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वरुण गांधी के बयान पर धर्मेंद्र यादव का ट्वीट- सैफई वाले हल और हुकूमत, दोनों चलाना जानते हैं

वरुण गांधी के बयान पर धर्मेंद्र यादव का ट्वीट- सैफई वाले हल और हुकूमत, दोनों चलाना जानते हैं

वरुण गांधी और धर्मेंद्र यादव

वरुण गांधी के बयान पर समाजवादी पार्टी के बदायूं प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने पटलवार किया है. धर्मेंद्र ने कहा कि सैफई वाले हल चलाना और हुकूमत चलाना दोनों जानते हैं. हार देखकर वरुण गांधी बौखला गए हैं.

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पीलीभीत प्रत्याशी वरुण गांधी ने सुल्तानपुर में अपनी मां मेनका गांधी के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (SP) पर हमला बोला था. यहां पर वो कुछ विवादित बयान दे गए. वरुण ने कहा था कि 15-20 साल पहले गोबर के कंडे उठाने वाले अब 5 करोड़ की गाड़ी से चल रहे हैं.

अब वरुण गांधी के बयान पर समाजवादी पार्टी के बदायूं प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने पटलवार किया है. धर्मेंद्र ने कहा कि सैफई वाले हल चलाना और हुकूमत चलाना दोनों जानते हैं. हार देखकर वरुण गांधी बौखला गए हैं.

घर्मेंद्र ने ट्वीट किया, 'सैफई वाले हल चलाना भी जानते हैं और हुकूमत चलाना भी जानते हैं. परंतु वरुण गांधी जैसे लोग जो हमेशा से दलित, वंचित, पिछड़े, शोषित समाज से दुर्भावना रखते आए हैं, वे सामंतशाही सोच के पक्षधर ही रहेंगे. अभी कुछ दिन पहले तक महागठबंधन से टिकट की जुगत में थे, अब साक्षात हार को देखकर बौखला गए हैं.'



केंद्रीय मंत्री और सुल्तानपुर से बीजेपी प्रत्याशी मेनका गांधी के लिए प्रचार कर रहे वरुण गांधी ने रविवार को समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा था कि जो लोग 15-20 साल पहले सैफई में गोबर के कंडे उठाते थे, आज ये 5-5 करोड़ की गाड़ियों मे चल रहे हैं. ये पब्लिक का पैसा है, इनके दादा का पैसा नहीं है.

वरुण गांधी इससे पहले भी इस लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए विवादित बयान दे चुके हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि किसी सोनू-मोनू से डरने की जरूरत नहीं है. मैं संजय गांधी का बेटा हूं. इन जैसों से अपने जूते खुलवाता हूं. मैं आपके साथ खड़ा हूं. किसी माई के लाल में हिम्मत नहीं कि आपसे बदतमीजी से बात कर ले.

2014 के लोकसभा चुनाव में वरुण गांधी सुल्तानपुर से जीते थे और उनकी मां मेनका गांधी पीलीभीत से चुनकर लोकसभा पहुंची थी. लेकिन इस बार बीजेपी ने दोनों की सीटों में अदला-बदली कर दी है.

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UP Weather Update: जानिए क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश? लखनऊ सहित कई जिलाें में टूटे रिकॉर्ड

UP Weather Update: जानिए क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश? लखनऊ सहित कई जिलाें में टूटे रिकॉर्ड

Lucknow News: लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि बारिश की ये रफ्तार आज गुरुवार को पूरे दिन जारी रहेगी. कई जिलों में तो इस मॉनसूनी सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गयी है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पश्चिमी यूपी (Western UP) के कुछ जिलों को छोड़ दें तो पूरे सूबे में बारिश (Rainfall) का सिलसिला कमोबेश कल बुधवार से ही चल रहा है. बारिश का ज्यादा जोर लखनऊ (Lucknow) और इसके आसपास के जिलों में देखने को मिल रहा है. लखनऊ में तो बीती रात 12 बजे से ही बरसात थमी नहीं है. और तो और इसमें लगातार बढ़ोतरी ही देखने को मिल रही है. तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश के कारण शहर में जगह जगह पेड़ भी गिर गये हैं.

प्रदेश के चार ऐसे जिले हैं जहां पिछले 24 घण्टों में 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है. लखनऊ में बुधवार से अभी तक 107 मिलीमीटर, रायबरेली में 186 मिमी, सुल्तानपुर में 118 मिमी और अयोध्या में 104 मिमी बारिश हो चुकी है. रायबरेली में तो स्कूलों में छुट्टी कर दी गयी है. इसके अलावा पिछले 24 घण्टों में गोरखपुर में 96.6 मिमी, वाराणसी में 88 मिमी, बाराबंकी में 94 मिमी और बहराइच में 30 मिमी बारिश दर्ज की गयी है.

लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि बारिश की ये रफ्तार आज गुरुवार को पूरे दिन जारी रहेगी. रात से या शुक्रवार की सुबह से इसकी तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि इस पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश जारी रहेगी. कई जिलों में तो इस मॉनसूनी सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गयी है.

क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश?

निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसकी वजह से बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवायें उस ओर बढ़ रही हैं. मॉनसूनी सीजन में हवा में नमी भरपूर हो रही है. बंगाल की खाड़ी से चलकर मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने वाली नम हवाओं के कारण मध्य यूपी में जोरदार बारिश हो रही है. संभावना ये है कि कल शुक्रवार तक इसमें काफी कमी आ जायेगी. तेज हवायें भी थम जायेंगी.

लखनऊ में भारी बारिश से कई मुख्य रास्ते बंद, गोमतीनगर सहित तमाम इलाकों में भरा पानी

वैसे तो पश्चिमी यूपी के जिलों में भी हल्की बदली छायी हुई है लेकिन, ज्यादा बारिश की फिलहाल संभावना नहीं जताी गयी है. राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखण्ड की सीमा से लगने वाले यूपी के जिलों में फिलहाल बारिश का ज्यादा जोर देखने को नहीं मिल रहा है.

बीती रात से अभी तक 7 की मौत

तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से जान- माल को भी काफी नुकसान पहुंचा है. न्यूज़ 18 को मिली जानकारी के मुताबिक बीती रात से अभी तक कुल 7 लोगों की मौत हो चुकी है. सभी लोगों की मौत कच्ची दीवार गिरने की चपेट में आने से हुई है.

हथिया नक्षत्र से पहले ही लखनऊ समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश, ऑरेंज अलर्ट भी जारी

मिली जानकारी के अनुसार जौनपुर में 4, सीतापुर में 1, अयोध्या  में 1 और रायबरेली  में भी 1 की मौत हुई है. बारिश का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो कई हादसों की आशंका बनी हुई है.

असदुद्दीन ओवैसी बोले- ये हिंदुस्तान का सच, जिस समाज का नेता होगा उस समाज के लोगों को आगे बढ़ाया जाएगा

असदुद्दीन ओवैसी बोले- ये हिंदुस्तान का सच, जिस समाज का नेता होगा उस समाज के लोगों को आगे बढ़ाया जाएगा

Asaduddin Owaisi in Uttar Pradesh: असदुद्दीन ओवैसी ने सुल्तानपुर में एक सभा को संबोध‍ित करते हुए जनता से कहा क‍ि एक सियासी पारी की शुरुआत यहां से होनी चाह‍िए और आप लोग यहां से हमारी पार्टी का व‍िधायक बनाएं. उन्‍होंने कहा क‍ि सत्ता में जाकर कभी संतरी-मंत्री बनने का शौक नहीं है बल्‍क‍ि हमारे समाज के लोगों के लिए आवाज उठाना हमारा काम है.

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एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) तीन द‍िनों के यूपी दौरे पर है. बुधवार को उन्‍होंने एक सभा को संबोध‍ित करते हुए कहा क‍ि जिस समाज का नेता होगा उस समाज के लोगों को आगे बढ़ाए जाएगा. यही हिंदुस्तान का सच है. उन्‍होंने कहा क‍ि प्रधानमंत्री ने मंत्र‍िमंडल में अनुप्रिया पटेल को शाम‍िल क‍िया क्योंकि मोदी वह जानते है कि उसके बिना कुर्मी समाज का वोट नहीं मिलेगा. आपको बता दे कि ओवैसी ने अपने यूपी दौरे की शुरुआत अयोध्या के रुदौली से मंगलवार को की थी. इससे पहले ओवैसी ने लखनऊ में जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनकी पत्नी शाईस्ता परवीन को पार्टी की सदस्यता भी दिलाई थी. ओवैसी ने यह भी कहा था कि अगर समाजवादी पार्टी पहल करे तो वे गठबंधन कर सकते हैं.

असदुद्दीन ओवैसी ने सुल्तानपुर में एक सभा को संबोध‍ित करते हुए जनता से कहा क‍ि एक सियासी पारी की शुरुआत यहां से होनी चाह‍िए और आप लोग यहां से हमारी पार्टी का व‍िधायक बनाएं. उन्‍होंने कहा क‍ि सत्ता में जाकर कभी संतरी-मंत्री बनने का शौक नहीं है बल्‍क‍ि हमारे समाज के लोगों के लिए आवाज उठाना हमारा काम है. यूपी का हमारे मुल्क के सियासत में बड़ा रोल है.उत्तर प्रदेश में इतनी बड़ी तादात के मुसलमान रहते है, लेकिन क्या आपने किसी को नेता नहीं बनाया? मजलिस यही चाहती है कि आपके बीच से किसी को नेता बनाए.

