SC/ST Act पर बोलीं मीरा कुमार, 'सभी अच्छी चीजों का विरोध होता है'

मीरा कुमार ने कहा कि बहुत सालों से एससी-एसटी तबके पर जुर्म बढ़ते ही रहे हैं, कम नहीं हुए हैं. जिसके बाद सर्वसम्मति से राय बनी कि जो इसका मूल स्वरूप है उसे बरकरार रखा जाए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 4, 2018, 5:57 PM IST
SC/ST Act पर बोलीं मीरा कुमार, 'सभी अच्छी चीजों का विरोध होता है'
मीरा कुमार(Photo: Reuters)
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Updated: September 4, 2018, 5:57 PM IST
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एससी-एसटी एक्ट संशोधन विधेयक के संसद में पास होने पर यूपी, मध्यप्रदेश और राजस्थान में सवर्ण संगठन इसका जबरदस्त विरोध कर रहे हैं. सवर्णों के इस विरोध प्रदर्शन पर पूर्व लोक सभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मीरा कुमार ने कहा कि सभी अच्छी चीज का विरोध होता है.

उन्नाव पहुंची मीरा कुमार ने कहा, "हम सब यही चाह रहे थे कि इसका जो मूलरूप था वो बरकरार कर दिया जाए और वो हो गया है. सभी अच्छी चीजों का विरोध होता है. इस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है."

मीरा कुमार ने कहा कि बहुत सालों से एससी-एसटी तबके पर जुर्म बढ़ते ही रहे हैं, कम नहीं हुए हैं. जिसके बाद सर्वसम्मति से राय बनी कि जो इसका मूल स्वरूप है, उसे बरकरार रखा जाए.

बता दें, यूपी के वृन्दावन में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा ने 6 सितम्बर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा के चिन्मय भरद्वाज ने सोमवार को फैजाबाद में कहा कि करीब दो लाख सवर्ण 6 सितम्बर को सड़कों पर उतरेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में उसी दल को समर्थन किया जाएगा जो इस एक्ट में बदलाव का आश्वासन देगा.

उधर दलित चिन्तक अनुभव चक कहते हैं, "एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद संसद जो संशोधन किया गया है. उसे लेकर विघटनकारी शक्तियां भ्रम पैदा कर रही हैं. चुनाव से पहले समाज को बांटने की साजिश है. यह कानून पहले भी था और आज भी है. इसमें कुछ भी नया नहीं हुआ है. लेकिन अफवाह इस तरह फैलाई जा रही है कि जैसे ही एफआईआर दर्ज होगी गिरफ्तारी हो जाएगी. लेकिन आज भी तमाम उदहारण है जहां दलितों का उत्पीड़न हो रहा है और पुलिस मामले को रफा-दफा करने में जुट जाती है."

अनुभव चक ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट को लेकर जो अफवाह फ़ैल रही है उससे आने वाले समय में समाज के बीच एक बड़ी खाई पैदा होगी. यह स्थिति देश और समाज के लिए हितकारी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जब संविधान बनाया तो यह बात कही थी कि कानून चाहे जितना अच्छा बना लें, लेकिन अगर उसका अनुपालन ईमानदारी से नहीं होगा तो वह किसी काम का नहीं. यह जरूर है कि 2 से 3 प्रतिशत मामले ऐसे होते हैं जहां गलती हो सकती है. लेकिन सवर्णों का यह विरोध सिर्फ अफवाहों पर ही आधारित है.

(रिपोर्ट: अनुज गुप्ता)
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