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उन्नाव गैंगरेप: आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर के छोटे भाई की मौत

विधायक कुलदीप सेंगर के छोटे भाई मनोज की मौत हो गई है. (फाइल फोटो)
विधायक कुलदीप सेंगर के छोटे भाई मनोज की मौत हो गई है. (फाइल फोटो)

कुलदीप सिंह सेंगर (MLA Kuldeep Singh Sengar) पर पीड़िता ने वर्ष 2017 में रेप करने का आरोप लगाया था. उस समय वो नाबालिग थी. कुलदीप के भाई मनोज सेंगर का दिल्‍ली में निधन हुआ है.

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उन्नाव. उन्नाव गैंगरेप मामले (Unnao Gangrape Case) में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (MLA Kuldeep Singh Sengar) के छोटे भाई मनोज सेंगर का रविवार सुबह निधन हो गया. मनोज की मौत दिल्ली में हुई. माना जा रहा है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है. मनोज सेंगर रायबरेली जिले में हुए पीड़िता के एक्सीडेंट की घटना में नामजद थे. पीड़िता के चाचा ने इस एक्सीडेंट को साजिश बताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी. बता दें कि 10 नामजद लोगों में मनोज का भी नाम था.

मालूम हो कि रायबरेली हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता का वकील गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस हादसे के बाद उन्हें लखनऊ में भर्ती कराया गया था, हालांकि बाद में उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया. इन दिनों कुलदीप सेंगर दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.

मनोज सेंगर (फाइल फोटो)
मनोज सेंगर का दिल्‍ली में निधन हो गया. (फाइल फोटो)




क्या है पूरा मामला
बता दें कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पीड़िता ने वर्ष 2017 में रेप करने का आरोप लगाया था. उस समय वो नाबालिग थी. वहीं, इसी वर्ष 28 जुलाई को आरोप लगाने वाली पीड़‍िता की कार को रायबरेली से उन्नाव लौटते वक्त सामने से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी थी. इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जबकि दुर्घटना में पीड़िता की दो महिला रिश्तेदारों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इसमें पीड़‍िता का वकील भी बुरी तरह घायल हो गया था.

कौन हैं कुलदीप सिंह सेंगर?

मूल रूप से फतेहपुर के रहने वाले कुलदीप सिंह सेंगर की माखी गांव में तूती बोलती है. उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के सराय थोक पर उनका ननिहाल है. वो यहीं आकर बस गए. कुलदीप सेंगर ने यूथ कांग्रेस से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी. वह उन्नाव के अलग-अलग विधानसभा सीटों से लगातार 4 बार जीतकर विधायक निर्वाचित हुए हैं.

सेंगर वर्ष 2002 में भगवंतनगर से बीएसपी के टिकट पर सबसे पहली बार विधायक बने. इसके बाद साल 2007 और 2012 में वो सपा के टिकट पर चुने गए. वर्ष 2017 में वो उन्नाव जिले के बांगरमऊ से बीजेपी के टिकट पर चुनकर विधानसभा पहुंचे. हालांकि, अब उन्‍हें भाजपा निष्‍कासित कर चुकी है.
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