उन्‍होंने कहा क‍ि मैं सुल्‍तानपुर एक मकसद के लिए आया हूं, क्योंकि सुल्‍तानपुर से मुझे अपने समाज का नेता बनाना है. आजादी के समय में लोगों ने अपनी कुर्बानी दी है. आप वर्षों से वोट दे रहे हैं कांग्रेस, बीजेपी, सपा और बसपा को, लेकिन अपने समाज के लोगों को वोट नहीं दिया क्यों? आज मेरी जुबान कड़ी है तो इसके जिम्मेदारी भी आप हैं. हर वक्‍त हमारे समाज के लोगों का शोषण किया है. बाबा साहब ने संविधान दिया लेकिन उसको भी खत्म किया जा रहा है. 2022 के चुनाव में मजलिस के लोगों को विधानसभा भेजना है ये जिम्मेदारी आप की है.

जानें मंच से क्‍या बोलीं मुख्‍तार अंसारी की बहन
वहीं मुख्तार अंसारी की बहन ने मंच से कहा क‍ि आपके भाई अतीक अहमद का ख़त लेकर आई हूं. हालात आज बदल गए हैं इसलिए मैं सुल्तानपुर आई हूं. गुजरात की साबरमती जेल से संदेश लाई हूं. पूरे मुल्क में अपनी हिस्सेदारी लेने का वक़्त आ गया है और अब दूसरे का झंडा उठाने का वक़्त खत्म हो गया है. ये लड़ाई अपने बच्चों को आईएएस, डॉक्टर और इंजीनियर बनाने की है. उन्‍होंने आगे कहा क‍ि मुसलमानों ने आज तक किसी मुसलमान को अपना नेता नहीं माना आज अल्लाह का शुक्र है कि एक लीडर हमें मिला है. आज कुछ मठाधीश लोग ओवैसी साहब को कमजोर करने के लिए तरह-तरह की बातें और अफवाहें उड़ाते हैं. एआईएमआईएम आपका अपना झंडा है और इसी झंडे के साथ हम सबको रहना है.

UP News Live Updates: आज सुल्तानपुर के दौरे पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी, जनसभा को करेंगे संबोधित

UP News Live Updates: आज सुल्तानपुर के दौरे पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी, जनसभा को करेंगे संबोधित

Uttar Pradesh News Live, September 8, 2021: ओवैसी दोपहर एक बजे लखनऊ से सुल्तानपुर के लिए रवाना होंगे. गौरतलब है कि ओवैसी ने अपने यूपी दौरे की शुरुआत अयोध्या के रुदौली से मंगलवार को की थी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 08, 2021, 07:56 IST
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सुल्तानपुर. मंगलवार को तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) बुधवार को सुल्तानपुर (Sultanpur) में रहेंगे. वे यहां अयोध्या-प्रयागराज बाईपास के पास स्थित ओदरा गांव में दलित-शोषित-वंचित समाज सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे. ओवैसी दोपहर एक बजे लखनऊ से सुल्तानपुर के लिए रवाना होंगे. गौरतलब है कि ओवैसी ने अपने यूपी दौरे की शुरुआत अयोध्या के रुदौली से मंगलवार को की थी. इससे पहले ओवैसी ने लखनऊ में जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनकी पत्नी शाईस्ता परवीन को पार्टी की सदस्यता दिलाई. ओवैसी ने यह भी कहा कि अगर समाजवादी पार्टी पहल करे तो वे गठबंधन कर सकते हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कभी नहीं किया मेरा विरोध- राजा भैया

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कभी नहीं किया मेरा विरोध- राजा भैया

Sultanpur News: रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से जब जनसत्ता दल के गठबंधन पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी अपने पार्टी संगठन को बढ़ाने का काम कर रहे हैं. अभी किसी भी दल या नेता से कोई गठबंधन की बात नहीं हुई है.

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सुल्तानपुर. यूपी के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) में कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (Raghuraj Pratap Singh Raja Bhaiya) ने आज से जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी की जन सेवा संकल्प यात्रा की शुरुआत की है. वह प्रतापगढ़ से अयोध्या (Ayodhya) के लिए रवाना हुए हैं. इस दौरान सुल्तानपुर (Sultanpur) में वह रुके और उनका पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया. इस दौरान राजा भैया ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह (Kalyan Singh) ने कभी मेरा विरोध नहीं किया, जो भी बात हो सिर्फ अफवाह है. उन्होंने हमेशा मुझे सहयोग दिया.

बता दें यूपी विधानसभा चुनाव-2022 को लेकर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया भी सक्रिय हो चुके हैं और पूरे प्रदेश में जनसत्ता पार्टी के प्रचार प्रसार के लिए यात्रा कर रहे हैं. जिसकी शुरुआत आज होने अयोध्या से की है. नई पार्टी बनाने पर उन्होंने कहा इतने समय तक निर्दलीय विधायक रहने के बाद जब लोगों से राय ली गई, उनका विचार था कि पार्टी का गठन किया जाए. लोगों के राय पर ही हमने पार्टी का गठन किया है.

