उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट: विधायक कुलदीप और उसके भाई समेत 25 पर हत्या की FIR

उन्नाव रेप पीड़िता के चाचा की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का भी नाम दर्ज है. विधायक के भाई मनोज सेंगर और रिंकू पर भी नामजद एफआईआर दर्ज की गई है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 29, 2019, 5:50 PM IST
उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट: विधायक कुलदीप और उसके भाई समेत 25 पर हत्या की FIR
रेप पीड़िता के चाचा ने दर्ज कराई MLA कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 अन्य पर FIR. (फाइल फोटो)
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Updated: July 29, 2019, 5:50 PM IST
उन्नाव रेप पीड़िता के चाचा की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का भी नाम दर्ज है. विधायक के भाई मनोज सिंह सेंगर और रिंकू पर भी नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई मनोज सिंह समेत कुल 25 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है.

आईपीसी की धारा 302, 307, 506, 120B के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है. मुकदमे में कुलदीप सिंह सेंगर, मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र, हरिपाल मिश्र, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह और एडवोकेट अवधेश सिंह समेत 15-20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है.

सड़क हादसे के बाद जहां एक ओर विपक्षी पार्टियां प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही हैं, वहीं पीड़िता के परिजन भी इसे हादसा नहीं मानते. उनका आरोप है कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के इशारे पर ही इस घटना को अंजाम दिया गया है.

यह है मामला

उन्नाव के विधायक कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता, परिजनों समेत रविवार को रायबरेली में हादसे का शिकार हो गई. कार और ट्रक की टक्कर में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि हादसे में वकील महेंद्र सिंह चौहान और रेप पीड़िता की हालत गंभीर है. वहीं प्रशासन ने ऐलान किया है कि दुर्घटना में घायल दोनों लोगों (रेप पीड़िता और उसके वकील) के इलाज के लिए राज्य सरकार सभी चिकित्सा खर्च वहन करेगी. बता दें, घायलों का किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है.

'विधायक की साजिश- पीड़िता और गवाह की हत्या'
पीड़िता की बहन का कहना है कि उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही थीं. उनके ऊपर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था. विधायक की साजिश थी कि पीड़िता और गवाह की हत्या कर मामले को ही खत्म कर दिया जाए. उनकी मांग है कि दुर्घटना मामले की जांच सीबीआई से हो. इस बीच रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा ने लिखित तहरीर देते हुए इस मामले को भी मुख्य मामले के साथ जोड़कर सीबीआई को जांच सौंप दी जाए. हालांकि इस मामले में अभी तक विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके परिवारवालों की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन इस सड़क हादसे के बाद सीतापुर जेल में बंद विधायक कुलदीप सिंह सेंगर फिर चर्चा के केंद्र में हैं.
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कौन हैं कुलदीप सिंह सेंगर?
मूल रूप से फतेहपुर जिले के रहने वाले बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की माखी गांव में तूती बोलती है. वे उन्नाव के अलग-अलग विधानसभा सीटों से चार बार से लगातार विधायक बने हैं. उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के सराय थोक पर उनका ननिहाल है. वह यहीं आकर बस गए. कुलदीप सेंगर ने यूथ कांग्रेस से राजनीति की शुरूआत की और 2002 में भगवंतनगर से बीएसपी के टिकट पर विधायक बने. इसके बाद 2007 और 2012 में सपा के टिकट पर चुने गए. इसके बाद 2017 में बांगरमऊ से बीजेपी के टिकट पर चुनकर विधानसभा पहुंचे.

यूपी की सियासी हवा को भांपने में माहिर हैं सेंगर 
कुलदीप सिंह सेंगर के बारे में कहा जाता है कि वे यूपी की सियासत की हवा का रुख भांप लेते हैं. 1996 के चुनावों में 10 हजार वोटों से हारी हुई उन्नाव सदर की सीट से मायावती ने कुलदीप को उम्मीदवार बना दिया. इस चुनाव में कुलदीप ने कांग्रेस के प्रत्याशी शिव पाल को करीब चार हजार वोट से मात दे दी. इसके बाद से ही कुलदीप की छवि बाहुबली की बननी शुरू हो गई थी. इसके बाद 2007 में सपा के साथ हो लिए. सपा के टिकट पर वे 2012 में भी चुनाव जीत गए. लेकिन सपा का माहौल खराब हुआ तो 2017 में बीजेपी का झंडा पकड़ विधायक बन गए.

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First published: July 29, 2019, 4:59 PM IST
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