BJP सांसद साक्षी महाराज बोले- बाबरी ढांचा एक कलंक था हिंदुस्तान के माथे पर

बाबरी विध्वंस ढांचा हिंदुस्तान के माथे पर एक कलंक
बाबरी विध्वंस ढांचा हिंदुस्तान के माथे पर एक कलंक

साक्षी महाराज ने कहा कि 6 दिसंबर को मैं अयोध्या (Ayodhya) में मौजूद था. मेरी वकीलों से बात हुई है, मेरे ऊपर कोई दोष नहीं बन रहा है.

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  • Last Updated: September 29, 2020, 8:42 PM IST
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उन्नाव. अयोध्या (Ayodhya) के लिए 30 सितंबर 2020 का दिन भी ऐतिहासिक होगा. बुधवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट बाबरी विध्वंस (Babri Demolition Case) मामले पर अपना फैसला सुनाएगी. बाबरी विध्वंस के आरोपी उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज (BJP MP Sakshi Maharaj) ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया हैं. बीजेपी सांसद ने कहा कि विवादित बाबरी ढांचा हिंदुस्तान के माथे पर एक कलंक जैसा था. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के कोटि कोटि हिंदुओं का सम्मान हुआ है. फैसले से एक दिन पहले बीजेपी सांसद ने कहा कि 28 साल बाद कल इस मामले में जजमेंट आने वाला है. भगवान राम के लिए जो भी निर्णय आएगा व मान्य होगा.

साक्षी महाराज ने कहा कि 6 दिसंबर को मैं अयोध्या में मौजूद था. मेरी वकीलों से बात हुई है, मेरे ऊपर कोई दोष नहीं बन रहा है. अगर मेरे को कोर्ट दोषी करार देता है कि तो मैं भगवान राम के लिए जिंदगी भर जेल में रहने के लिए तैयार हूं. माला पहनकर हंसते- हंसते जेल जाऊंगा. उधर, फैसले से पहले बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार हाजी महबूब ने बाबरी विध्वंस के आरोपियों को सजा देने की कोर्ट से अपील की है. हाजी महबूब का दावा है कि घटना के दिन आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और विनय कटियार मौजूद थे. इसलिए सभी आरोपियों को सजा मिली चाहिए.





फांसी हो या उम्रकैद, यह मेरा सौभाग्य- वेदांती
इससे पहले पूर्व सांसद और राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रामविलास दास वेदांती ने कहा कि यदि कोर्ट इस मामले में उन्हें उम्रकैद या फांसी की सजा भी देती है तो उन्हें मंजूर होगा. उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को लखनऊ के सीबीआई कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा गया है. कोर्ट पहुंचकर वह आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं. कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह हमें मंजूर होगा.

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वेदांती ने कहा कि हमें इसका गर्व है कि उस मंदिर के खंडहर को हमने तुड़वाया है, जिसकी जिम्मेदारी भी मैंने ली है और 30 सितंबर को आने वाले फैसले का स्वागत करेंगे. इस फैसले में यदि हमें उम्रकैद या फांसी की सजा भी होती है तो इससे बड़ा सौभाग्य नहीं होगा. 30 सितंबर को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है, इसलिए 30 सितंबर को 10 बजे कोर्ट में हाजिर रहूंगा.
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