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AMU के JNMC में एक घंटे के लिए रोका गया 9 साल के बच्चे का दिल, फिर चला ऑपरेशन

एएमयू के मेडिकल कॉलेज में एक घंटे के लिए बच्चे के दिल को रोकर सर्जरी की गई.

एएमयू के मेडिकल कॉलेज में एक घंटे के लिए बच्चे के दिल को रोकर सर्जरी की गई.

डॉक्टरों ने नवनीत के दिल को एक घंटे के लिए रोककर उसके वाल्व का ऑपरेशन (Operation) किया. अब नवनीत पूरी तरह से ठीक है. अच्छी तरह से सांस भी ले पा रहा है.

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    अलीगढ़. अलीगढ़ (Aligarh) के एक गांव में रहने वाले 9 साल के नवनीत के दिल (Heart) का वाल्व लीक कर रहा था. इसके चलते नवनीत को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी. इलाज के लिए नवनीत को लेकर उसके माता-पिता एक अस्पताल (Hospital) से दूसरे में भटक रहे थे. इस बीच नवनीत की हालत भी बिगड़ती जा रही थी. इसी दौरान किसी की सलाह पर नवनीत के पिता उसे लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) पहुंच गए. जहां डॉक्टरों ने नवनीत के दिल को एक घंटे के लिए रोककर उसके वाल्व का ऑपरेशन (Operation) किया. अब नवनीत पूरी तरह से ठीक है. अच्छी तरह से सांस भी ले पा रहा है.

    दिल को ऐसे रोका गया एक घंटे के लिए

    राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत एएमयू के जेएनएमसी में हॉर्ट सर्जरी की एक टीम काम कर रही है. प्रो. मुहम्मद आजम हसीन (अध्यक्ष, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग) की यह टीम अप्रैल में लगे लॉकडाउन के बाद से अब तक 50 से ज्यादा हॉर्ट सर्जरी कर चुकी है. प्रो. आजम ने बताया कि सर्जरी के दौरान नवनीत के दिल और फेफड़ों को 60 मिनट के लिए रोक दिया गया था. क्लीनिकल परफ्यूजनिस्ट डॉ. साबिर अली खान ने हॉर्ट और फेफड़े के फंक्शन पर काम किया. हमारे लिए इस बच्चे की सर्जरी करना इसलिए भी जरूरी था, क्योंकि नौ साल के बच्चे के वाल्व को बदलना मुमकिन नहीं था.

    इस मौके पर टीम में डॉ. मयंक यादव और डा. सैयद शमायल रब्बानी भी मौजूद रहे. वहीं नवनीत को एनेस्थीसिया देने वाली टीम में एनेस्थिसियोलॉजी और क्रिटिकल केयर विभाग कि डा. दीप्ति चाना, डा. नदीम रजा और डा. मनजिर अतहर थे.

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    ऑपरेशन करने वाली टीम का कहना है कि वाल्व की सर्जरी करना जोखिम के साथ एक कठिन ऑपरेशन था. इस तरह का ऑपरेशन बहुत कम सरकारी अस्पतालों में किया जाता है. एएमयू में भी इस सर्जरी के शुरु होने से पहले यहां के लोग एम्स नई दिल्ली और एसजीपीजीआई लखनऊ का ही रुख करते थे.
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    ऑपरेशन करने वाली टीम को मुबारकबाद देते हुए एएमयू के वाइस चांसलर प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि महामारी के दौरान भी जेएनएमसी सर्जन और डॉक्टर देश के विभिन्न हिस्सों में हर मरीज की मदद करने के अपने वादे पर कायम हैं.

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