खाकी का मानवीय चेहरा! अनजान शहर में परेशान बिटिया के लिए मेजबान बनी पुलिस

मुसीबतों में घिरी अकेली लडकी आरती गोस्वामी ने महिला हेल्प डेस्क से मदद मांगी थी

मुसीबतों में घिरी अकेली लडकी आरती गोस्वामी ने महिला हेल्प डेस्क से मदद मांगी थी

युवती अपनी रिश्तेदारी में जाना चाहती थी लेकिन कोई संसाधन नहीं मिला. तब उसने मिशन शक्ति के तहत महिला हेल्प डेस्क से संपर्क किया. इसके बाद आरती को महिला आरक्षी ने कोतवाल से मिलवाया, कोतवाल ने उसकी समस्या को सुना और अगले दिन सुरक्षित उसे उसके घर तक पहुंचाया गया

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 7, 2020, 4:53 PM IST
  • Share this:

सीतापुर. उत्तर प्रदेश के सीतापुर (Sitapur) में पुलिस का मानवता भरा चेहरा सामने आया है. औरैया जनपद की रहने वाली आरती गोस्वामी नाम की युवती के लिए पुलिस मददगार (Helpful Police) बनकर सामने आई. रात के लगभग नौ बज रहे थे, कोतवाली में महिला हेल्प डेस्क (Women Help Desk) पर तैनात आरक्षी श्वेता गुप्ता शहर कोतवाल टीपी सिंह के पास पहुंची. उन्होंने कहा कि गैर जनपद से आई एक युवती आपसे मिलना चाहती है. इंस्पेक्टर ने इजाजत दी तो आरती को बुलाया गया. कोतवाल के दफ्तर में दाखिल हुई आरती के चेहरे पर परेशानी छलक रही थी. उसने पूछने पर बताया कि उसका सहायक शिक्षक पद पर चयन हुआ है, वो अकेली है, यहां उसका कोई अपना नहीं है. पास में इतने पैसे भी नहीं हैं कि होटल में ठहर सके. उसके इतना कहते ही इंस्पेक्टर उसकी परेशानी समझ गए.

उन्होंने फौरन महिला आरक्षी ऋचा यादव को बुलाकर युवती की सुरक्षा का ख्याल रखने का निर्देश दिया. इंस्पेक्टर बोले आज यह बेटी मेरी मेहमान है, ऋचा तुम इसको अपने साथ रखो, इसे खाना खिलाओ और ख्याल रखना कि इसे किसी चीज की परेशानी नहीं हो. सिपाही ऋचा खुशी-खुशी आरती गोस्वामी की मेजबान बन गई. रात भर आरती सिपाही ऋचा के साथ बहन बन कर उसके यहां रही.

बचपन में पिता का हुआ देहांत, अकेली मां ने काफी मुश्किलों से पाला-पोसा

आरती ने कोतवाल को बताया कि जब वो पांच साल की थी तब उसके पिता का देहांत हो गया था. उसकी पांच बहनें हैं, मां ने गरीबी और दुख सहने के बाद भी उसे पढ़ाया-लिखाया. आज वो अपनी मेहनत और लगन के दम पर योगी सरकार में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त हुई है. आज वो थोड़े से पैसे लेकर जालौन से चली थी, उसके साथ आने वाला कोई नहीं था.
पुलिस अधीक्षक (एसपी) आर.पी सिंह ने कहा कि आरती गोस्वामी औरैया की रहने वाली है. वो गरीब परिवार से संबंध रखती है, उसके पिता का बहुत पहले निधन हो गया था. उसका चयन सहायक अध्यापक के पद पर हुआ है. युवती मेडिकल कराने गई थी लेकिन वो हो नहीं पाया. इस बीच शाम हो गई, युवती अपनी रिश्तेदारी में जाना चाहती थी लेकिन कोई संसाधन नहीं मिला. तब उसने मिशन शक्ति के तहत महिला हेल्प डेस्क से संपर्क किया. इसके बाद आरती को महिला आरक्षी ने कोतवाल से मिलवाया, कोतवाल ने उसकी समस्या को सुना और अगले दिन सुरक्षित उसे उसके घर तक पहुंचाया गया. मिशन शक्ति के तहत बने महिला हेल्प डेस्क से युवती को सहायता मिली.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज