रामनाथ कोविंद के राष्‍ट्रपति बनने के बाद भी नहीं बदले गांव के हालात, देखें VIDEO

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविन्‍द के गांव परौंख को जाने वाली सड़क कहीं बेहतर है तो कहीं पूरी तरह टूटी हुई. वहीं, गांव के अधिकतर रास्‍ते टूटे या फिर कच्‍चे हैं.

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उत्‍तर प्रदेश के कानपुर देहात का वो एक गांव जिसे न सिर्फ पूरा भारत, बल्कि पूरी दुनिया जानती है. इसी गांव में जन्मे हैं देश के वर्तमान राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद. कानपुर देहात की डेरापुर तहसील के छोटे से गांव परौंख में जन्मे रामनाथ कोविंद आज देश के सर्वोच्च पद पर हैं. जैसे ही वे करीब दो साल पहले देश के 14वें राष्ट्रपति बने थे तो पूरे गांव में मानो दिवाली जैसा जश्न हुआ था. हर गांव वाला ख़ुशी से झूम रहा था, लेकिन आज इस गांव के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं. आखिर जिस गांव में देश के राष्ट्रपति जन्मे और शुरुआती शिक्षा ग्रहण की आज वहां विकास कार्य उस स्तर पर नहीं हुए जैसे होने चाहिए थे.



टूटी सड़क और बदहाल रास्‍ते

परौंख को जाने वाली सड़क कहीं बेहतर है तो कहीं पूरी तरह टूटी हुई, जबकि गांव के अधिकतर रास्‍ते टूटे या फिर कच्‍चे हैं. खैर, गांव में जब न्‍यूज़ 18 ने पड़ताल की तो वहां राष्‍ट्रपति के पैतृक आवास का नवीनीकरण हो रहा था. आवास को अब मिलन केंद्र बना दिया गया है, ताकि गांव की बेटियों की शादी यहां से हो सके. लेकिन, इसके बाद जो हुआ वो हैरान करने वाला है. दरअसल, मिलन केंद्र के बगल में लगे हैण्डपम्प पर मौजूद ग्रामीणों ने कैमरा देखते ही अपनी समस्‍याएं बतानी शुरू कर दीं. उन्‍होंने कहा कि हैण्डपम्प में पानी कुछ देर तो सही आता और फिर गंदा आने लगता है, जबकि गांव का जिस स्तर पर विकास होना चाहिए वैसा नहीं हुआ. हां, बस बिजली अब पहले से अच्छी आती है.



ये है सबसे बड़ी समस्‍या
परौंख की सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य सेवाएं है. यहां पर एकमात्र एएनएम सेंटर बना है जहां हमेशा ताला लगा रहता है. गांव में मौजूद राष्‍ट्रपति के पुराने साथी के अनुसार उन्होंने इस समस्या से उनको (राम नाथ कोविंद) को अवगत कराया था और तीन माह में एक बार गांव के लोग उनसे मिलने जा सकते हैं. वहीं, अब वो एक बार फिर जाकर हालात बताएंगे.





परौंख के विकास यह है रोड़ा

आखिर परौंख का विकास क्यों नहीं हो पाया ये जानने के लिए जब जिला अधिकारी राकेश कुमार सिंह से बात करनी चाही तो उन्होंने व्यस्यता की बात कह कर मामला खत्‍म कर दिया.



इसी बीच मुख्य सचिव रेणुका कुमार (बेसिक शिक्षा एवम राजस्व विभाग) का विकास कार्यों को लेकर कानपुर देहात में दौरा लग गया. जब उनसे सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन वहां विकास कराए. जिलाधिकारी की जिम्मेदारी होती है सरकार की विकास योजनाओं के तहत वहां विकास होना चाहिए.



(रिपोर्ट-सौरभ शर्मा)



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