UP: वन विभाग ने वर्षों पुराने मंदिर के निर्माण कार्य को रोका, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

ग्रामीण हृदय नारायण भुइयां ने सन 2015 में चकडुमरा के सहिमनवा पहाड़ी पर मंदिर स्थापित किया था.
ग्रामीण हृदय नारायण भुइयां ने सन 2015 में चकडुमरा के सहिमनवा पहाड़ी पर मंदिर स्थापित किया था.

ग्रामीणों ने बताया कि उस पहाड़ी पर भगवान शंकर (Lord Shankar) , वन शक्ति मैया, शेषनाग, मैहर माई, लाखों बहन देवी, बजरंग बली, जटाधारी मैया, कंकाली मैया, शीतला मैया और शिवहानिया बाबा सहित कई देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं.

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रंगेश कुमार सिंह

सोनभद्र. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र (Sonbhadra) में एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां दुद्धी तहसील (Duddhi Tehsil) क्षेत्र के विंढमगंज रेंज में वन विभाग की टीम ने सार्वजनिक मन्दिर के निर्माण पर रोक लगा दिया. इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए हैं. गुस्साएं ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत डुमरा के सहीमनवा पहाड़ी (Sahi Manwa Hill) पर सार्वजनिक मन्दिर का निर्माण किया जा रहा है, जिसे वन विभाग ने रोक दिया. कहा जा रहा है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने मंदिर के सेंटरिंग को भी तोड़ दिया है. इससे नाराज ग्रामीण वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग अवैध खनन को रोक नहीं पाती है. और उल्टा उन अवैध खनन करने वालो से धन उगाही करती है. अब वर्षों पुराने मंदिर के छत व सीढ़ियों को गिराकर बहादुरी दिखा रही है. इस घटना से ग्रामीण सहित दूर दराज के भक्तों में आक्रोश व्याप्त हैं. मंदिर की पुजेरिन शारदा देवी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से पहाड़ी पर वन देवी की पूजा पाठ अनवरत कर रही हूं. यहां पर भक्तों का तांता लगा रहता है. पिछले पांच वर्ष पहले यहां शिव मन्दिर की स्थापना की गई थी. दुद्धी क्षेत्र के सैकड़ों भक्तों का आना- जाना यहां लगा रहता है. और उनकी सभी मुरादें भी पूरी होती हैं. उन्होंने बताया कि मंदिर का नए रूप में निर्माण चल रहा है. भक्तों की आस्था व सहयोग से मन्दिर की दीवार व पिलर पहले ही खड़ा हो चुका था. आज सुबह डोर लेबल पर ढलाई के लिए लगाई गई शेंटरिंग को वनकर्मियों ने खोल कर हटा दिया और काम रुकवा दिया. ऐसे में स्थानीय लोग गुस्से में हैं.



उन्होंने फोन नहीं उठाया
वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि उक्त पहाड़ी पर भगवान शंकर, वन शक्ति मैया, शेषनाग, मैहर माई, लाखों बहन देवी, बजरंग बली, जटाधारी मैया, कंकाली मैया, शीतला मैया और शिवहानिया बाबा सहित कई देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं. ऐसे में मंदिर का निर्माण रोके जाने से हिन्दू संगठनों की भी आस्था पर ठेस पहुंचा है. वहीं, वन क्षेत्राधिकारी विजेंद्र श्रीवास्तव से फोन पर वार्ता करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया.

2015 में चकडुमरा के सहिमनवा पहाड़ी पर मंदिर स्थापित किया था
ग्रामीण हृदय नारायण भुइयां ने सन 2015 में चकडुमरा के सहिमनवा पहाड़ी पर मंदिर स्थापित किया था. हृदय नारायण ने बताया कि मेरा परिवार परेशान था. मेरी पत्नी शारदा देवी को स्वप्न में सिद्ध का पेड़ दिखाई दिया. यहां आने के बाद वह उक्त स्थल पर पूजा अर्चना करने में लीन हो गयी. जब अपनी पत्नी को हृदय नारायण घर ले गए तो वहां पागल जैसा व्यवहार करने लगी. धीरे- धीरे उक्त स्थल से ग्रामीणों का आस्था जगने लगी. उन्होंने बताया कि गढ़वा, डालटनगंज , रमुना, मेराल, छत्तीसगढ़, इलाहाबाद और डेहरी आदि जगह से लोग मन्नत मांगने आते हैं.
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