स्वतंत्रता दिवस: आज भी बदहाल है आजादी के मतवाले रहे चंद्रशेखर आजाद का गांव

उन्नाव जिले के बदरका गांव में आजादी के महानायक चंद्रशेखर आजाद का जन्म हुआ था. भारत माता के इस वीर सपूत को जन्म देने वाली धरती इन दिनों सरकारी उपेक्षा की गवाह बन गई है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 15, 2018, 10:54 AM IST
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Updated: August 15, 2018, 10:54 AM IST
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बदरका गांव में आजादी के महानायक चंद्रशेखर आजाद का जन्म हुआ था. भारत माता के इस वीर सपूत को जन्म देने वाली धरती इन दिनों सरकारी उपेक्षा की गवाह बन गई है.

उन्नाव के बदरका में जन्मे आजाद ने देश को आजाद कराने में अपनी जान दे दी. हुकूमत को उनकी याद स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और उनके जन्मदिवस पर ही आती है. उसके बाद आजाद को याद कर सिर्फ उनके परिजन रोते रहते हैं.

न्यूज़ 18 की टीम बदरका गांव में आजाद की जन्मस्थली पहुंची तो यह सारी हकीकत सामने आई. इस पुण्यस्थली पर रहने वाले लोगों से बात की गई तो पता चला कि सिर्फ खास अवसरों पर ही बड़े नेता, मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी यहां आते हैं, वरना कोई झांकने तक नहीं आता.

आजाद मंदिर से लेकर मूर्ति स्थल, सब जगह बदहाल

 

शिलापट के अलावा बाकी सब का हाल बदहाल. Photo: News 18


यह क्षेत्र भगवंतनगर विधानसभा के अन्तर्गत आता है. यहां के विधायक हृदय नारायण दीक्षित हैं. वर्तमान समय में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हैं. स्थानीय राजन शुक्ला ने चन्द्रशेखर आज़ाद की माताजी का मूर्ति स्थल (पहले उनका घर था) की दशा दिखाई. वहां की तस्वीरें देखकर सभी हैरान हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि आजाद मंदिर, जिसमें चन्द्रशेखर आजाद की मां की मूर्ति लगी हुई है. का हाल बेहाल है. दीवारों का प्लास्टर अंदर लगी ईंटों को दिखा रहा है. राजन शुक्ला का कहना है कि प्रधानमंत्री, मंत्री और नेतागण यहां आये, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया. शुक्ला ने आजाद की जन्मस्थली को किसी के द्वारा गोद लेने की मांग उठाई.

चंद्रशेखर आजाद की मां का प्रतिमा स्थल. Photo: News 18


गांव के ही शम्भू शुक्ला और रोहित अवस्थी बताते हैं कि उन्नाव जनपद के आला अधिकारी तो आजाद के नाम पर बने ट्रस्ट से भी कोई मतलब नहीं रखते. चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति का कोई ध्यान रखने वाला नहीं है. इसकी साफ़-सफाई और पूजा-पाठ में जो खर्च आता है उसको कोई देखने वाला नहीं है. स्थानीय लोगों की मदद से ही यहां पर कभी कोई कार्यक्रम हो पाता है.

(रिपोर्ट: अनुज गुप्ता ) 

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