सुल्तानपुर के श्रम विभाग में 40 लाख रुपए का घोटाला

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गुरुवार को जिलाधिकारी ने पत्र लिखकर प्रमुख सचिव श्रम से आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का आग्रह किया है


Updated: June 14, 2018, 7:06 PM IST

Updated: June 14, 2018, 7:06 PM IST
सुल्तानपुर के श्रम विभाग में 40 लाख रुपयों के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दलालों की मिलीभगत से गरीबों के कफन तक का पैसा डकार लिया. घोटाले की आशंका पर जिलाधिकारी ने जब पूरे मामले की जांच कराई तो हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ.

श्रम विभाग के ही सहायक श्रमायुक्त ने अपने तीन कर्मचारियों और नौ दलालों के साथ मिलकर 40 लाख 25 हजार रुपए को डकार लिया. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गुरुवार को जिलाधिकारी ने पत्र लिखकर आरोपियों के खिलाफ प्रमुख सचिव श्रम को विभागीय कार्रवाई करने का आग्रह किया है. जिलाधिकारी ने सभी आरोपियों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं.

कुछ दिन पहले कुछ महिलाओं ने जिलाधिकारी से श्रम विभाग के उत्तरप्रदेश भवन और अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं के तहत गरीबों को दी जाने वाली रकम के न मिलने की शिकायत की थी.

योजना के तहत विभाग में रजिस्टर्ड कामगारों की मौत पर निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना और अन्त्येष्टि सहायता योजना के तहत दो लाख 25 हजार रुपया दिया जाता है, लेकिन भ्रष्ट सहायक श्रमायुक्त रामउजागिर यादव ने 19 कामगारों को मिलने वाली धनराशि दूसरे खातों में भिजवाकर उसे हड़प लिया. यादव ने कामगारों को रुपया न आने की बात कहकर आफिस से चलता कर दिया.

शिकायत हुई तो जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त और एसडीएम की दो सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की. जांच में पूरा मामला खुलकर सामने आ गया. जिलाधिकारी ने माना यह अब तक का बड़ा घोटाला है. सूबे के सभी जिलों के श्रम विभागों में जांच कराई जाए तो हर जिले में यह घोटाला सामने आ सकता है. फिलहाल जिलाधिकारी ने कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव श्रम को पत्र लिखा है.
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