उन्नाव गैंगरेप: दिल्ली की अदालत ने शुरू की मामले की सुनवाई

दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने शुक्रवार को उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) पीड़िता के मामले की सुनवाई शुरू कर दी है. यह वारदात 2017 की है. जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने अभियोजन पक्ष के गवाह का बयान रिकॉर्ड करने का काम पूरा कर लिया.

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Updated: August 16, 2019, 10:43 PM IST
उन्नाव गैंगरेप: दिल्ली की अदालत ने शुरू की मामले की सुनवाई
उन्नाव गैंगरेप: दिल्ली की अदालत ने शुरू की मामले की सुनवाई. (फाइल फोटो)
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Updated: August 16, 2019, 10:43 PM IST
दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने शुक्रवार को उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) पीड़िता के मामले की सुनवाई शुरू कर दी है. यह वारदात 2017 की है. जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने अभियोजन पक्ष के गवाह का बयान रिकॉर्ड करने का काम पूरा कर लिया. इस मामले में भाजपा से बर्खास्त किए गए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मुख्य आरोपी हैं. अदालत बाकी गवाहों के भी बयान सोमवार को दर्ज कराएगी.

इससे पहले अदालत ने मीडिया को सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का नाम, उनका पता, उनके परिवार का पता, गवाहों के नाम और कुछ निश्चित अन्य चीजों का जिक्र खबरों में नहीं करने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि मीडिया को किसी भी गवाह के बयान को पूरी तरह या आंशिक रूप से रिपोर्ट नहीं करना चाहिए. साथ ही जांच के दौरान सबूतों की सराहना या फिर मामले में किसी भी तरह से टिप्पणी से भी बचना चाहिए. अदालत ने भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर के खिलाफ नौ अगस्त को आरोप तय कर दिए.

जानबूझकर आरोपियों के रूप में नहीं लिया सेंगर और उनके भाई का नाम
इससे पहले 10 अगस्त को उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) पीड़िता के वकील ने दिल्ली की अदालत को शनिवार को बताया था कि पीड़िता के पिता की हत्या मामले में सीबीआई (CBI) ने ‘जानबूझकर’ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) और उसके भाई का नाम आरोपियों के रूप में नहीं लिया.

सीबीआई ने आरोप से किया इनकार
उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई पूरी किए जाने की समय सीमा 45 दिन तय की थी और इसी के अनुपालन में दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति से अदालत के अवकाश पर जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने विशेष सुनवाई की और इस दौरान यह दलील दी गई. सीबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ लोक अभियोजक अशोक भारतेन्दु ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि जांच अधिकारी (आईओ) ने मामले में पूरी निष्पक्षता के साथ सबूत इकट्टा किए हैं और उनकी ओर से कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था.

न्यायिक हिरासत में हो गई थी गैंगरेप पीड़िता के पिता की मौत
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सुनवाई के दौरान न्यायालय को जांच अधिकारी ने बताया कि बलात्कार पीड़िता की मां और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई थी. मामले में केन्द्रीय एजेंसी ने जिन तीन पुलिस अधिकारियों के नाम आरोपियों के रूप में लिए हैं उनमें माखी के तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक सिंह भदौरिया, उप निरीक्षक कामता प्रसाद और कॉन्स्टेबल आमिर खान शामिल हैं. वे अभी जमानत पर हैं. अन्य आरोपियों में शैलेन्द्र सिंह, विनीत मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, शशि प्रताप सिंह और राम शरण सिंह शामिल हैं. बलात्कार पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी.
(भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: August 16, 2019, 10:06 PM IST
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