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UP Chunav 2022: आखिर उत्तर प्रदेश में इन 11 गांवों के मतदाता आखिरी बार क्यों करेंगे मतदान? वजह है बेहद खास

UP Chunav 2022: आखिर उत्तर प्रदेश में इन 11 गांवों के मतदाता आखिरी बार क्यों करेंगे मतदान? वजह है बेहद खास

यूपी चुनाव (सांकेतिक तस्वीर)

यूपी चुनाव (सांकेतिक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Assembly Elections) में इस बार 11 गांवों के वोटर अपने गांव में आखिरी बार मतदान (UP Chunav 2022) करेंगे. क्योंकि अगले चुनावों तक उनका गांव ही नहीं बचेगा. ये सारे गांव सोनभद्र जिले के दुद्धी विधानसभा के अंतर्गत आते हैं, जो कनहर सिंचाई परियोजना की वजह से डूब क्षेत्र में आ जाएंगे. इन गांवों के लोग अब अपने विस्थापित होने का इंतजार कर रहे हैं. दरअसल इस वर्ष के अंत तक बांध का निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने का समय निहित हुआ है. इन 11 गांव के लोगों ने मन बना लिया है कि वह अपने गांव में अपना आखिरी वोट डालेंगे.

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रंगेश सिंह, सोनभद्र: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Assembly Elections) में इस बार 11 गांवों के वोटर अपने गांव में आखिरी बार मतदान (UP Chunav 2022) करेंगे. क्योंकि अगले चुनावों तक उनका गांव ही नहीं बचेगा. ये सारे गांव सोनभद्र जिले के दुद्धी विधानसभा के अंतर्गत आते हैं, जो कनहर सिंचाई परियोजना की वजह से डूब क्षेत्र में आ जाएंगे. इन गांवों के लोग अब अपने विस्थापित होने का इंतजार कर रहे हैं. दरअसल इस वर्ष के अंत तक बांध का निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने का समय निहित हुआ है. इन 11 गांव के लोगों ने मन बना लिया है कि वह अपने गांव में अपना आखिरी वोट डालेंगे.

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में दुद्धी (सुरक्षित) 403 विधानसभा क्षेत्र के 11 गांवों में इस चुनाव में आखिरी बार मतदान होगा. इन गांवों के लोग इस बात की आशंका पिछले 45 वर्षों से कर रहे थे, अब वह समय आ गया है और किसी भी अगले चुनाव में इन सभी गांवों के लोगों को दूसरी जगहों पर वोटिंग करने का मौका मिलेगा. लेकिन, वे अपने गांव में मताधिकार के प्रयोग नहीं कर सकेंगे.  दरअसल, इस इलाके में कनहर सिंचाई परियोजना का बांध बन रहा है, जिस प्रोजेक्ट के इस साल के आखिर तक शुरू हो जाने की संभावना है. जैसे ही यह सिंचाई प्रोजेक्ट शुरू होगा सुंदरी, भिसुर, अमवार,सुगवामन, मसलन,कोरची सहित 11 गांव पूरी तरह से पानी में समा जाएंगे.

बता दें कि 1976 से ही ये परियोजना अटकी पड़ी थी, वहीं समाजवादी पार्टी ने पुनः 2012 में इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कराया. जब कनहर सिंचाई परियोजना की आधारशिला रखी गई थी, इस परियोजना से प्रभावित प्रत्येक परिवार को उनकी जमीन के बदले 7.11 लाख रुपये मिला और यह मुआवजा 3 पीढ़ियों को दिया गया है जबकि कई परिवार जिनको अभी भी मुआवजा नहीं मिल सका है लेकिन ऐसे परिवारों की संख्या बहुत ही कम बची है.

सोनभद्र के दुद्धी विधान सभा (सुरक्षित)403 विधानसभा क्षेत्र के इन 11 गावों में कुल 25,000 वोटर हैं और आबादी करीब 50,000 के लगभग है. करीब 2,500 परिवार विस्थापित होंगे. गांव वाले दोगुना मुआवजा और हर विस्थापित होने वाले परिवार से कम से कम एक सदस्य को रोजगार, पीएम आवास योजना के तहत घर और वैकल्पिक खेती लायक जमीन चाहते हैं. जहां तक कनहर बांध परियोजना का सवाल है तो इसके चालू होने से यूपी, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कई हिस्सों को लाभ मिलने की उम्मीद है. जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी तो इसपर 27.75 करोड़ रुपये के लागत का अनुमान था, जो अब बढ़कर 2,000 करोड़ रुपये हो चुका है. हालांकि, इसके चलते 35,000 हेक्टेयर में सिंचाई का पानी पहुंचेगा और 108 गांवों का फायदा होगा. लेकिन, इसकी वजह से करीब 2,500 परिवारों को विस्थापित होना होगा.

दरअसल मुन्ना बैगा , कामेश्वर प्रसाद ,मुजाहिद हुसैन व राजमतिया देवी ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की नीति और क्षेत्र के विकास के लिए यहां पर कनहर सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य कराया जा रहा है और इसके वजह से हमें भी स्थापित होना पड़ेगा हमारे बाप दादा यहां पर रह के चले आ रहे हैं उनके द्वारा बनाए गए के मकान इन सब चीजों को छोड़कर हटना अच्छा नहीं लग रहा है. इसके साथ ही जो सरकार के द्वारा मुआवजा दिया जा रहा है उससे भी हम संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि इससे हम खेत जमीन वह मकान नहीं बना पा रहे हैं. ऐसे में केवल प्रधानमंत्री आवास व घर बनाने के लिए प्लाट के साथ मुआवजा दिया जा रहा है जिससे हम संतुष्ट नहीं हैं.

Tags: Assembly elections, Uttar Pradesh Assembly Elections, ​​Uttar Pradesh News

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