जब विधायक राजा भैया से गठबंधन का सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी अपने पार्टी संगठन को बढ़ाने का काम कर रहे हैं. अभी किसी भी दल या नेता से कोई गठबंधन की बात नहीं हुई है. उन्होंने बताया उत्तर प्रदेश के चुनाव उन्हीं सीटों का लड़ा जाएगा, जहां पार्टी मजबूत होगी. फिलहाल उन्होंने साफ तौर पर इशारा किया कि 100 से अधिक सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी.

UP: भाजपा विधायक बोले- 'सुल्तान' गुलामी की दिलाता है याद, सुल्तानपुर का नाम करें कुशभवनपुर

UP: भाजपा विधायक बोले- 'सुल्तान' गुलामी की दिलाता है याद, सुल्तानपुर का नाम करें कुशभवनपुर

Sultanpur News: बीजेपी विधायक (BJP MLA) का कहना है कि, अयोध्या से लगभग 60 किलोमीटर दूर सुल्तानपुर जिले को भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने बसाया था और इसे कुशभवनपुर नाम से जाना जाता था.

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सुल्तानपुर. यूपी के सुल्तानपुर (Sultanpur) का नाम बदलकर कुशभवनपुर (Kush Bhawanpur) करने की लंबे समय से यहां के निवासी मांग कर रहे थे. वहीं, लम्भुआ विधानसभा से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी (BJP MLA Devmani Dwivedi) ने नाम बदलने की मांग उठाई है. भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सुल्तानपुर का नाम बदलकर कुशभवनपुर करने का आग्रह किया है. लंभुआ निर्वाचन क्षेत्र के विधायक ने दावा किया कि सुल्तानपुर वास्तव में कुशभवनपुर या कुशनगरी के नाम से जाना जाता था और सुल्तानपुर नाम उन्हें ‘गुलामी’ की याद दिलाता है.

दरअसल, 2018 में नगर पालिका बोर्ड की बैठक में सुल्तानपुर का नाम बदलकर कुशभवनपुर करने का एजेंडा भी पास किया गया था. इसके बाद सुल्तानपुर के लम्भुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने विधानसभा में जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव पेश किया था. बता दें कि, कुशभवनपुर के संस्थापक महाराज कुश जी थे. यहां पर लोग इनकी जयंती भी मनाते हैं. सुल्तानपुर जिले का नाम बदलने का हर तरह से समर्थन भी लोगों ने किया है.

बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने सीएम योगी को लिखा पत्र

बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने सीएम योगी को लिखा पत्र

बीजेपी विधायक का कहना है कि, अयोध्या से लगभग 60 किलोमीटर दूर सुल्तानपुर जिले को भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने बसाया था और इसे कुशभवनपुर नाम से जाना जाता था. वहीं, माता सीता ने यहीं रुककर स्नान भी किया था, इसलिए इस घाट का नाम सीताकुण्ड घाट बोला जाता है. यहां पर लोग दूर-दूर से स्नान करने भी आते हैं. सुल्तानपुर के गजेटियर में भी इस बात का उल्लेख है कि इसका नाम कुशभवनपुर ही था. उस समय मुगलों ने कुशभवनपुर का नाम बदलकर सुल्तानपुर कर दिया था, ऐसे में इसका पुराना नाम होने से जहां लोगों के लिए गर्व की बात होगी.

UP News: सुल्तानपुर के नाम बदलकर कुश भवनपुर करने की तैयारी, योगी कैबिनेट करेगी फैसला

UP News: सुल्तानपुर के नाम बदलकर कुश भवनपुर करने की तैयारी, योगी कैबिनेट करेगी फैसला

UP News: सुल्तानपुर में लंभुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने जिले के नाम को लेकर विधानसभा में मुद्दा उठाया था. अब राजस्व परिषद ने इस बाबत प्रस्ताव दिया है. इससे पहले अलीगढ़, फिरोजाबाद, देवबंद, मिर्जापुर का नाम भी बदलने की मांग हो चुकी है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के जिलों का नाम बदलने को लेकर खबरें आने का सिलसिला लगातार जारी है. अलीगढ़, फिरोजाबाद और देवबंद के बाद अब सुल्तानपुर (Sultanpur) के नाम बदलकर कुश भवनपुर (Kush Bhawanpur) करने की तैयारी है. भगवान श्रीराम (Lord Ram) के पुत्र कुश के नाम पर जिले का नाम रखने का फैसला किया गया है. जानकारी के अनुसार, राजस्व परिषद ने इस प्रस्ताव की संस्तुति शासन को भेज दी है. नाम बदलने को लेकर योगी सरकार की कैबिनेट अंतिम फैसला करेगी.

