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Minor Girl Rape Case: 7 साल की मासूम को बनाया था हवस का शिकार, अब मिली फांसी की सजा

Minor Girl Rape Case: 7 साल की मासूम को बनाया था हवस का शिकार, अब मिली फांसी की सजा

दलित बच्ची के रेप के आरोपी शहजाद को ले जाती पुलिस.

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Sonbhadra Rape Case: सोनभद्र में साढ़े आठ वर्ष पूर्व 10 जनवरी 2013 को सात वर्षीय दलित बालिका के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी शहजाद को फांसी एवं दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से वादी को उचित प्रतिकर दिलाने के लिए कोर्ट ने संस्तुति की है.

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    रंगेश सिंह 

    सोनभद्र. साल 2013 में सात वर्षीय सात वर्षीय नाबालिग दलित बालिका के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले में दोषी शहजाद को फांसी की सजा सुनाई गई है. सोनभद्र में बुधवार को अपर सत्र न्यायालय ने दुष्कर्म के बाद हत्या, के मामले में दोषी शहजाद को फांसी की सजा सुनाई. इसके साथ ही दो लाख रुपए अर्थदंड जिसे न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद की सजा दी गई है. वही मृत्युदंड की पुष्टि के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रेषित किय गया है.

    अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी शहजाद को फांसी एवं दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता मे मुताबिक विंढमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित व्यक्ति ने 10 जनवरी 2013 को थाने में दी तहरीर में शहजाद पर आरोप लगाय था. इसमें उसने कहा था कि उसकी सात वर्षीय बेटी सुबह 9 बजे घर से खेलने के लिए निकली थी जो वापस नहीं लौटी. जब उसकी खोजबीन की गई तो पता चला कि हैंडपंप पर विंढमगंज थाना क्षेत्र के हरपुरा गांव निवासी शहजाद पुत्र सफी उल्लाह बेटी से कुछ बातचीत कर रहा था. दोपहर बाद 1:30 बजे दिन में बेटी की नग्न लाश अरहर के खेत में मिली. जिसे देखने पर लग रहा था कि उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी उसी के कपड़े से गला दबाकर हत्या कर दी गई हो.

    बेटी को शहजाद के साथ कई लोगों ने देखा था. इस तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म, हत्या के साथ ही पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कर लिया था. विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था. मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी शहजाद को फांसी एवं दो लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई. अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता दिनेश अग्रहरि एवं सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की.

    जिले की तीसरी फांसी
    मिर्जापुर जिले से अलग होकर 4 मार्च 1989 को बने सोनभद्र जिले में बुधवार को तीसरी फांसी की सजा सुनाई गई. बता दें कि सबसे पहले एडीजे एफटीसी रहे ऐके द्विवेदी की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी. हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया. उसके बाद वर्तमान में एडीजे द्वितीय सोनभद्र राहुल मिश्रा की अदालत ने दूसरी फांसी की सजा सुनाई थी. इसके बाद बुधवार को एडीजे/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने तीसरी फांसी की सजा सुनाई है.

    Tags: Dalit, Death sentence, Girl raped, Minor girl rape, Sonbhadra News

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