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SSR Case: गोरखपुर के बीजेपी MP रवि किशन का खुलासा- बॉलीवुड में Nepotism के कारण हटाना पड़ा शुक्ला सरनेम

गोरखपुर से बीजेपी सांसद और भोजपुरी फिल्म स्टार रवि किशन

गोरखपुर से बीजेपी सांसद और भोजपुरी फिल्म स्टार रवि किशन

भोजपुरी फिल्म स्टार और गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन (Ravi Kishan) ने कहा कि सुशांत केस (SSR Case) में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के निर्णय का वह स्वागत करते हैं. उन्हें ये मामला हत्या का लगता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2020, 2:44 PM IST
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गौतम बुद्ध नगर. सुशांत सिंह राजूपत (Sushant Singh Rajpoot) की मौत मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट (SC) द्वारा सीबीआई (CBI) से कराने के निर्णय का भोजपुरी फिल्म स्टार और गोरखपुर सांसद रवि किशन (Ravi Kishan) ने स्वागत किया है. न्यूज 18 से बातचीत में रवि किशन ने कहा कि आज सुप्रीम ने सीबीआई जांच का आदेश देकर एक ऐतिहासिक फैसला किया है और यह एक परिवार की ही खुशी नहीं, बल्कि पूरे देश की खुशी का दिन है. इसके साथ ही रवि किशन ने नेपोटिज्म (Nepotism) को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि नेपोटिज्म के कारण ही उन्हें अपना शुक्ला सरनेम हटाना पड़ा था.

रवि किशन ने कहा कि सुशांत सिंह मामला आत्महत्या का नहीं लगता. ये हत्या का मामला लगता है. बिहार पुलिस ने अद्भुत काम किया है. उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस को चिंतन करना चाहिए कि उन्होंने ऐसा क्या खोया है? रवि किशन ने कहा कि बिहार के डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडे ने बहुत अच्छा काम किया है.

मुंबई में नेपोटिज्म बुरी तरीके से हावी है
बॉलीवुड में नेपोटिज्म के सवाल पर रवि किशन बोले, 'मैंने नेपोटिज्म के कारण बहुत कुछ खोया है. मुंबई में मुझे तो अपना सरनेम भी चेंज करना पड़ा था. मुंबई में नेपोटिज्म बुरी तरीके से हावी है. जब मैं इस इंडस्ट्री में आया तो मुझे पैसे कमाने थे. अपने मां-बाप का सपना पूरा करना था. एक गरीब परिवार का लड़का था, जिसको लेकर मुझे अपना सरनेम तक चेंज करना पड़ा.'
पूरे देश के नौजवानों की लड़ाई


रवि किशन ने कहा कि वहां पर लोग हमें भैया कहते हैं और उत्तर प्रदेश और बाकी छोटे जिलों से जो लोग आते हैं, उनको नेपोटिज्म का शिकार होना पड़ता है. ये जो लड़ाई है, यह सिर्फ सुशांत सिंह राजपूत की नहीं बल्कि पूरे देश के नौजवानों की लड़ाई है कि उत्तर प्रदेश और बिहार से या किसी भी राज्य से जब कोई कलाकार मुंबई काम करने के लिए जाए तो उसे भैया ना बोला जाए. उसको इग्नोर ना किया जाए. गुटबाजी ना की जाए. जो कलाकार वहां काम करने के लिए गए हैं, उनको लेकर उनका सम्मान किया जाए. नेपोटिज्म के कारण मुझे अपना शुक्ला सरनेम हटाना पड़ा था.
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