उन्नाव गैंगरेप: कुलदीप सेंगर के खिलाफ प्रोटेक्शन वारंट जारी, सोमवार से होगी सुनवाई

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट के जज धर्मेश शर्मा उन्नाव गैंगरेप से जुड़े सभी मामले की सुनवाई करेंगे. शर्मा उस समय चर्चा में आए थे जब अपने एक फैसले में उन्होंने मानसिक क्रूरता को तलाक का एक आधार बताया था.

Sushil Pandey | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 3, 2019, 7:04 PM IST
उन्नाव गैंगरेप: कुलदीप सेंगर के खिलाफ प्रोटेक्शन वारंट जारी, सोमवार से होगी सुनवाई
दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में होगी उन्नाव गैंगरेप से जुड़े मामलों की सुनवाई
Sushil Pandey | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 3, 2019, 7:04 PM IST
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ प्रोटेक्शन वारंट जारी किया है. यह वारंट तीस हजारी कोर्ट ने 5 अगस्त के लिए जारी किया है. उन्नाव गैंगरेप से जुड़े मामले पर सोमवार से सुनवाई होगी.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव गैंगरेप के सभी मामले दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिए थे. इन मामलों में से गैंगरेप पीड़िता की सड़क दुर्घटना के मामले की सुनवाई के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है. तीस हजारी कोर्ट में जज धर्मेश शर्मा अब इन मामलों की सुनवाई करेंगे. उन्नाव गैंगरेप मामले के अलावा, धर्मेश शर्मा पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले की भी सुनवाई करेंगे, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों से सवाल किया था.

इसलिए 15 दिन बाद दिल्ली शिफ्ट होगा ये केस
दरअसल सड़क दुर्घटना वाले मामले की जांच के लिए सीबीआई की टीम उन्नाव में है. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 14 दिन के अंदर अपनी जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है. जांच में विलंब न हो इसलिए सीबीआई ने कोर्ट से इस मामले को तत्काल दिल्ली ट्रांसफर न करने की मांग की थी. इसी मांग को मानते हुए कोर्ट ने इस मामले में 15 दिन का समय दिया है.

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सड़क हादसे में घायल गैंगरेप पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है


कौन हैं जज धर्मेश शर्मा
तीस हजारी कोर्ट में जज धर्मेश शर्मा अब उन्नाव गैंगरेप से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई करेंगे. धर्मेश शर्मा दिल्ली के अदालती हलकों में जाना माना नाम हैं. वे इससे पहले दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) में भी रह चुके हैं. यहां अपने कार्यकाल के दौरान पूर्वोत्तर के लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए उठाए गए उनके कदम चर्चा में रहे.
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चर्चित रहा ये केस
तीस हजारी कोर्ट के एक मामले में उन्होंने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा था कि मानसिक क्रूरता तलाक के लिए एक आधार है, खासकर जब एक साथी ने मानसिक विकार के लिए उपचार प्राप्त करने का तथ्य छिपाया था, ये मामला काफी चर्चा में रहा.

जज धर्मेश शर्मा


जज धर्मेश शर्मा का प्रोफाइल
9 जून 1963 को दिल्ली में पैदा हुए शर्मा ने 1984 में दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से उन्होंने बीकॉम ऑनर्स और 1987 में एलएलबी किया. अक्टूबर 1992 में उन्हें दिल्ली न्यायिक सेवा के कैडर में नियुक्त किया गया. 2001 में धर्मेश शर्मा ने अपना एलएलएम पूरा किया.

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First published: August 3, 2019, 6:22 PM IST
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