उन्नाव केस: जब पीड़िता बोली- BJP विधायक को भाई कहती थी, कई बार रेप के बाद दूसरे को भी बेचा

पीड़िता ने बताया कि उसे धमकी मिली थी कि अगर उसने किसी के सामने अपना मुंह खोला, तो उसके पिता और पूरे परिवार को मार डाला जाएगा. पीड़िता ने पूरी घटना बताई है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 28, 2019, 10:39 PM IST
उन्नाव केस: जब पीड़िता बोली- BJP विधायक को भाई कहती थी, कई बार रेप के बाद दूसरे को भी बेचा
उन्नाव रेप केस की पीड़िता BJP सांसद को कहती थी भाई
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Updated: July 28, 2019, 10:39 PM IST
उन्नाव रेप केस की पीड़िता एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई है. पीड़िता अपने परिजनों के साथ रायबरेली जेल में बंद चाचा से मिलने जा रही थी. इस दौरान ट्रक और कार की भिड़ंत हो गई. इस घटना में पीड़िता की मौसी और चाची की मौत हो गई है. वहीं पीड़िता को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. पीड़िता खतरे से बाहर है. बता दें कि इस रेप केस में बीजेपी के नेता कुलदीप सेंगर को आरोपी बनाया गया है.

अब हम आपको पीड़िता का वो बयान बताने जा रहे हैं जिसमें उसने अपने उपर हुए एक-एक जुल्म के बारे में बताया. उसने बताया था कि कैसे जिसे वो भाई मानती थी उसी बीजेपी विधायक ने उसकी इज्जत को तार-तार कर दिया.

उन्नाव के मखी गांव में दोनों परिवार आमने-सामने रहता है. रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता का दावा है कि वह कुलदीप सेंगर के एमएलए भईया कहकर बुलाती थी. विधायक ने कई बार उसके साथ रेप किया और फिर उसे दूसरे को बेच दिया.

मिली थी पूरे परिवार को मारने की धमकी

एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि उसे धमकी मिली थी कि अगर उसने किसी के सामने अपना मुंह खोला, तो उसके पिता और पूरे परिवार को मार डाला जाएगा. पीड़िता ने पूरी घटना बताई है.

पीड़िता ने बताया था,
'हम सब उन्हें भईया कहते थे. हमारे बड़े पापा (ताउजी) उनके साथ थे. कभी-कभी वो (एमएलए) घर आते शे और दादी से कहते थे कि अंडा फ्राई करके खिलाओ. दादी उन्हें बड़े प्यार से अंडा बना कर खिलाती थीं.'


पीड़िता ने बताई पूरी घटना
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पीड़िता के मुताबिक, जून 2017 से पहले तक आरोपी विधायक के साथ उसके परिवार के बहुत अच्छे संबंध थे. विधायक ने उसे 'नौकरी देने' की बात कहकर अपने घर बुलाया था. वह अपने एक रिश्तेदार के साथ आरोपी विधायक के घर गई, जिसके बाद वो घटना हुई."

पीड़िता ने बताया,
'4 जून 2017 का दिन था. मुझे कमरे में जाने को बोला गया. जहां मेरे साथ रेप हुआ. मुझे धमकी दी गई कि अगर मैंने किसी को इस बारे में कुछ भी बताया तो मेरे पिता और परिवार की हत्या कर दी जाएगी. मैंने इस बारे में तब किसी को कुछ नहीं बोला. लेकिन, 11 जून को मुझे किडनैप कर लिया गया." पीड़िता के मुताबिक, "किडनैपिंग के बाद उसके साथ गैंगरेप हुआ. फिर उसे किसी को बेच दिया गया. जहां से पुलिस को वह बरामद हुई.'


पहले चाची को सुनाई आपबीती
पीड़िता के मुताबिक, 'जब वह घर लौटी तो उसे घरवालों ने एक रिश्तेदार के पास दिल्ली भेज दिया. दिल्ली में पहली बार उसने अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने चाचा को जानकारी पूरे मामले की जानकारी दी.'

पीड़ित ने बताया, '17 अगस्त 2017 को मैं और चाचा लखनऊ गए. वहां सीएम योगी आदित्यनाथ के घर पर अपनी अर्जी दी. लेकिन, सीएम ने हमारी अर्जी किसी और शख्स को सौंप दी और कुछ नहीं बोले." पीड़िता के मुताबिक, जब सीएम योगी ने मिलने को लेकर कुछ नहीं कहा, तो उसके परिवार ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, यूपी डीजीपी को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी.'

पुलिसवालों ने दी नसीहत- विधायक जी को इन सबमें मत लेकर आओ
पीड़िता का कहना है कि इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ. उसके मुताबिक, पुलिसवालों ने उसे सलाह दी कि मामले में विधायक जी को मत लेकर आओ. जब उसने अपने पिता के साथ मारपीट की खबर सुनी, तो सीएम योगी से मिलने के लिए लखनऊ पहुंची. लेकिन, इस बार भी सीएम से मुलाकात नहीं हो पाई.

बता दें, पीड़िता के पिता को पुलिस ने कस्टडी में ले लिया था. जहां कथित तौर पर उनके साथ मारपीट हुई. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में दाखिल किया गया. इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
First published: July 28, 2019, 10:00 PM IST
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