बता दें कि लंभुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने जिले के नाम को लेकर विधानसभा में भी मुद्दा उठाया था. इसके बाद राजस्व परिषद ने यह प्रस्ताव दिया है. बता दें कि इससे पहले अलीगढ़, फिरोजाबाद, देवबंद, गाजीपुर, मिर्जापुर और बस्ती का नाम भी बदलने की मांग सामने आ चुकी है.

सुल्तानपुर जिले का नाम बदलने के प्रस्ताव में कहा गया है कि त्रेता युग में भगवान राम के पुत्र कुश की राजधानी कुश भवनपुर हुआ करती थी. कुश के आगे की पीढ़ियों ने द्वापर तक यहां राज किया और कौरव सेना की ओर से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए. बाद में कुश भवनपुर को सुल्तानपुर कहा जाने लगा. जनभावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों को देखते हुए जिले का नाम बदलने की सिफारिश की गई है.

इनके बदले जा चुके हैं नाम
बता दें कि साल 2017 में सत्ता में आने के बाद से ही योगी सरकार कई जिलों, रेलवे स्टेशनों का नाम बदल चुकी है. इनमें इलाहाबाद (प्रयागराज) और फैजाबाद (अयोध्या) जिला शामिल है. वहीं, मुगलसराय रेलवे जंक्शन अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर हो गया है. इसी तरह इलाहाबाद जंक्शन अब प्रयागराज जंक्शन, इलाहाबाद सिटी स्टेशन प्रयागराज रामबाग, इलाहाबाद छिवकी प्रयागराज छिवकी और प्रयागराज घाट का नाम प्रयागराज संगम किया जा चुका है.

इनपुट: अजीत सिंह

UP News: CM योगी ने शुरू किया पौधारोपण महाभियान, एक दिन में 25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

UP News: CM योगी ने शुरू किया पौधारोपण महाभियान, एक दिन में 25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

Sultanpur News: योगी सरकार के कार्यकाल में वन महोत्सव के दौरान अब तक अलग अलग प्रजातियों के 60,24,46,551 पौधे लगाए जा चुके हैं. पर्यावरण दिवस और ऐसे ही अन्य अवसरों पर लगने वाले पौधों की संख्या इसके अतरिक्त है.

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सुल्तानपुर. वन महोत्सव के दौरान चार जुलाई को योगी सरकार (Yogi Government) पौधरोपण का (Plantation) नया रिकॉर्ड बनाएगी. आज 25 करोड़ पौध लगाये जाएंगे। इस मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandiben Patel) झांसी में तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे पौधरोपण की शुरुआत की. इसके अलावा जिले के प्रभारी मंत्री और नोडल अधिकारी भी अपने अपने प्रभार वाले जिलों में पौधरोपण करने के साथ लगाए गए पौधों की निगरानी करेगें.

वन महोत्सव के दौरान उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल झांसी (सिमरधा डैम) पर स्मृति वाटिका की स्थापना किया. इसके तहत वह वहां पर बहुपयोगी पौधों पोषक तत्वों और ओषधीय गुणों से भरपूर पौधे लगाए. इनकी कुल संख्या करीब पांच हजार है. स्मृति वाटिका झांसी से करीब 8 किमी दूर झांसी-ग्वालियर मार्ग पर पहुज नदी के किनारे बने सिमरधा बंधे के पहुच मार्ग पर है. इसके एक ओर पहुज नदी का विशाल जल भराव वाला क्षेत्र है तो दूसरी हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले ध्यानचंद की विशाल प्रतिमा. इसके नाते यहां का दृश्य बेहद खूबसूरत है। स्मृति वाटिका इसे और मनोरम बनाएगी.

पौधे लगाओ,इनाम पाओ प्रतियोगिता की शुरुआत
मुख्यमंत्री की मंशा पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने की है. इसी बाबत इच्छुक लोगों को उनके कृषि जलवायु की अनुकूलता के अनुसार उनकी पसंद की प्रजातियों के पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं. हर जिले के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए गए हैं. अब तक लोग 17 करोड़ से अधिक पौधे ले जा चुके हैं. लोग अधिक से अधिक पौधे लगाएं इसके लिए सरकार ने पौधे लगाओ,इनाम पाओ के नाम से एक प्रतियोगिता भी शुरू की है. इसके तहत पौध लगाने की फोटो वनविभाग के वेबसाइट पर लोड करनी होगी. पौधरोपण वाली खास प्रविष्टियों को सरकार पुरस्कृत भी करेगी.

योगी सरकार के कार्यकाल में अब तक लगे सौ करोड़ पौधे
योगी सरकार के कार्यकाल में वन महोत्सव के दौरान अब तक अलग अलग प्रजातियों के 60,24,46,551 पौधे लगाए जा चुके हैं. पर्यावरण दिवस और ऐसे ही अन्य अवसरों पर लगने वाले पौधों की संख्या इसके अतरिक्त है. इस तरह इस साल मिशन 30 करोड़ के इन पौधों की संख्या को जोड़ दें तो यह संख्या सौ करोड़ के करीब होगी.

पौधरोपण अभियान को सौ फीसद सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी
पौधरोपण अभियान को सौ फीसद सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी हो चुकी है. वन विभाग इसकी नोडल एजेंसी है। 26 अन्य विभाग इसमें सहयोग कर रहे हैं. इन विभगों को कुल 19.20 करोड़ पौध रोपड़ का लक्ष्य दिया गया है. बाकी 10.80 करोड़ पौधे वन विभाग लगाएगा. कृषि जलवायु क्षेत्र के अनुसार हर जिले में लोगों की मांग के अनुसार समय से पौधे उपलब्ध हों, इसके लिए वन विभाग की 1813 पौधशालाओं में 42.17 करोड़ पौध तैयार किए जा चुके हैं. इसके अलावा रेशम और उद्यान विभाग भी अपनी नर्सरियों में पौध तैयार किए हैं. सरकारी विभागों, विभिन्न अदालतों के परिसर, किसानों, संस्थाओं, व्यक्तियों, निजी और सरकारी स्कूलों, केंद्र सरकार के उपक्रमों, स्थानीय निकायों, रेलवे, रक्षा, औद्योगिक इकाइयों, सहकारी समितियों को पहले की तरह वन विभाग निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराएगा. पारदर्शिता के लिए जो विभाग पौधे लगाएगा वह उस जगह की जिओ टैंगिग भी कराएगा.

योगी सरकार में हुआ रिकॉर्ड पौधरोपण
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से हर साल रिकॉर्ड पौधरोपण हुआ है. रिकॉर्ड पौधरोपण के कारण पिछले चार साल में उत्तर प्रदेश में वनावरण और वृक्षावरण दोनों में वृद्धि हुई है. फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की स्टेट फारेस्ट रिपोर्ट 2019 के अनुसार उत्तर प्रदेश में 2017 की तुलना में वनावरण में 127 किलोमीटर की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश का वृक्षावरण राष्ट्रीय औसत 2.89 फीसद की तुलना में 3.05 फीसद है.

वाटिका में लगने वाले सामान्य प्रजाति के पौधे
आंवला, हरड़, ढाक, कदम्ब, बरगद, गूलर, जामुन, इमली, बेल, नीम, अर्जुन,कैथा, मौलश्री, सहजन और बहेड़ा,अश्वगंधा, सतावर, सर्पगंधा, पीपली, दुद्धि, गिलोय, तुलसी,ग्वारपाठा, सफेद मूसली और बालमखीरा आदि के पौधे शामिल हैं.

पिता की जिद के आगे झुका प्रशासन, 24 दिन से डीप फ्रीजर में रखे बेटे के शव का दोबारा होगा पोस्टमॉर्टम

पिता की जिद के आगे झुका प्रशासन, 24 दिन से डीप फ्रीजर में रखे बेटे के शव का दोबारा होगा पोस्टमॉर्टम

Sultanpur News: उत्‍तर प्रदेश के सुल्तानपुर में आखिरी 24 दिन से न्याय की आस में बेटे के शव को डीप फ्रीजर में रखने वाले रिटायर्ड फौजी पिता को जिला प्रशासन ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम (Post Mortem) कराने की अनुमति दे दी है. इसके साथ आज वह पोस्टमार्टम के बाद अपने बेटे का दाह संस्‍कार भी कर देंगे. हालांकि यूपी पुलिस ने शव का दाह संस्‍कार नहीं करने पर नोटिस भी थमाया था.

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सुल्तानपुर. यूपी के सुल्तानपुर (Sultanpur) के कूरेभार क्षेत्र में न्याय की आस में 24 दिनों तक बेटे के शव को डीप फ्रीजर में रखने वाले फौजी पिता को जिला प्रशासन ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम (Post Mortem) कराने की अनुमति दे दी है. आज यानी मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम होगा और फिर उसका दाह संस्कार कराया जाएगा. बता दें कि जिले के सरैया मझौवा गांव में सेवानिवृत्त सूबेदार शिव प्रसाद पाठक (Shiv Prasad Pathak) ने गत 1 अगस्त को दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में मरे बेटे शिवांक के शव को न्याय पाने के लिए डीप फ्रीजर में रखा हुआ है.

इस मामले को लेकर बल्दीराय के पुलिस क्षेत्राधिकारी राजाराम ने सोमवार को बताया कि पुनः पोस्टमार्टम कराए जाने का आदेश हो गया है. जबकि मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार कराया जाएगा.

