इसलिए 7 महीने में ताजमहल देखने वाले पर्यटकों की संख्‍या में आई 3.86 लाख की कमी

ताजमहल (Taj Mahal) देखने के लिए आने वाले पर्यटकों (Tourist) में कमी दर्ज की गई है. साल 2019 में जनवरी से लेकर जुलाई तक के आंकड़ों पर निगाह डालें तो 2018 के मुकाबले 3.86 लाख देशी पर्यटक कम आए.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: September 9, 2019, 9:03 AM IST
इसलिए 7 महीने में ताजमहल देखने वाले पर्यटकों की संख्‍या में आई 3.86 लाख की कमी
2018 के मुकाबले बीते सात महीने में करीब 4 लाख देशी पर्यटकों की संख्या कम हो गई है. (फाइल फोटो)
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: September 9, 2019, 9:03 AM IST
आगरा. ताजमहल (Taj mahal) के चाहने वालों के लिए एक बुरी खबर है. इस साल लगातार हर महीने ताजमहल आने वाले पर्यटकों (Tourist) की संख्या घट रही है. इसके लिए हर रोज ताजमहल पर थोपे जा रहे नियमों को माना जा रहा है. इसमें एक बड़ा कारण ताजमहल देखने के लिए मिले तीन घंटे एंट्री करने और दूसरी लाइनों में बीत रहे हैं. अगर साल 2019 में जनवरी से लेकर जुलाई तक के आंकड़ों पर निगाह डालें तो 2018 के मुकाबले 3.86 लाख देशी पर्यटक कम आगरा (Agra) आए.

तीन घंटे की बंदिश बड़ी वजह

टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शम्सउद्दीन का कहना है, 'सबसे पहले तो शिल्पग्राम पार्किंग में पर्यटक को सबसे ज्यादा परेशानी ताजमहल तक आने में उठानी पड़ती है, क्योंकि पर्यटकों को वाहन ताजमहल तक लाने की अनुमति नहीं है. प्रशासन की तरफ से वाहन का कोई उचित इंतजाम नहीं है. उसके बाद टिकट लेने के लिए लाइन लगाओ. अगर कोई एक व्यक्ति लाइन में लगा है तो दूसरे के लिए वहां बैठने के लिए कोई इतंजाम नहीं है. फिर गेट में दाखिल होने के लिए भी लाइन में लगना पड़ता है. अंदर दाखिल हो गए तो फिर सीआईएसएफ तलाशी लेते हैं. ऐसे में पर्यटकों का तकरीबन आधा घंटा इसी में चला जाता है. अंदर आ गए तो फिर मुख्य इमारत को देखने के लिए ऊपर जाना पड़ता है. वहां जाने के लिए फिर सीढ़ियों के पास लाइन लगाओ. ऊपर जाने के बाद अगर कोई पर्यटक दो मिनट कहीं खड़े होकर तसल्ली से देखना चाहे तो सुरक्षाकर्मी टोकना शुरू कर देते हैं.'

ताज परिसर में कई तरह की मनाही

ताजमहल मस्जिद इन्तज़मिया कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद इब्राहीम हुसैन जैदी इस बारे में बताते हैं, 'ताजमहल में दाखिल होते ही सबसे पहले तो गार्डन में जाने की मनाही कर दी गई है. मुख्य इमारत के किनारे-किनारे कुछ प्लेटफॉर्म जैसी जगह बनी हुई हैं. पहले लोग यहां बैठकर सुस्ता लेते थे. क्योंकि मुख्य गेट से मुख्य इमारत तक आने में पर्यटकों को काफी पैदल चलना पड़ता है. लेकिन यहां बैठना भी बंद हो गया है. सुरक्षा के नाम पर साउथ गेट से एंट्री बंद कर दी गई. एग्जिट अभी भी चालू है. जिसके चलते दो गेट पर भीड़ का लोड बढ़ गया है.'

ताजमहल प्रशासन बोला- नहीं लगती भीड़

ताजमहल पर कम होते पर्यटकों के बारे में अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार का कहना है, 'अगर हम आज की बात करें तो ताजमहल पर कहीं भी कोई लाइन नहीं लगती है. एंट्री गेट हो या मुख्य इमारत की ओर जाने के लिए सीढ़ियों का रास्ता, कहीं भी कोई भीड़ नहीं होती है. आराम से सभी पर्यटक यहां-वहां घूमते हैं. रहा सवाल बेरिकेटिंग का तो ताजमहल की सफेद दीवारें पर्यटकों के हाथ लगाने से गंदी न हों इसलिए की गई है.'
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हर रोज नियम बनने से हो रहा नुकसान

आगरा टूरिज्‍म डवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा का इस बारे में कहना है, 'काम छोटा हो या बड़ा हर रोज नए नियम बन रहे हैं. ताजमहल को लेकर हर रोज कोई न कोई एक निर्णय ले लिया जाता है, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर उसे अपडेट नहीं किया जाता है. जबकि पर्यटक देशी हो या विदेशी वो अपना समय और पैसे का प्लान बनाकर चलता है. लेकिन जब वो आगरा पहुंचता है तो यहां उसे आपकी हर रोज बदलने वाली पॉलिसी का सामना करना पड़ता है.”

ताजमहल पर ऐसे घट गए 3.86 लाख देशी पर्यटक

महीना             2018              2019

जनवरी      391364           465176

फरवरी       394547           384153

मार्च         509355           492380

अप्रैल       419949           327683

मई         550132           387013

जून         560953           445878

जुलाई       424528           362024

कुल-        3250828          2864307

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First published: September 9, 2019, 7:30 AM IST
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