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उन्नाव गैंगरेप कांड: कुलदीप सेंगर के खिलाफ सोमवार को फैसला सुनाएगी अदालत

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 15, 2019, 9:07 PM IST
उन्नाव गैंगरेप कांड: कुलदीप सेंगर के खिलाफ सोमवार को फैसला सुनाएगी अदालत
उन्नाव गैंगरेप के मामले में दिल्ली की अदालत 16 दिसंबर को फैसला सुनाएगी. इस मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मुख्य आरोपी हैं.

दिल्ली की एक अदालत 16 दिसंबर को उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) मामले में फैसला सुनाएगी. इस मामले में बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) मुख्य आरोपी हैं.

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नई दिल्ली. उन्नाव गैंगरेप (Unnao Gangrape) के मामले में दिल्ली की एक अदालत सोमवार 16 दिसंबर को फैसला सुनाएगी. इस मामले में भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) मुख्य आरोपी हैं. पार्टी से निष्कासित भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर 2017 अपहरण और बलात्कार करने का आरोप है.

कैमरे के सामने चली थी कार्यवाही
कैमरे के सामने चलने वाली कार्यवाही में जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने कहा था कि वह मुकदमे में सीबीआई और आरोपी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 16 दिसंबर को फैसला सुना सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुकदमे को लखनऊ से दिल्ली स्थानांतरित किए जाने के बाद न्यायाधीश ने 5 अगस्त से प्रतिदिन मुकदमे की सुनवाई की थी. सेंगर पर महिला को 2017 में नाबालिग रहते हुए कथित रूप से अगवा कर उसके साथ बलात्कार करने का आरोप है.


कोर्ट ने सह आरोपी शशि सिंह पर भी तय किए हैं आरोप
अदालत ने सह आरोपी शशि सिंह पर भी आरोप तय किए हैं. उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ से चार बार विधायक रहे सेंगर को अगस्त 2019 में भाजपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.पीड़िता के चाचा का बयान दर्ज कर चुकी है दिल्ली की एक अदालत
इससे पहले दिल्ली की अदालत ने उन्नाव रेप केस की पीड़िता के चाचा का बयान 28 अगस्त 2019 को दर्ज किया था. पीड़िता के चाचा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें यूपी की एक जेल से लाकर दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है. उन्हें 19 साल पुराने एक मामले में दोषी ठहराया गया था और 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी.

जानबूझकर आरोपियों के रूप में नहीं लिया सेंगर और उनके भाई का नाम
इससे पहले 10 अगस्त को उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के अधिवक्ता ने दिल्ली की एक अदालत को बताया था कि पीड़िता के पिता की हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ‘जानबूझकर’ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई का नाम आरोपियों के रूप में नहीं लिया.

सीबीआई ने किया था आरोप से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी किए जाने की समय-सीमा 45 दिन तय की थी और इसका पालन करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति से कोर्ट के अवकाश पर भी जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने इस मामले में विशेष सुनवाई की थी और उसी दौरान यह दलील दी गई थी. सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक अशोक भारतेन्दु ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा था कि जांच अधिकारी (आईओ) ने मामले में पूरी निष्पक्षता के साथ सबूत इकट्टा किए हैं और उनका कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था.

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First published: December 15, 2019, 8:51 PM IST
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