अवध विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र ने बनाया इलेक्ट्रॉनिक मास्क, कोरोना वायरस को रोकने का किया दावा
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अवध विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र ने बनाया इलेक्ट्रॉनिक मास्क, कोरोना वायरस को रोकने का किया दावा
इलेक्ट्रानिक मास्क को दिखाते शाद.

डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि (Awadh University) के एक छात्र ने कोरोना वायरस (Corona virus) को रोकने वाला इलेक्ट्रॉनिक मास्क बनाया है. यह मास्क इंटरनेट ऑफ थिंग (IOT) तकनीक से लैस होगा. इसमें संक्रमित व्यक्ति बिना कुछ छुएं अपने मास्क से सहारे ही घर की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (Electronic device) को ऑपरेट कर सकेगा.

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  • Last Updated: September 17, 2020, 2:30 PM IST
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अयोध्या. डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि (Dr. Ram Manohar Lohia Awadh University) के एक छात्र शाद अहमद ने कोरोना वायरस को रोकने वाले इलेक्ट्रॉनिक मास्क (Electronic mask) को बनाने का दावा किया है. छात्र का दावा है कि यह इलेक्ट्रॉनिक मास्क कोरोना संक्रमण की संभावनाओं को शून्य करेगा ही, साथ ही इंटरनेट ऑफ थिंग (IOT) तकनीक से भी लैस होगा. इसमें संक्रमित व्यक्ति बिना कुछ छुएं अपने मास्क से सहारे ही घर की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (Electronic device) को ऑपरेट कर सकेगा. अगर मास्क खो जाता है तो वह लोकेशन भी बताएगा. इसके साथ ही मास्क की खासियत यह भी है कि एक मीटर की परिधि में किसी के आने पर मास्क आपको अलर्ट करेगा. इस इलेक्ट्रानिक मास्क का वजन 90 ग्राम है. इसे बनाने में करीब 300 रुपये का खर्च आया है.

‘इंजीनियर्स डे’ के मौके पर आईईटी अवध में तृतीय वर्ष के छात्र शाद अहमद ने इस मास्क का डेमो दिखाया. डेमो के दौरान शाद ने बताया कि पूरे मास्क में चार फिल्टर लगे हुए हैं. दो मास्क के अंदर, एक साइड में और एक मास्क के बाहरी तरफ लगाया गया है. शाद का कहना है कि अंदर के दोनों फिल्टर अंदर पहुंचने वाली ऑक्सीजन को छानते हैं. इससे ऑक्सीजन के साथ कोविड वायरस के पहुंचने की संभावना शून्य होती है. उनका कहना है कि जो बाहर फिल्टर लगा है, वह 95 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन को खींचता है. बाकी का काम अंदर के दो फिल्टर करते हैं.

क्या है मास्क की खासियत
शाद कहते हैं कि गर्मी के चलते कुछ देर मास्क लगाने के बाद लोग उसे हटा देते हैं और कुछ देर बाद फिर लगाते हैं. इससे संक्रमण की संभावना बनी रहती है, लेकिन इस इलेक्ट्रॉनिक मास्क में उन्होंने एक छोटा सा फैन लगा रखा है, जिससे आपको गर्मी का अहसास नही होगा. क्योंकि ये फैन अंदर की गर्मी को लगातार बाहर निकालता है. फैन की खासियत यही है कि ये ऑक्सीजन को खींचता है और कॉर्बन डाई ऑक्साइड को बाहर निकालने का काम करता है.
मास्क में लगा है आईओटी सिस्टम


शाद ने बताया कि मास्क में आईओटी सिस्टम लगाया गया है. इससे संक्रमित व्यक्ति अपने घर के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों को बिना हाथ लगाए चालू और बंद कर सकता है. मास्क के खोने पर मोबाइल के जरिये इसको खोजा भी जा सकता है. साथ ही एक मीटर की दूरी में किसी के आने पर भी ये बीप अलर्ट देता है. शाद  ने बताया कि बिना आईओटी के ये मास्क 200 रुपये के आसपास और आईओटी तकनीक के साथ ये 300 रुपये की लागत में बनकर तैयार होगा.

बांधने के लिए खास व्यवस्था 
शाद अहमद ने बताया कि आमतौर पर कपड़े के मिलने वाले ब्रांडेड मास्क 10 से 15 ग्राम के होते हैं लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मास्क का वजन 80 से 90 ग्राम का होगा. इसलिए इसको बांधने का भी पूरा प्रबंध किया गया है. मास्क के दोनों तरह 4 पट्टियां लगाई गईं हैं. इसकी सहायता से इसको ले जाकर सेट किया जाता. इसमें भी एक फिल्टर लगा है. मास्क में 4 छोटी लाइटें भी लगी हैं जो अंधेरे में टार्च का भी काम करेंगी. वह बताते हैं कि डेमो के बाद विवि के प्रोफेसर की ओर से पेटेंट कराने का आश्वासन मिला है.

पेटेंट के लिए करेंगे अप्लाई
शाद अहमद की ओर से इलेक्ट्रॉनिक मास्क बनाया गया है. इंजीनियर डे पर इसका डेमो हुआ है. प्रोजेक्ट बहुत अच्छा है. यह आने वाले समय में देश के लिए अति उपयोगी साबित हो सकता है. प्रोजेक्ट में अभी कुछ चीजों की जांच की जा रही है. इसके बाद इसे पेटेंट के लिए अप्लाई किया जाएगा.
- डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, प्रोफेसर, आईईटी अवध विवि
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