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उन्नाव गैंगरेप: कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 18, 2019, 11:20 PM IST
उन्नाव गैंगरेप: कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा
कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर उन्नाव गैंगरेप मामले में पीड़िता और उसके परिवार की जान को खतरे के मामले में एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है.

उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) मामले में पीड़िता और उसके परिवार की जान को खतरे को लेकर कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है.

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उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) मामले में पीड़िता और उसके परिवार की जान को खतरे को लेकर कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है. मामले की सुनवाई कर रहे तीस हजारी कोर्ट के जज धर्मेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है.

कोर्ट ने पूछा है कि पीड़िता और उसके परिवार को किसी सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित करने के लिए क्या बंदोबस्त किए जा सकते हैं? कोर्ट ने पूछा है कि पीड़िता, उसकी की मां, दो छोटी बहनों और भाई को उत्तर प्रदेश या किसी पड़ोसी राज्य में किस जगह सुरक्षित रखा जा सकता है? साथ ही कोर्ट ने उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है. मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी.

कुलदीप सेंगर को 11 सितंबर को लाया गया था एम्‍स
उन्‍नाव रेप मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर को 11 सितंबर यानी बुधवार को एम्‍स लाया गया. यहां बनाए गए अस्थायी कोर्ट में कुलदीप का बयान दर्ज कराया गया. सेंगर के साथ ही आरोपी शशि सिंह को भी यहां लाया गया था. सुनवाई के दौरान बंद कोर्टरूम में रेप पीड़ि‍ता (Rape Victim) का बयान भी दर्ज करवाया गया.

सेमिनार हॉल में बनाया गया है कोर्ट
बता दें कि एम्स के जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर की पहली मंजिल पर सेमिनार हॉल (Seminar Hall) में यह कोर्ट (Court) बनाया गया है, जहां 11 सितंबर से पीड़िता के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई. जिला जज धर्मेश शर्मा भी अस्‍थाई कोर्ट में बयान दर्ज करने के लिए सुबह 11 बजे यहां पहुंचे थे.

पीड़ि‍ता और आरोपी का नहीं होगा आमना-सामना
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दिल्‍ली हाईकोर्ट के आदेशानुसार इस बात की पूरी व्‍यवस्‍था की गई है कि अस्थायी कोर्टरूम में आरोपी विधायक और रेप पीड़‍िता का आमना-सामना न हो. उन्नाव रेप पीड़िता के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया बंद कमरे में हो रही है. इस दौरान किसी भी प्रकार की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की मनाही है. इसके लिए कोर्ट ने एम्स प्रशासन को निर्देश दिए हैं. वहीं सुनवाई के दौरान सेमिनार हॉल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी बंद हैं.

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First published: September 18, 2019, 11:09 PM IST
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