सरकारी स्कूल की टीचर ने किया कुछ ऐसा, अब किताबों में पढ़ाया जाएगा इनका प्लान

आगरा के सरकारी स्कूल (Government School) में बच्चे टीचर के साथ अंग्रेजी (English) में बात करते हैं. स्‍कूल हेडमास्‍टर कामिनी शर्मा के प्रयासों से इस स्‍कूल का कायाकल्‍प हो चुका है.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: September 5, 2019, 8:54 AM IST
सरकारी स्कूल की टीचर ने किया कुछ ऐसा, अब किताबों में पढ़ाया जाएगा इनका प्लान
यह आगरा का वो सरकारी स्कूल है जहां बच्चे सिर्फ एक साल में ही हर किसी के साथ अंग्रेजी में बात करना सीख गए हैं.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: September 5, 2019, 8:54 AM IST
पांचवीं क्लास के बच्चे दो का पहाड़ा नहीं सुना सकते. टीचर को ब्यूटीफुल की स्पेलिंग नहीं आती. स्कूल में गांव वाले अपनी भैंसे बांधते हैं. मिड डे मील के नाम पर करोड़ों रुपये ठिकाने लगाए जा रहे हैं. और तो और सोशल मीडिया पर तो टीचर के स्कूल में पढ़ाई के तरीके को लेकर चुटकुले बनाए जाते हैं. अगर अब भी आप न समझे हों तो आपको बता दें कि सरकारी बेसिक स्‍कूलों की आजकल यही तस्वीर पेश की जाती है. लेकिन, आगरा में प्राथमिक विद्यालय (नौफरी) सरकारी स्कूल की एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है. स्कूल में बच्चे टीचर के साथ भी अंग्रेजी में बात करते हैं. टीचर सुबह की प्रार्थना अंग्रेजी में कराते हैं. स्कूल को बेहतर तरीके से सजाया गया है और साफ-सुथरे बर्तनों में बच्चे गरमा-गरम मिड डे मील खाते हैं.

अंग्रेजी हो या मैथ बच्चे सभी सवालों के जवाब फटाफट देते हैं. बच्चे तो बच्चे टीचर भी हर वक्त किसी भी विषय का टेस्ट देने के लिए तैयार रहते हैं. नौफरी के सरकारी स्कूल की यह तस्वीर बदली है स्कूल की हेडमास्टर कामिनी शर्मा ने. कामिनी को इसके लिए दो पुरस्कार भी मिले चुके हैं. वहीं, कामिनी के इस प्लान को किताबों में भी पढ़ाया जाएगा.

टीचर कामिनी शर्मा और उनके सहयोगी स्टाफ की बदौलत ही नौफरी के सरकारी स्कूल की तस्वीर बदली है. (फाइल फोटो)


एक साल में हो गए 82 से 130 बच्चे

हेडमास्टर कामिनी शर्मा कहती हैं, 'मैंने अप्रैल 2018 में इस स्कूल में ज्वाइन किया था. उस वक्त यहां 82 बच्चे पढ़ते थे. आज 130 बच्चे पढ़ रहे हैं. इत्तेफाक से वर्ष 2018 में ही इस स्कूल को इंग्लिश मीडियम बनाने के आदेश आ गए. हर एक विषय की किताब भी अंग्रेजी में आ गई, फिर मैंने और दूसरे स्टाफ ने पूरी मेहनत के साथ सिर्फ वही किया जो हमने बीएड-बीटीसी में पढ़ा था.'

कामिनी शर्मा का कहना है कि उन्होंने और उनके स्टाफ ने बस उतना ही किया जितना वो पढ़कर आए थे.


‘बेस्ट टीचिंग प्रैक्टिसेज’ में पढ़ाया जाएगा कामिनी का प्लान
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यूपी सरकार टाटा ट्रस्ट के साथ मिलकर सरकारी टीचरों का उत्साहवर्धन का काम कर रही है. सरकार जनता को बताना चाहती है कि हमारे सरकारी टीचर भी किसी से कम नहीं हैं. इसी के चलते सरकार बेस्ट टीचिंग प्रैक्टिसेज किताब का प्रकाशन करने जा रही है. इस किताब में प्रदेशभर के 25 ज़िलों के 36 ऐसे टीचरों को शामिल किया गया है, जिन्होंने अपने स्कूल में कुछ अलग हटकर कर दिखाया है. ऐसे ही 36 टीचरों में कामिनी शर्मा का प्लान भी शामिल है. कामिनी शर्मा के लिए गर्व की बात यह है कि उनके प्लान को भी इस किताब में शामिल किया गया है.

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First published: September 5, 2019, 7:58 AM IST
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