KBC में पहुंची नूपुर की कहानी, बचपन में डॉक्टरों ने फेंक दिया था कूड़ेदान में...

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 27, 2019, 6:51 PM IST
KBC में पहुंची नूपुर की कहानी, बचपन में डॉक्टरों ने फेंक दिया था कूड़ेदान में...
KBC में पहुंची नूपुर की कहानी

उन्नाव के जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर बीघापुर तहसील के छोटे से गांव कपूरपुर निवासी किसान रामकुमार सिंह व गृहणी कल्पना सिंह की बेटी नूपुर सिंह चौहान की दास्तां जितनी दुखभरी है.

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव के बेहद सामान्य परिवार में जन्मी एक दिव्यांग बेटी नुपूर चौहान की कहानी में बहुत अलग है. बता दें कि पैदा होने के बाद जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर फेंक दिया था, वो आज अपने दम पर जिंदगी में कुछ कर गुजरने के हौसले के सहारे हर दिन सभी को अपना मुरीद बना रही है. दिव्यांग नूपुर ने टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट तक पहुंचकर,12 सवालों के सही जवाब देकर 12.50 लाख रुपये जीतकर अपने हौसले व मजबूत इच्छा शक्ति की मिशाल पेशकर आज मां-बाप का ही नहीं देश स्तर पर गांव की पहचान बन चुकी है.

नूपुर सिंह चौहान की दास्तां
उन्नाव के जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर बीघापुर तहसील के छोटे से गांव कपूरपुर निवासी किसान रामकुमार सिंह व गृहणी कल्पना सिंह की बेटी नूपुर सिंह चौहान की दास्तां जितनी दुखभरी है, उतनी ही हर किसी को प्रेरित करने वाली भी. आज से 29 साल पहले कानपुर के एक अस्पताल के डॉक्टरों ने सीजर ऑपरेशन के बाद जिस नुपूर चौहान को पैदा होते ही मृत घोषित कर कूड़ेदान में फेंक दिया था.

हौसले और जज्बे से पहुंचीं केबीसी की हॉट सीट तक
हौसले और जज्बे से पहुंचीं केबीसी की हॉट सीट तक


डॉक्टरों की लापरवाही
वही नुपूर आज अपनी मौसी की समझदारी से परिवार का मान व अभिमान बनी है. लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही ने नूपुर को पैरों से दिव्यांग बना दिया. फिर भी बड़े दिल वाली नुपूर ने कहा कि डॉक्टरों की कोई गलती नहीं है. इंटरमीडिएट परीक्षा मेरिट में पास करने के साथ ही, 2016 में पहले ही प्रयास में बीएड प्रवेश परीक्षा भी पास की. जन्म से मुश्किलों का सामना कर जीवन के हर मोड़ पर हिम्मत से संघर्ष करने का बुलंद हौसला रखने वाली उन्नाव की बेटी नुपूर चौहान अब परिवार का ही नहीं गांव का भी अभिमान है.

नूपर की मां कल्पना सिंह
नूपर की मां कल्पना सिंह

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नागरिक अभिनंदन
बेटी की उपलब्धि पर बाला जी नव युवक सेवा समिति भगवंतनगर ने नागरिक अभिनंदन कर हौसले की सच्ची मिसाल बनी लाडली बेटी का सम्मान कर हांथो हांथ लिया. हर किसी ने नुपूर के पैर छूकर उसके आत्मबल को सलाम किया. नूपर की मां कल्पना सिंह ने बताया कि नूपर एक मेधावी छात्रा होने के साथ ही शिक्षक भी हैं, और 30 से अधिक प्ले ग्रुप व 10 वीं क्लास के बच्चों को निशुल्क पढ़ाकर शिक्षा का उजियारा भी फैला रही है.

(रिपोर्ट: अनुज गुप्ता)

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First published: August 27, 2019, 5:07 PM IST
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