सुल्तानपुर: आठवीं पास 'डॉक्टर' ने गर्भवती की कर दी सर्जरी, जच्चा-बच्चा दोनों की मौत, जांच में अस्पताल ही फर्जी

सुल्तानपुर के खुलेआम चल रहा फर्जी अस्पताल. यहां संचालक 12वीं पास, डॉक्टर आठवीं पास मिले हैं.

सुल्तानपुर के खुलेआम चल रहा फर्जी अस्पताल. यहां संचालक 12वीं पास, डॉक्टर आठवीं पास मिले हैं.

Sultanpur News: उत्तर प्रदेश में झोलाछाप डॉक्टरों का गिरोह इस कदर जिलों में पैर पसार चुका है कि पूरा का पूरा अस्पताल फर्जी पाया जा रहा है. सुल्तानपुर में ऐसे ही एक मामले में आठवीं पास कथित डॉक्टर ने महिला की डिलीवरी कर डाली, ऑपरेशन के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 11:45 AM IST
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सुल्तानपुर. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है. यहां 17 मार्च बुधवार को डिलिवरी के दौरान केस बिगड़ने पर जच्चा-बच्चा को बिना रेफर किये ही लखनऊ भेज दिया गया. जहां रास्ते मे ही दोनों की मौत हो गई. परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया. मामले में पुलिस ने जब उस अस्पताल की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.

दरअसल बल्दीराय थानाक्षेत्र के पूरे मल्लान का पुरवा गांव की पूनम गर्भवती थी. मंगलवार की रात परिजन उसे इलाज के लिए अरवल स्थित मां शारदा हॉस्पिटल एवं जच्चा-बच्चा केंद्र ले गए. यहां डॉक्टर द्वारा पूनम का ऑपरेशन किया गया. इस दौरान रक्तस्राव के चलते दोनों की तबियत बिगड़ गई. जिस पर बिना रेफर कागज बनाये ही उन दोनों को इलाज के लिये लखनऊ भेज दिया गया. रास्ते मे ही दोनों की मौत हो गई.

पुलिस ने शुरू की जांच तो चौंकाने वाले खुलासे

इसके बाद परिजन जच्चा-बच्चा का शव लेकर बल्दीराय थाने पहुंचे और संचालक, डॉक्टर और सहयोगियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी. पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जब पड़ताल की तो तथ्य चौंकाने वाले मिले.
ये हैं गिरफ्तार संचालक और डॉक्टर

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पुलिस ने मां शारदा अस्पताल के संचालक, डॉक्टर और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है.


अस्पताल का संचालक 12वीं पास और डॉक्टर निकला 8वीं पास



पुलिस के अनुसार मां शारदा हॉस्पिटल का संचालक राजेश साहनी 12वीं पास है. इतना ही नही अस्पताल में तैनात कथित डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला 8वीं पास और उसका सहयोगी 5वीं पास निकले. संचालक राजेश साहनी खीरी जिले का रहने वाला है और डॉक्टर राजेन्द्र और उसका सहयोगी पड़ोसी जनपद अयोध्या के रहने वाले हैं. पता चला कि ये लोग काफी समय से लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे थे.

एसपी ने डीएम और सीएमओ को लिखा पत्र

फिलहाल पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है और जेल भेज रही है. पुलिस अधीक्षक डॉ अरविंद चतुर्वेदी ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को ऐसे अस्पतालों को चिन्हित कर कार्यवाही के लिये पत्र लिखा है.
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