लाइव टीवी

उन्नाव जेल के कैदी बनेंगे रेडियो जॉकी, रोजाना 4 घंटे गूंजेंगे तराने

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 16, 2020, 12:30 PM IST
उन्नाव जेल के कैदी बनेंगे रेडियो जॉकी, रोजाना 4 घंटे गूंजेंगे तराने
उन्नाव जेल में रेडियो जॉकी कार्यक्रम की शुरुआत के दौरन डीएम, जेल अधीक्षक व अन्य

जेल अधीक्षक एके सिंह ने कहा कि जिला जेल (District Jail) में प्रदीप रघुनंदन ने नि:शुल्क रेडियो जॉकी कार्यक्रम का आयोजन किया है. इसके पहले वह कई जिलों में कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं. यह बंदियों का कार्यक्रम है, बंदियों के द्वारा ही संचालित किया जाएगा.

  • Share this:
उन्नाव. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में उन्नाव (Unnao) के जिला कारागार (District Jail) में निरुद्ध कैदी और बंदी अब रेडियो जॉकी (Radio Jockey) का किरदार निभाएंगे. यहां संगीत का हुनर रखने वाले बंदी रेडियो जॉकी बनेंगे और कैदी व बंदियों का मनोरंजन कर मानसिक तनाव दूर करने में अहम किरदार निभाएंगे. इस पहल के सारथी डॉ प्रदीप रघुनंदन बने हैं, जो प्रदेश के कई जिलों में बंद बंदियों के आचरण सुधार में अहम भूमिका निभा रहे हैं. मकर संक्रांति के मौके पर उन्नाव जेल में रेडियो जॉकी की शुरुआत की गई. इस अनूठे अभियान की शुरुआत में जेल अधिकारियों व डीएम भी मौजूद रहे. डीएम ने इस कार्यक्रम की सराहना की.

अब रोज उन्नाव जिला कारागार में बंदी रेडियो जॉकी की तरह अपने साथियों की फरमाइश पर गीत प्रस्तुत करेंगे, यही नहीं जेल समाचारों में दिन भर के क्रियाकलापों व मुख्य घटनाओं एव प्रेरक प्रसंगों को भी प्रस्तुत करेगा. अब जेल का अपना रेडियो स्टेशन शुरू हो रहा है और बंदी अपनी इच्छानुसार गानों व शेरो-शायरी का लुत्फ उठा पाएंगे.

जेल सुधार के क्षेत्र में 14 सालों से काम कर रहे डॉ प्रदीप का प्रयास

दरअसल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जेल सुधार के क्षेत्र में 14 वर्षों से काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता व जेल सहायक डॉ प्रदीप रघुनंदन के प्रयासों का इसके पीछे योगदान है. यही कारण है कि अब रेडियो की दुनिया की तरह उन्नाव जेल का अपना रेडियो जॉकी होगा. फिलहाल जो योजना है, उसके तहत रोजाना 4 घंटे रेडियो जॉकी का कार्यक्रम चलेगा.

कैदियों, बंदियों के मानसिक तनाव दूर करने की सोच

प्रदीप कहते हैं कि रेडियो जॉकी के माध्यम से जेल में बंद कैदियों और बंदियों के मानसिक तनाव को दूर करने की सोच है. इसके अलावा संगीत का हुनर रखने वाले बंदी अपनी प्रतिभा को भी निखार सकेंगे. कार्यक्रम में डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि जेल में जेल रेडियो जॉकी का शुभारंभ किया गया है. जेल रेडियो के माध्यम से बंदी व कैदियों को स्वस्थ मनोरंजन मिलेगा और शासकीय योजनाओं की जानकारी व कौशल विकास संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी. जिससे कि बाहरी दुनिया से भी जुड़े रहेंगे. गीत-संगीत से उनके मनो- मस्तिष्क में सकरात्मकता आएगी.

मनोरंजन के साथ स्किल डेवलपमेंट भी होगा: जेल अधीक्षकवहीं जेल अधीक्षक एके सिंह ने कहा कि जिला जेल में प्रदीप रघुनंदन ने नि:शुल्क रेडियो जॉकी कार्यक्रम का आयोजन किया है. इसके पहले वह कई जिलों में कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं. यह बंदियों का कार्यक्रम है, बंदियों के द्वारा ही संचालित किया जाएगा. उन्हीं के लाभ के लिए होगा. इससे बंदियों में स्ट्रेस कम होगा और मनोरंजन भी होगा. विधिक जानकारी के साथ ही स्किल भी डेवलप होगी. बंदियों व कैदियों की लिए जो नए डेवलपमेंट के दिशा निर्देश आते हैं, उसके बारे में भी अवगत कराया जाएगा. जो बंदी दिन भर तनाव में रहता है, मनोरंजन के माध्यम से तनाव कम होगा.

बंदियों को भी मिलेगी अभिव्यक्ति की छूट

जल्द ही बंदियों को अपनी अभिव्यक्ति सभी के बीच में रखने की छूट भी दी जाएगी. अनुभव बता सकता है. जिला जेल की प्रतिदिन की गतिविधियों के बारे में भी अवगत करा सकता है. जिला प्रशासन ने रेडियो जॉकी कार्यक्रम की काफी सराहना की. पूरे दिन में बंदियों के बीच 4 घंटे रेडियो जॉकी का कार्यक्रम होगा. इस रेडियो जॉकी कार्यक्रम में जेल के बंदी ही रेडियो जॉकी का किरदार निभाएंगे.

ये भी पढ़ें:

ग्रेटर नोएडा: 7 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म, आरोपी किशोर युवक फरार

बस्ती: मालगाड़ी के डिब्बे पलटने से 12 घंटे से गोरखपुर रूट ठप, कई ट्रेनें फंसीं

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए उन्नाव से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 16, 2020, 12:29 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर