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किसान आंदोलन पर बोले साक्षी महाराज- कृषि कानूनों का विरोध नहीं, CAA, NRC और 370 का छलक रहा दर्द

उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज
उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज

Unnao News: साक्षी महाराज ने कहा कि सारे देश में आंदोलन केवल दो-तीन जगह हो रहा है, पंजाब से लोग आ रहे हैं सिंधु बॉर्डर पर और हरियाणा के बॉर्डर पर राजस्‍थान से लोग आ रहे हैं. दोनों जगह ही कांग्रेस की सरकार है,

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उन्नाव. बीजेपी (BJP) के फायर ब्रांड नेता और उन्नाव (Unnao) से सांसद साक्षी महाराज (Sakshi Maharaj) अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. साक्षी महाराज ने मंगलवार को अपने जन्मदिन के मौके पर भी बड़े बयान दे डाले. साक्षी महाराज ने कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन को लेकर कहा कि किसान तो खेतो में काम कर रहा है. प्रदर्शन करने वालों में कुछ भटके हुए किसान हैं. कुछ लोग किसान नहीं, बल्कि बड़े व्‍यापारी हैं. उन्होंने अखिलेश यादव पर निशान साधते हुए कहा कि कभी अखिलेश राम भक्त होने का प्रदर्शन करते हैं तो कभी राम विरोधी होने का. वह सही रास्ते पर चल नहीं सकते, लेकिन उन्हें सही रास्ते पर ही चलना चाहिए. सही मार्ग ही कल्याणकारी होता है.

साक्षी महाराज ने कृषि कानूनों के विरोध में किये जा रहे किसानों के प्रदर्शन को लेकर कहा कि सही बात तो यह है किसान खेत में काम कर रहा है. अगर आपको किसान देखना है तो गंज मुरादाबाद में किसान सम्मेलन है, आप चलिए मैं दिखाऊंगा आपको. किसान खेतों में काम कर रहा है और जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उनमें कुछ भटके हुए किसान हैं और कुछ लोग किसान नहीं बहुत बड़े व्यापारी हैं. कोई 500 बीघे का जोतेदार है तो कोई 1000 बीघे का. ऐसे ही लोगों के पेट में दर्द है. सारे देश में आंदोलन केवल दो-तीन जगह हो रहा है. पंजाब से लोग आ रहे हैं सिंधु बॉर्डर पर, हरियाणा के बॉर्डर पर आ रहे हैं राजस्थान से, क्योंकि दोनों जगह ही कांग्रेस की सरकार है. भाजपा सांसद ने कहा कि विरोध कृषि कानूनों का नहीं है, बल्कि निशाना कहीं है और इरादे कुछ और हैं. यह दर्द CAA-NRC का है. अनुच्‍छेद 370 हटाने का दर्द है और जो अयोध्या में प्रभु श्री राम का मंदिर बन रहा है उसका दर्द है. साक्षी महाराज ने कहा कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोच रही है, वरना किसान तो खेतों में काम कर रहा है.

अखिलेश पर भी निशाना 
साक्षी महाराज ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि अखिलेश जी पढ़े लिखे व्यक्ति हैं, मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता उनके लिए. लेकिन, उनकी स्थिति भी दिग्भ्रमित जैसी है. अखिलेश जी कभी साधू महात्माओं के यहां जाते हैं, कभी राम भक्त होने का प्रदर्शन करते हैं तो कभी राम विरोधी होने का प्रदर्शन करते हैं. उनकी समझ में नहीं आता कि रास्ता कौन सा है. हम अखिलेश से विनम्र आग्रह करेंगे की रास्ता तय कर लें कि उन्हें राम के मार्ग पर चलना है या रावण के मार्ग पर.
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