करवाते हुए नमाज पढ़वाई गई. साथ ही नमाज को लेकर जरूरी सामान भी उपलब्ध करवाया गया. जेल अधीक्षक के मुताबिक आजम खान ने बकरीद के मौके पर अपनी बैरिक में ही नमाज पढ़ी. आजम खान के साथ उनके बेटे अब्दुल्लाआजम ने भी बैरिक में नमाज पढ़ी. वहीं आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा ने महिला बैरक में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के साथ नमाज पढ़ी.

मिश्रा का कहना है बाहर से लोगों का अंदर आना मना है. कोविड-19 का अनुपालन कराया जा रहा है. जिससे जेल के अंदर किसी प्रकार का कोई संक्रमण न फैले. जेल अधीक्षक का कहना है स्वाभाविक सी बात है कि अगर तीन चार महीने से किसी की किसी से मुलाकात ना हो तो थोड़ा बहुत परेशान जरूर होता है. जेल प्रशासन के द्वारा परिजनों से बात करने के लिए पीसीओ की व्यवस्था की गई है, लेकिन आजम खान के द्वारा पीसीओ पर बात करने से इंकार कर दिया गया है.

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इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि मोहम्मद आजम खान प्रदेश के प्रतिष्ठित नेता हैं. वो कई बार मंत्री और विधायक रह चुके हैं. वह राज्यसभा के सदस्य रहे हैं. वर्तमान में वह रामपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय जैसा उच्च शैक्षणिक संस्थान उन्हीं की देन है. उनकी पत्नी भी विधायक हैं. दोनों बीमार हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि आजम साहब के बेटे अब्दुल्ला आजम भी पूर्व विधायक रहे हैं. सरकार इन सबके साथ जो व्यवहार कर रही है, वह अशोभनीय है.
उधर, लखनऊ के ऐशबाग ईदगाह में ईद-उल-अजहा की नमाज शहर इमाम मौलाना खालिद रशीदी फरंगी महली ने नमाज़ पढाई. कोविड-19 संकट के चलते ईदगाह में सिर्फ 6 लोगों ने पढ़ी नमाज. फरंगी महली ने कहा कि लोग घरों में रहकर ईद उल अज़हा का पर्व मनाए: घरों में नमाज़ अदा कर कुर्बानी करें: कुर्बानी की जगह को सैनिटाइज करें.
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