यूपी के इस शहर से पीएम नरेंद्र मोदी को मिला गरीब कल्याण रोजगार योजना का आइडिया
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यूपी के इस शहर से पीएम नरेंद्र मोदी को मिला गरीब कल्याण रोजगार योजना का आइडिया
पीएम नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की. (फाइल फोटो).

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रोज़गार अभियान के पीछे उत्तर प्रदेश के एक बड़े शहर उन्नाव में हुई एक घटना है. पीएम ने बताया की मीडिया के माध्यम से इस घटना की जानकारी उन्हें मिली.

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दिल्ली. देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान (Pradhan Mantri Garib Kalyan Rojgar Abhiyan) की शुरुआत की है. पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , प्रधानमंत्री कल्याण रोजगार अभियान का शुभारंभ कर रहे थे, तक उन्होंने एक बड़े राज की बात बताई. उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि इस अभियान का आइडिया आखिर उन्हें आया कहा से है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रोज़गार अभियान के पीछे उत्तर प्रदेश के एक बड़े शहर उन्नाव (Unnao) में हुई एक घटना है.  पीएम ने बताया की मीडिया के माध्यम से इस घटना की जानकारी उन्हें मिली. पीएम मोदी ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से कुछ मजदूर उन्नाव वापस लौटे थे. नियमों की वजह से सभी को कुछ दिनों के लिए उन्नाव के एक सरकारी स्कूल के क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था. इस सरकारी स्कूल की हालत बहुत जीर्ण शीर्ण थी, लेकिन वहां जो मजदूर रहने के लिए आए थे वे सभी काफी हुनरमंद थे. अपने हुनर के दम पर वहां रह रहे मजदूरों ने उस स्कूल का काया कल्प कर दिया. कुछ मजदूर अच्छे पेंटर थे, जिन्होंने अपने हूनर से स्कूल का रंग रोगन कर दिया.

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ऐसे मिली पीएम मोदी को अभियान की प्रेरणा
पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि इस घटना से वे इतना प्रभावित हुए की उन्होंने ठाना कि इन्हें उनके ही गांव में रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएं, क्योंकि प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती. जो आज तक शहरों को चमका रहे थे, वे अगर ठान ले तो अपने गांव का कायाकल्प कर देंगे. अपने गांव में ही प्रवासी मजदूरों को रोजी रोटी की सुविधा मुहैया कराई जाए, इसको लेकर पीएम ने प्रधानमंत्री कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत की है. मालूम हो कि इस योजना के तहत 6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों तक मिशन मोड पर चलाया जाएगा. तकरीबन 90 लाख मजदूरों को सीधे फायदा मिलेगा. फिलहाल, एक जिले में कम से कम 25 हजार मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है. उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और ओडिशा राज्य को अभियान के लिए चुना गया है. ये वो राज्य है जहां पर लॉक-डाउन के दौरान सबसे ज्यादा मजदूर शहरों से अपने गांव लौटे हैं.

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Garib Kalyan Rojgar Abhiyaan की 10 बड़ी बातें-

 

  1. गांवों में रोजगार के लिए, विकास के कामों के लिए करीब 25 कार्यक्षेत्रों की पहचान की गई है. ये 25 काम या प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं, जो गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े हैं, जो गांव के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हैं. ये काम अपने ही गांव में रहते हुए, अपने परिवार के साथ रहते हुए ही किए जाएंगे.


2. मजदूरों को मनरेगा के तहत काम मिलेगा. इसकी दैनिक मजदूरी हाल ही में 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई है. मतलब 125 दिनों में ये 25,250 रुपये कमा लेंगे.

3. यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों/विभागों- ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़क, दूरसंचार और कृषि का एक समन्वित प्रयास होगा.

4. इस अभियान के तहत सरकार ने 6 राज्यों के 116 जिलों की पहचान की है. इन जिलों में करीब 67 लाख प्रवासी मजदूर वापस गए हैं. इन 116 जिलों में बिहार के 32, उत्तर प्रदेश के 31, मध्य प्रदेश के 24, राजस्थान के 22, ओडिशा के 4 और झारखंड के 3 जिले शामिल हैं.

5. गांव में ही कृषि उपज के भंडारण के लिए भंडारागार आदि का निर्माण कराया जाएगा. गांव के नहर आदि में टूट-फूट हो गई हो तो उसे भी ठीक कराया जाएगा.

6. इस योजना के लिए किसी को आवेदन नहीं करना होगा, राज्य और केंद्र सरकार स्वयं इस योजना के लिए प्रवासी मजदूरों का चयन करेंगी.

7. जो मजदूर श्रमिक स्पेशल या राज्य सरकार द्वारा अन्य तरीके से गांव वापस भेजे गए हैं, उनके नाम की सूची पहले से ही सरकार के पास है. उसी सूची के आधार पर उन्हें काम दिलवाया जाएगा.

8. जो मजदूर किसी शहर से पलायन कर पैदल या किसी अन्य साधन से अपने गांव पहुंचे हैं, उनकी सूची भी संबंधित जिला के जिलाधिकारी के पास है. हालांकि ऐसे लोगों को अपना नाम चेक कर लेना चाहिए.

9. रोजगार अभियान में काम कराने से लेकर मजदूरी के भुगतान का काम, सब राज्य सरकार के अधिकारी ही करेंगे.

10. प्रधानमंत्री ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा, 'श्रमेव जयते, आप श्रम की पूजा करने वाले लोग हैं, आपको काम चाहिए, रोजगार चाहिए. इस भावना को सर्वोपरि रखते हुए ही सरकार ने इस योजना को बनाया है, इस योजना को इतने कम समय में लागू किया है.

 
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