इससे पहले मुख्य राजस्व अधिकारी शमशाद हुसैन ने बताया था कि मौत के बाद दोबारा पोस्टमार्टम कराने और मृतक की पत्नी गुरलीन कौर और ससुर सुरेंद्रजीत सिंह समेत चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट किरण गोंड ने खारिज कर दी थी. मगर मृतक का परिवार बिना घटना के खुलासे के शिवांक के अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं है. हुसैन ने बताया कि स्थानीय प्रशासन की तरफ से परिजन को संयुक्त रूप से नोटिस देने के साथ ही शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी गयी थी.

जानें क्‍या है मामला
इसके अलावा मुख्य राजस्व अधिकारी शमशाद हुसैन ने बताया कि सेवानिवृत्त सूबेदार शिवप्रसाद पाठक के बेटे शिवांक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत 1 अगस्त 2021 को दिल्ली में हो गई थी. शिवांक दिल्ली में वर्ष 2012 में एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था. इस बीच शिवांक ने दिल्ली में 24 अप्रैल 2012 को एक व्यक्ति के साथ मिलकर एक कंपनी खोली थी. कंपनी के पार्टनर ने दिल्ली की ही रहने वाली एक युवती गुरलीन कौर को एचआर के पद पर नियुक्त किया था. शिवांक ने इसी युवती के साथ 2013 में शादी की थी.

पाठक का आरोप है कि शिवांक के नाम काफी संपत्ति है, जिस पर युवती की नजर थी. इसी बीच गत एक अगस्त को दिल्ली में उसके बेटे शिवांक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई. उनका आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया. शव को पोस्टमार्टम होने के बाद सीधे उन्हें सौंप दिया गया. इसके बाद वह अपने बेटे शिवांक के शव को लेकर 3 अगस्त को सुल्तानपुर जिले में स्थित अपने पैतृक गांव आ गए.

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शिव प्रसाद पाठक का कहना है कि बेटे की मौत से पर्दा उठाने के लिए उन्होंने कूरेभार थाने की पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन उनकी एक न सुनी गई. बाद में शिव प्रसाद ने मुकदमा दर्ज कराने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी. न्यायालय ने सुनवाई का क्षेत्राधिकार न होने के आधार पर 18 अगस्त को अर्जी खारिज कर दी.

सांसद मेनका गांधी ने दिया था भरोसा
इस मामले की जानकारी मिलने पर सुल्तानपुर से सांसद मेनका गांधी ने मृतक शिवांक के पिता को आश्वस्त किया था कि वह दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात कर न्याय दिलाएंगी.

इंसाफ की आस में 21 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है बेटे का शव, प्रशासन का नोटिस- तुरंत करो अंतिम संस्कार

इंसाफ की आस में 21 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है बेटे का शव, प्रशासन का नोटिस- तुरंत करो अंतिम संस्कार

Sultanpur News: रिटायर्ड सूबेदार शिवप्रसाद पाठक ने अपने बेटे शिवांक का शव डीप फ्रीजर में रखा है. स्थानीय प्रशासन की तरफ से परिजन को संयुक्त रूप से नोटिस देने के साथ ही शव का अंतिम संस्कार (Funeral) नहीं करने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई है.

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सुल्तानपुर. यूपी के सुल्तानपुर (Sultanpur) जिले के कूरेभार क्षेत्र में न्याय की आस में एक पूर्व फौजी पिता ने अपने बेटे के शव को पिछले 21 दिनों से डीप फ्रीजर (Deep Freezer) में रखा है. वहीं, जिला प्रशासन ने शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर नोटिस जारी किया है. मजिस्ट्रेट के तौर पर रविवार को मृतक के घर पहुंचे मुख्य राजस्व अधिकारी शमशाद हुसैन ने बताया कि सरैया मझौवा गांव में सेवानिवृत्त सूबेदार शिवप्रसाद पाठक ने गत एक अगस्त को दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में मरे अपने बेटे शिवांक का शव (Dead Body) न्याय पाने की आस में डीप फ्रीजर में रखा है.

उन्होंने बताया कि मौत के बाद दोबारा पोस्टमार्टम कराने और मृतक की पत्नी गुरलीन कौर और ससुर सुरेंद्रजीत सिंह समेत चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट किरण गोंड ने खारिज कर दी है. मगर मृतक का परिवार बिना घटना के खुलासे के शिवांक के अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं है.

परिजनों को नोटिस, मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी
हुसैन ने बताया कि स्थानीय प्रशासन की तरफ से परिजन को संयुक्त रूप से नोटिस देने के साथ ही शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी गयी है. अंतिम संस्कार नहीं होना शव का अपमान है. परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया है.

