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देखें VIDEO... प्रयागराज पहुंचा टिड्डियों का झुंड, बर्तन बजा कर भगा रहे लोग

टिड्डी प्रजनन का मौसम जून-जुलाई से अक्टूबर-नवंबर तक होता है. लेकिन इस बार यह मई में ही आ गया है. टिड्डियों का दल आमतौर पर हवा की दिशा में उड़ता है. पाकिस्तान से होकर भारत के रेतीले क्षेत्रों में प्रवेश कर जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 11, 2020, 10:54 AM IST
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प्रयागराज. कोरोना (COVID-19) की वैश्विक महामारी से जूझ रही जनता के लिए टिड्डियों (Locusts) ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है. राजस्थान और मध्य प्रदेश में कोहराम मचाने के बाद टिड्डियों का एक दल यूपी के प्रयागराज जिले (Prayagraj) की सीमा में प्रवेश कर गया है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार को टिड्डियों का दल कोरांव तहसील में पहुंचा, जिसके बाद किसानों में हड़कम्प मच गया. वहीं अब स्थानीय लोग टिड्डियों को भगाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं. जिसका एक वीडियो भी सामने आया है.

टिड्डियों के हमले की सूचना पर जहां एक तरफ कृषि और राजस्व के अधिकारी तत्काल ग्रामीणों की मदद से टिड्डियों को नष्ट करने में जुटे गए. वहीं दूसरी तरफ प्रयागराज के निवासियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है. यहां पर लोग अपने घरों की छत और बालकनी पर खड़े होकर तेज आवाज़ में बर्तन बजा रहे हैं वहीं लाउड म्यूजिक को भी टिड्डी भगाने के लिए जरिया बनाया जा रहा है.





टिड्डियों के इस दल ने इलाके में हरी फसलों और पेड़-पौधों की हरियाली को चट कर उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया है. जिला कृषि रक्षा अधिकारी इंद्रजीत यादव के मुताबिक टिड्डियों को नष्ट करने के लिए फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियों की मदद से क्लोरपाइरीफास के रसायन का छिड़काव कराया गया है. जिससे बड़ी संख्या में टिड्डियों की मौत भी हुई है. किसानों को टिड्डियों को भगाने के लिए तेज आवाज करने की भी सलाह दी गई है.
किसानों के सबसे बड़े दुश्मन

किसानों के लिए ये टिड्डी दल इसलिए खतरनाक है क्यों कि इस टिड्डी दल में लाखों कीड़े होते हैं बहुत तेजी से हरियाली चट करते हैं. कुछ मिनटों में ये दल पूरे के पूरे खेत चट कर जाते हैं. ये 50 से 100 गुना तेजी से अपनी संख्या में बढ़ोतरी करते हैं. अगर इन टिड्डियों को हरियाली मिलती जाती है तो ये और तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते हैं. किसानों को सलाह दी जाती है कि अगर टिड्डियों का दल आता दिखे तो जोर जोर से आवाज करके थाली पीटकर, ढोल ताशे बजाकर इस टिड्डी दल को भटकाया जा सकता है. इसके अलावा कीटनाशकों का भी छिड़काव किया जा सकता है.

थोड़ा जल्दी आ गया है टिड्डी दल
टिड्डी प्रजनन का मौसम जून-जुलाई से अक्टूबर-नवंबर तक होता है. लेकिन इस बार यह मई में ही आ गया है. टिड्डियों का दल आमतौर पर हवा की दिशा में उड़ता है. पाकिस्तान से होकर भारत के रेतीले क्षेत्रों में प्रवेश कर जाता है. छोटे से छोटे टिड्डी दल में भी लाखों की संख्या में टिड्डी होती हैं. जो एक ही दिन में फसलों को साफ कर देती हैं. वयस्क टिड्डी झुंड एक दिन में 150 किमी तक हवा के साथ उड़ सकता है. बहुत छोटा झुंड भी एक दिन में लगभग 35,000 लोगों जितना खाना खाता है.

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