कौन है मृतक
उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त सूबेदार शिवप्रसाद पाठक के बेटे शिवांक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत एक अगस्त 2021 को दिल्ली में हो गई थी. शिवांक दिल्ली में वर्ष 2012 में एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था. इस बीच शिवांक ने दिल्ली में 24 अप्रैल 2012 को एक व्यक्ति के साथ मिलकर एक कंपनी खोली थी. कंपनी के पार्टनर ने दिल्ली की ही रहने वाली एक युवती गुरलीन कौर को एचआर के पद पर नियुक्त किया था. शिवांक ने इसी युवती के साथ 2013 में शादी कर ली थी.

पिता का आरोप-संपत्ति की लालच में की गई बेटे की हत्या
पाठक का आरोप है कि शिवांक के नाम काफी संपत्ति है, जिस पर युवती की नजर थी. इसी बीच, बीती एक अगस्त को दिल्ली में उसके बेटे शिवांक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई. उनका आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया. शव को पोस्टमार्टम होने के बाद सीधे उन्हें सौंप दिया गया. इसके बाद वह अपने बेटे शिवांक के शव को लेकर तीन अगस्त को सुल्तानपुर जिले स्थित अपने पैतृक गांव आ गए. पाठक का कहना है कि बेटे की मौत से पर्दा उठाने के लिए उन्होंने कूरेभार थाने की पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन उनकी एक न सुनी गई.बाद में शिव प्रसाद ने मुकदमा दर्ज कराने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी. न्यायालय ने सुनवाई का क्षेत्राधिकार न होने के आधार पर 18 अगस्त को अर्जी खारिज कर दी.

मेनका गांधी ने दिया न्याय दिलाने का भरोसा
इस मामले की जानकारी मिलने पर सुल्तानपुर से सांसद मेनका गांधी (Maneka Gandhi) ने मृतक शिवांक के पिता को आश्वस्त किया है कि वह दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात कर न्याय दिलाएंगी.

Sultanpur News: पिता ने 15 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है बेटे का शव, जानिए वजह

Sultanpur News: पिता ने 15 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है बेटे का शव, जानिए वजह

सुल्तानपुर में एक पिता पिछले 17 दिनों से अपने मृतक बेटे का शव डीप फ्रीजर में रख कर न्याय की उम्मीद में है. उसकी मांग हत्या की अशंका जताते हुए बेटे के शव के दोबारा पोस्टमार्टम कराने की है. इसको लेकर उसने दिल्ली हाईकोर्ट के साथ सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय में अर्जी लगाई है.

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सुल्तानपुर. सुल्तानपुर (Sultanpur) में एक पिता पिछले 17 दिनों से अपने मृतक बेटे का शव डीप फ्रीजर (deep freezer) में रख कर न्याय की उम्मीद में है. उसकी मांग हत्या की अशंका जताते हुए बेटे के शव के दोबारा पोस्टमार्टम कराने की है. प्रशासन ने जब उसकी गुहार नहीं सुनी तो उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. फिलहाल अब न्यायालय दोबारा पोस्टमार्टम का आदेश देगा या नहीं इस पर परिवार की निगाहें टिकी हुई हैं.

दरअसल, ये मामला कूरेभार थानाक्षेत्र के पूरे सूबेदार पाठक गांव का है. इसी गांव के रहने वाले शिव प्रसाद पाठक का बेटा शिवांश दिल्ली में एक सहयोगी वरुण वर्मा के साथ एक्सीगो इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चलाता था. इसी कम्पनी में बतौर एचआर के पद पर काम कर रही गुरमीत कौर से उसकी दोस्ती हुई और प्यार में बदल गई. दोनों ने एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसमें खाते हुये 2013 में विवाह कर लिया.

गुरमीत और शिवांश से एक वर्ष की बेटी भी है. इसी बीच बीते एक अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में शिवांश की मौत हो गई. परिजन आशंका जताते हुए आरोप लगा रहे हैं कि शिवांश की पत्नी और सहयोगी वरुण ने संपत्ति की लालच में इसकी हत्या करवा दी है. दिल्ली में पहुंचे शिवांश के भाई ने इनके खिलाफ बेगमपुर थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया. परिजन पोस्टमार्टम में भी दिल्ली पुलिस की भूमिका संदिग्ध बता रहे हैं.

वहां से न्याय न मिलता देख परिजन शिवांश का शव लेकर सुल्तानपुर के पैतृक गांव पहुंच गए और उसे डीप फ्रीजर में रख दिया. दोबारा पोस्टमार्टम के लिये जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों में पल्ला झाड़ लिया. लिहाजा पिता ने दिल्ली हाइकोर्ट के साथ सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय में दोबारा पोस्टमार्टम के लिये अर्जी लगाई है.

फिलहाल अभी तक इस मामले में न्यायालय का कोई आदेश नहीं आ सका है. लिहाजा परिजन पिछले 17 दिनों से शव को डीप फ्रीजर में रखकर न्यायालय के आदेश का इंतजार कर रहे हैं.

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